Advertisement
छात्र खा रहे थे लाठियां, तब अपनी हरकतों से मजाक उड़ाते रहे विजेता दहिया... अब CJI ने दिखाया बाहर का रास्ता
CJP के तीन चेहरों में से एक रहे विजेता दहिया की प्रवक्ता पद से छुट्टी हो गई है. दहिया का बर्गर खाते और फिर सफाई में असंवेदनशील भाषा का प्रयोग करते एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.
Advertisement
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से विजेता दहिया की छुट्टी हो गई है. सीजेपी ने विजेता दहिया को अपने प्रवक्ता के पद से हटा दिया है. यह फैसला ऐसे वीडियो के सामने आने के बाद लिया गया, जिन्हें पार्टी ने असंवेदनशील आचरण बताया है.
विजेता दहिया के खिलाफ हुई कार्रवाई
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के दौरान विजेता दहिया के कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें उनका व्यवहार पार्टी के मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं पाया गया.
Advertisement
प्रवक्ता पद से विजेता दहिया की छुट्टी
Advertisement
बयान में कहा गया, "हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया की अत्यंत असंवेदनशील हरकतों की कड़ी निंदा करते हैं. ऐसे समय में, जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस हिंसा का सामना कर रही थी, उनका व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य था. यह गंभीर निर्णयहीनता को दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल सिद्धांतों के विपरीत है."
CJP ने अपने बयान में क्या कहा?
Advertisement
पार्टी ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाया जा रहा है. साथ ही उन्हें पार्टी की सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों और दायित्वों से भी मुक्त कर दिया गया है.
बता दें कि 20 जुलाई को जब बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने की कोशिश में लगे हुए थे और इस दौरान लाठीचार्ज भी किया गया. बताया जा रहा है कि इस दौरान विजेता दहिया आंदोलन में नहीं थे. उनका बर्गर खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
हालांकि, दहिया का कहना है कि वह प्रदर्शन खत्म होने के बाद फ्रेश होने के लिए घर गए थे. उन्हें भूख लगी थी इसी कारण बर्गर खा लिया था. इसमें कोई गलत बात नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इस बात पर विवाद प्रदर्शन में शामिल लोग नहीं कर रहे, बल्कि वे लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं, जो इस मार्च में कभी शामिल नहीं हुए.
Advertisement
यह भी पढ़ें
सीजेपी की तरफ से कहा गया है कि 21 जुलाई को भी जंतर-मंतर और उसके आस-पास भारी भीड़ जमा हो गई है. धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा. हम भी मौके पर मौजूद हैं और अपने प्रदर्शनकारियों को कानूनी और मेडिकल मदद दे रहे हैं. हम जरूर जीतेंगे.