'अखिलेश को कानून-व्यवस्था पर बोलने का अधिकार नहीं...', अंकित हत्याकांड पर BJP नेताओं बृजलाल और संगीत सोम का तीखा पलटवार
बीजेपी सांसद बृजलाल ने अंकित बालियान हत्याकांड पर अखिलेश यादव के सवालों का पलटवार करते हुए उनके कार्यकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने कवाल कांड और तत्कालीन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.
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उत्तर प्रदेश के शामली में गायक एवं यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है. कानून व्यवस्था को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवालों पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल और पूर्व विधायक संगीत सोम ने तीखा पलटवार किया है. बृजलाल ने अखिलेश यादव के कार्यकाल की कानून व्यवस्था और पूर्व में हुई आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया तो वहीं बीजेपी नेता व पूर्व विधायक संगीत सोम ने कहा कि हत्यारों को ऐसी सजा मिलेगी कि सात पुश्तें याद रखेंगी.
अखिलेश को कानून व्यवस्था पर बोलने का अधिकार नहीं
राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कहा कि अखिलेश यादव को प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने शामली के कवाल कांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय दो भाइयों की लिंचिंग कर हत्या कर दी गई थी. कवाल कांड के आरोपियों को तत्कालीन सरकार के एक कैबिनेट मंत्री के हस्तक्षेप से छुड़ाया गया, जिसके बाद हालात बिगड़े और दंगा हुआ. इस हिंसा में करीब 70 लोगों की जान गई और स्थिति नियंत्रित करने के लिए सेना बुलानी पड़ी थी. उस समय पुलिस तुष्टिकरण की राजनीति के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही थी और सैफई में उनका (अखिलेश यादव) परिवार बॉलीवुड के हीरो-हीरोइन का नाच देख रहा था. बृजलाल ने अखिलेश सरकार के कार्यकाल में जवाहरबाग कांड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस दौरान एसपी मुकुल द्विवेदी और संतोष यादव समेत पुलिसकर्मियों की जान गई. इसके अलावा उन्होंने प्रतापगढ़ में डिप्टी एसपी जियाउल हक की हत्या का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव पर सवाल उठाए.
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आपके समय माफियाओं की पैरेलल सरकार चलती थी
बृजलाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में प्रदेश में माफियाओं का प्रभाव था. उन्होंने मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और विजय मिश्रा जैसे नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय बड़े अपराधियों का राजनीतिक संरक्षण था. जितना बड़ा अपराधी उतना बड़ा समाजवादी था. उस समय जंगलराज था. उस दौर में अपहरण एक उद्योग बन गया था, दंगे-फसाद होते थे और प्रदेश विकास के मामले में पीछे था. आज प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर है और इसी वजह से उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है. करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश के माहौल में अखिलेश यादव को कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है.
अंकित किसी एक जाति का नहीं, पूरे समाज का युवा चेहरा था- संगीत सोम
बीजेपी नेता व पूर्व विधायक संगीत सोम ने कहा कि अंकित बालियान हत्याकांड में दोषियों को ऐसी कड़ी सजा मिलेगी, जिसे सात पुश्ते याद रखेंगी. अंकित के परिवार के साथ पूरी यूपी सरकार और शासन-प्रशासन मजबूती से खड़ा है. यूपी पुलिस और एसटीएफ मामले की जांच में सक्रिय हैं और हरियाणा तक पहुंच चुकी हैं. पुलिस जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करेगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी. संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वह अंकित की हत्या जैसे गंभीर मामले को भी जातीय राजनीति से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अंकित बालियान सिर्फ जाट समाज का युवा नहीं था, बल्कि समाज का ऐसा युवा चेहरा था जिसे किसी एक जाति तक सीमित नहीं किया जा सकता. अंकित सबका था और सभी का प्रिय था.
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हत्यारे सात पुश्तों तक याद रखेंगे ऐसी सजा- संगीत सोम
संगीत सोम ने कहा कि यह योगी सरकार है और इस सरकार में किसी हत्यारे को बचने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस और एसटीएफ आरोपियों के बेहद करीब पहुंच चुकी है तथा हरियाणा में भी छापेमारी की जा रही है. उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुजफ्फरनगर दंगे का फिर जिक्र किया और आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में गंभीर घटनाएं हो रही थीं, जबकि तत्कालीन सरकार का नेतृत्व सैफई में कार्यक्रमों में व्यस्त था.
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बताते चलें कि अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर बीजेपी नेताओं ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए योगी सरकार की कानून-व्यवस्था का बचाव किया. साथ ही, पुलिस और एसटीएफ से जल्द हत्याकांड का खुलासा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही.