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जमीन पर बिल्डरों का कब्जा, जब छूटी इंसाफ की उम्मीद तो दोस्त मोदी के पास गुहार लेकर पहुंचा बुजुर्ग, शुरू हुआ एक्शन
PM के बचपन के साथी असगर अली ने 35 साल पहले जमीन खरीदी थी. जिस पर बाद में बिल्डरों ने कब्जा कर लिया. अब वे थक-हारकर प्रधानमंत्री मोदी के पास गुहार लेकर पहुंचे हैं.
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1148 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के दोस्त उनसे मिलने दिल्ली पहुंचे. दो दोस्तों की ये मुलाकात यूं तो खुशनुमा और पुरानी यादों को फिर जीवांत कर देने वाली थी लेकिन इसमें एक दुखद पहलू भी था. जो इंसाफ और उम्मीद से भरी थी. ये कहानी है 81 साल के असगर वली बोहरा की, जिनकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया, इसके बाद जब अदालत से न्याय नहीं मिला तो असगर अली अब अपने प्रधानमंत्री दोस्त के पास न्याय की गुहार लेकर पहुंचे.
बताया जा रहा है असगर अली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल के समय के साथी रहे हैं. दोनों ने गुजरात के वडनगर के बी एन स्कूल में साथ पढ़ाई की थी. PM मोदी से मुलाकात कर अब असगर अली ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जा हटवाने और वापस दिलाने की गुहार लगाई है.
फर्जी कागजों से जमीन पर कब्जा
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असगर अली वोहरा ने बताया कि मुंबई के भायंदर इलाके में उनके पास 2,810 स्क्वायर मीटर की जमीन है. उन्होंने यह जमीन एक एग्रीमेंट के तहत 1989 में खरीदी थी, लेकिन 2011 में उनकी जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया. वोहरा ने स्वयं बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन पर आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक, जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और वहां अतिक्रमण किया गया. ये सब कुछ ऐसे किया गया कि उन्हें भनक तक नहीं लगी.
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इसके विवाद को लेकर 2015 में पहली FIR दर्ज की गई थी, लेकिन सरकारी एजेंसियों से लेकर अदालतों के चक्कर काटते-काटते असगर अली की चप्पलें घिस गई, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला. असगर अली वोहरा ने बताया कि उन्होंने राजस्व विभाग, नगर निगम से लेकर पुलिस अधिकारियों और कोर्ट तक गुहार लगाई. आखिरकार असगर अली अब थक हारकर अपने दोस्त मोदी से मदद मांगने पहुंचे हैं. उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री से दखल देने की मांग की है.
PM से मुलाकात के बाद एक्शन शुरू
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इधर असगर अली ने PM मोदी से मुलाकात की, उधर जिम्मेदार अधिकारियों में खलबली मच गई. स्थानीय प्रशासन अब हरकत में आया है. जानकारी के मुताबिक, 16 सितंबर को इस जमीन विवाद पर औपचारिक सुनवाई तय की गई है.
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कार्रवाई के दौरान सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस और स्वयं बिल्डर्स के प्रतिनिधियों को सख्ती से मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं. इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि असगर अली वोहरा को उनकी जमीन वापस मिल सकती है. जो मामला सरकारी दफ्तरों से गुजरते हुए कोर्ट तक लटका रहा उसमें अब PM की दखल के बाद तेजी से एक्शन शुरू हो गया है. महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने PM मोदी और असगर अली वोहरा की मुलाकात की तस्वीरें शेयर की. साथ ही प्रेस नोट जारी कर यह उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री अपने मित्र को न्याय जरूर दिलाएंगे.