असम की सियासी लड़ाई दिल्ली तक आई... कांग्रेस सांसद के कथित पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच करेगा गृह मंत्रालय; CM हिमंत ने लगाए गंभीर आरोप
असम विधानसभा चुनाव से पहले सियासत तेज है. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान संबंधों से जुड़ा मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है. एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा माना है.
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असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में उबाल साफ दिखाई देने लगा है. सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है. इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार 7 फरवरी को एक बड़ा और संवेदनशील ऐलान कर सियासी हलकों में हलचल मचा दी. सीएम ने बताया कि असम कैबिनेट ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों से जुड़े मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो सकता है.
SIT ने असम सरकार को सौंपी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. कैबिनेट ने इस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि पूरे मामले का असर राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है. इसी कारण इसे अब केंद्र सरकार के स्तर पर देखने की जरूरत है. गौरतलब है कि असम सरकार ने ब्रिटिश नागरिक और सांसद की कथित मिलीभगत से अली तौकीर शेख द्वारा रची गई भारत विरोधी साजिश की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था.
CM सरमा ने कांग्रेस नेता पर लगाए कई गंभीर आरोप
कैबिनेट के फैसले के बाद सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पाकिस्तान से संबंध रहे हैं और इस मामले में गौरव गोगोई का नाम सामने आना चिंता का विषय है. सीएम ने कहा कि गौरव गोगोई की पत्नी पहले एक ऐसे एनजीओ के साथ काम कर चुकी हैं, जिसका कथित तौर पर संबंध पाकिस्तानी हितों से जुड़ा हुआ था. इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गौरव गोगोई पहले पाकिस्तान की यात्रा कर चुके हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक, किसी भी निर्वाचित सांसद का इस तरह से पाकिस्तान जाना और उससे जुड़े तथ्यों का सामने आना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करता है.
क्या है पूरा आरोप?
हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि यदि असम के सांसद का पाकिस्तान से कोई कनेक्शन सामने आता है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा. उन्होंने कहा कि मैं यह बात आपके सामने इसलिए रख रहा हूं क्योंकि यह मामला केवल राजनीति तक सीमित नहीं है. सीएम ने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि गौरव गोगोई एक डेलिगेशन के साथ नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के कार्यालय गए थे. वहां उन्होंने तत्कालीन पाकिस्तान हाई कमिश्नर अब्दुल बासित से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें याद नहीं कि किसी भारतीय नेता ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर से मिलने के लिए अपने साथ डेलिगेशन ले जाने की परंपरा निभाई हो.
गृह मंत्रलाय को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सीएम सरमा ने आगे बताया कि इस पूरे मामले से जुड़ी एसआईटी रिपोर्ट और दर्ज एफआईआर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी. उन्होंने साफ किया कि असम सरकार ने मौजूदा सांसद गौरव गोगोई से सीधे पूछताछ नहीं की है. सीएम ने कहा कि हमने उनकी संवैधानिक स्थिति का सम्मान करते हुए यह मामला केंद्र सरकार पर छोड़ दिया है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि विधानसभा चुनाव से पहले किसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाती है, जैसे गिरफ्तारी, तो उन पर राजनीतिक दुर्भावना से कदम उठाने का आरोप लगाया जा सकता है. इसी कारण सरकार ने संयम बरतते हुए केंद्र को अंतिम फैसला लेने का अधिकार दिया है. मुख्यमंत्री ने यह आरोप भी दोहराया कि सांसद ने पाकिस्तान यात्रा के बारे में केंद्र सरकार को पूरी जानकारी नहीं दी थी. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में रहने के दौरान गौरव गोगोई सोशल मीडिया से अचानक गायब हो गए थे, जो संदेह को और गहरा करता है. सीएम का कहना है कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है.
CM हिमंत ने कांग्रेस नेता की पत्नी पर भी लगाए आरोप
गौरव गोगोई की पत्नी को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विस्तार से आरोप लगाए. हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, मार्च 2011 से मार्च 2012 के बीच गौरव गोगोई की पत्नी ने पाकिस्तान में काम किया था. इस दौरान उनके पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के साथ प्रोफेशनल संबंध थे. सीएम ने बताया कि अली तौकीर शेख पाकिस्तान की प्लानिंग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी संस्थाओं में सलाहकार पदों पर रह चुके हैं. एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि एलिजाबेथ कोलबोर्न के पाकिस्तान स्थित संगठनों के साथ पेशेवर संबंध थे और उन्होंने अली तौकीर शेख के साथ मिलकर शोध पत्र भी लिखे थे. मुख्यमंत्री का दावा है कि असम पुलिस द्वारा जांच शुरू किए जाने के बाद अली तौकीर शेख ने सोशल मीडिया से कई ऐसे पोस्ट डिलीट कर दिए, जिनमें उन्हें टैग किया गया था.
कांग्रेस नेता ने खारिज किया सभी आरोप
वहीं, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इन आरोपों को हास्यास्पद, निराधार, पागलपन और बकवास बताया है. गौरव गोगोई का कहना है कि मुख्यमंत्री बिना ठोस तथ्य पेश किए आईटी सेल ट्रोल जैसा व्यवहार कर रहे हैं. हालांकि, मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे जाने के असम कैबिनेट के ताजा फैसले पर कांग्रेस सांसद की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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बताते चलें कि असम विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है. एक ओर सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर सख्त रुख अपना रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है. अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं, जो इस संवेदनशील मामले में आगे क्या कदम उठाती है.
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