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निशु आजाद मामले में CJP का प्रदर्शन, पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव, सौरव दास और रांका का पुलिस पर फूटा गुस्सा
CJP के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग लेकर थाने पहुंचे. उ
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जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है. इस मामले को लेकर दिल्ली में फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है.
CJP के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग लेकर थाने पहुंचे. उन्होंने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर कार्रवाई की मांग की. इस दौरान निशु आजाद भी उनके साथ थी.
स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद कबूला था गुनाह
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CJP का ये प्रदर्शन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ है. स्वतंत्र भारद्वाज ने एक वायरल पॉडकास्ट में दावा किया कि उन्होंने संजय के सिर पर हमला किया था और उन्हें 60 टांके लगे थे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा. हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान को क्लियर करते हुए सफाई दी कि उन्होंने संजय आजाद पर हमला नहीं बल्कि सेल्फ डिफेंस किया था. स्वतंत्र के मुताबिक, 10 से ज्यादा लोगों ने उन्हें घेर लिया था और अगर वह बचाव में कोई एक्शन नहीं लेते तो भीड़ का शिकार हो सकते थे.य
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दरअसल, 23 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय आजाद घायल हो गए थे. उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप लगाया था कि उसने ही सिर फोड़ा था. घटना के डेढ़ महीने बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि तुरंत शिकायत दर्ज करवाई गई थी. इसी को लेकर CJP ने फिर से दिल्ली में पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
सौरव दास ने क्या आरोप लगाए?
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CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से कहा कि जंतर-मंतर पर जब उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, तब वहां हिंसा हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि यह आपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से हिंसा करती आ रही है.
उन्होंने सवाल उठाए कि ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है. दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2,800 अपराधियों की पहचान की जाए और अगर उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें. क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए.’
सौरव दास ने कहा कि आज वे इसलिए आए हैं क्योंकि उस घटना के बाद से अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है, पहले दिन से वे सभी छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे. उनकी मांग है कि जो 2,800 कथित गुंडे आए थे, उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए.
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आशुतोष रांका ने क्या कहा?
वहीं, CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु के पिता संजय आजाद के साथ मारपीट हुई और उनका सिर फोड़ा गया. यह घटना खुलेआम हुई. रांका ने कहा,
‘लगातार हमारी टीम और सौरव दिल्ली पुलिस से मांग करते रहे कि इन गुंडों को गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही. अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा और उनकी पूरी कोशिश उन्हें जान से मारने की थी.’
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उन्होंने कहा कि आरोपी खुद कबूल कर रहा है कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था लेकिन दिल्ली पुलिस ने उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया. आज देश और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले दावा करता है कि उसने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.
CJP ने मांग की है कि जिन लोगों ने खुद अपनी पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास समेत सभी संगीन धाराएं लगाई जाएं.
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दरअसल, सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज की क्लिप काफी वायरल हुई थी. जिसमें वह खुद संजय सिंह पर हमले की बात कर रहा था. स्वतंत्र भारद्वाज खुद को इंफ्लुएंसर कहता है. उसने राजनीतिक प्रभाव के चलते अपने खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होने की बात भी कही थी. इसी वीडियो के सामने आने के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ता पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं और निशु के पिता के लिए न्याय की मांग की.