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‘अखिलेश जी, कह दीजिए, कोर्ट के आदेश से आपका मन दुखी हैं’, हिजाब से जुड़े मामले में ओपी राजभर का सपा प्रमुख पर निशाना

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव से पूछा कि क्या आप भी हाईकोर्ट के खिलाफ खड़े होंगे? कह दीजिए अपने मन की. कह दीजिए हाईकोर्ट के इस आदेश से आपका मन दुखा है.

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25 Aug 2026
( Updated: 25 Aug 2026
04:59 PM )
‘अखिलेश जी, कह दीजिए, कोर्ट के आदेश से आपका मन दुखी हैं’, हिजाब से जुड़े मामले में ओपी राजभर का सपा प्रमुख पर निशाना
Image Credit: Input NMF
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योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर इन दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर लगातार हमलावर हैं. 25 अगस्त को ओपी राजभर ने अखिलेश यादव से हिजाब से जुड़े मामले पर सवाल पूछा है.

हाईकोर्ट के आदेश पर अखिलेश से पूछा सवाल
राजभर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, “मित्र अखिलेश जी, हाईकोर्ट का आदेश तो आपने पढ़ा ही होगा. स्कूलों में हिजाब पहनने पर हाईकोर्ट की तरफ़ से रोक लगा दी गई है. लेकिन आपके प्रवक्ता तो खुलकर हाईकोर्ट के खिलाफ खड़े हो गए हैं. आपका क्या रुख़ है?”

इससे पढ़े : ‘यह इस्लाम धर्म का जरूरी हिस्सा नहीं…’, हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की याचिका खारिज

‘अखिलेश जी, मौलाना आपका रूख जानना चाहते हैं’- राजभर
अखिलेश यादव को टैग करते हुए ओपी राजभर ने कहा, “अखिलेश जी, आपके जवाब का इंतज़ार है? बताइए हिजाब को लेकर आप क्या सोचते हैं? मौलाना लोग जानना चाहते हैं? जय संविधान.”

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हिजाब मामले में हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
बता दें कि स्कूलों में हिजाब पहनने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. दरअसल, प्रयागराज के टैगोर पब्लिक स्कूल की 11वीं कक्षा की एक मुस्लिम छात्रा की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई थी. याचिकाकर्ता ने स्कूल की तय यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी. इस याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया.

‘हिजाब इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं’
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की पीठ ने कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा के तौर पर स्थापित नहीं है. अदालत ने कहा कि स्कूल का ड्रेस कोड सभी छात्रों के लिए समान और गैर-भेदभावपूर्ण है तथा अनुशासन बनाए रखने के लिए संस्थान को इसे लागू करने का अधिकार है.

सिर्फ दावे के आधार पर अनुमति नही- कोर्ट
अदालत ने कहा कि ऐसा कोई धार्मिक या कानूनी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि हिजाब पहनना इस्लाम में एक अनिवार्य प्रथा है. सिर्फ दावे के आधार पर इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने कहा कि समान रूप से लागू किए गए स्कूल ड्रेस कोड में व्यक्तिगत पसंद के आधार पर बदलाव की मांग नहीं की जा सकती.

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अब अखिलेश यादव से राजभर ने किया सवाल
कोर्ट द्वारा याचिका खारिज होने के बाद अब ओपी राजभर ने अखिलेश यादव से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है. राजभर ने सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव भी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ खड़े होंगे या विरोध करेंगे.

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