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'बधाईयां दोनों को फिर जिम्मेदारी अकेले मां की क्यों' राघव चड्ढा ने की पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग

AAP सांसद राघव चड्ढा इन दिनों काफी चर्चा में है. राज्यसभा में उन्होंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से रखा. इस बार उन्होंने पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की है.

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31 Mar 2026
( Updated: 31 Mar 2026
05:00 PM )
'बधाईयां दोनों को फिर जिम्मेदारी अकेले मां की क्यों' राघव चड्ढा ने की पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग
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देश में पितृत्व अवकाश (पैटरनिटी लीव) को कानूनी अधिकार बनाने की मांग तेज होती जा रही है. कोर्ट में भी इस मुद्दे की गूंज कई बार सुनाई दी है. अब आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने संसद में यह मुद्दा उठाया है. 

राघव चड्ढा ने कहा, भारत में केयरगिविंग की जिम्मेदारी सिर्फ मां पर डालना एक बड़ी सामाजिक और कानूनी कमी है. जब किसी बच्चे का जन्म होता है, तो बधाई माता-पिता दोनों को मिलती है, लेकिन उसकी देखभाल की जिम्मेदारी पूरी तरह से मां पर डाल दी जाती है. उन्होंने इसे 'समाज की विफलता' बताया. 

राघव चड्ढा ने राज्यसभा में क्या कहा? 

उन्होंने कहा कि हमारा सिस्टम सिर्फ मातृत्व अवकाश (मेटरनिटी लीव) को मान्यता देता है, जबकि पिता की भूमिका को नजरअंदाज किया जाता है. उन्होंने संसद में मांग करते हुए कहा कि पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाया जाना चाहिए, ताकि पिता को अपने नवजात बच्चे और पत्नी की देखभाल के लिए नौकरी और परिवार के बीच चुनाव न करना पड़े. 

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राघव चड्ढा ने कहा, ‘एक मां को गर्भावस्था के नौ महीनों के बाद, सामान्य या सिजेरियन डिलीवरी जैसी कठिन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. ऐसे समय में उसे दवाइयों के साथ-साथ अपने पति के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सहयोग की बेहद जरूरत होती है.’

राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने यह भी स्पष्ट किया कि पति की जिम्मेदारी सिर्फ बच्चे तक सीमित नहीं होती, बल्कि पत्नी की देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है. इस समय पति की मौजूदगी कोई लग्जरी नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है. 

प्राइवेट सेक्टर के लिए पैटरनिटी लीव की मांग 

उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि फिलहाल केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ही 15 दिन का पितृत्व अवकाश मिलता है, जबकि निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के पास यह अधिकार नहीं है। भारत की करीब 90 प्रतिशत कार्यबल प्राइवेट सेक्टर में काम करती है, यानी अधिकांश पिता इस सुविधा से वंचित हैं. 

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इन देशों में पैटरनिटी लीव

राघव चड्ढा ने उदाहरण देते हुए कहा कि स्वीडन, आइसलैंड और जापान जैसे देशों में पितृत्व अवकाश 90 दिनों से लेकर 52 हफ्तों तक कानूनी रूप से सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने सरकार से अपील की कि कानून को समाज का आईना होना चाहिए और इसमें यह स्पष्ट दिखना चाहिए कि बच्चे की देखभाल सिर्फ मां की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि माता और पिता दोनों की साझा जिम्मेदारी है. 

यह भी पढ़ें- 'पत्नी नौकरानी नहीं, जीवन साथी है...', सुप्रीम कोर्ट ने तलाक मांग रहे पति को लगाई कड़ी फटकार, जानें पूरा मामला

एक बच्चे के पिता हैं राघव चड्ढा 

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राघव चड्ढा पिछले साल अक्टूबर में पिता बने हैं. वाइफ एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा ने बेटे को जन्म दिया था. कपल ने बच्चे का नाम ‘नीर’ रखा है. राघव चड्ढा राज्यसभा में अक्सर आम आदमी से जुड़े जरूरी मुद्दे उठाते हैं. 

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