Nepal Floods: नेपाल बाढ़ में सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्री चीन बॉर्डर से लापता, कोलकाता का 32 सदस्यीय समूह भी गायब
Nepal Floods: कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियो और पर्यटकों से संपर्क टूट गया है. प्रभावित इलाके में कम से कम 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है.
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Nepal Floods: नेपाल और तिब्बत की सीमा पर बुधवार सुबह आई भीषण फ्लैश फ्लड ने कुछ ही समय में भारी तबाही मचा दी. बाढ़ इतनी तेज थी कि कई इलाकों में मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. इस हादसे के बाद कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियो और पर्यटकों से संपर्क टूट गया है. प्रभावित इलाके में कम से कम 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है.
सद्गुरु के 77 तीर्थयात्री लापता
इस हादसे में आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन से जुड़े कम से कम 77 तीर्थयात्री भी लापता बताए जा रहे हैं. ये लोग कैलाश-मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे और तिब्बत के ग्यिरोंग स्थित आव्रजन कार्यालय मे मौजूद थे. इसी दौरान अचानक बाढ़ आ गई और देखते ही देखते कार्यालय तथा आसपास का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया.
A terrible and tragic flash flood has taken place at Gyirong in Tibet - China, and one of our Kailash groups was caught in it. While on their way back, they were at the immigration office when the flood occurred and the building and much of the town seems to have been flooded.… pic.twitter.com/CqOBxsPlWo
— Sadhguru (@SadhguruJV) August 26, 2026
सद्गुरु ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर घटना की जनकारी दी. उन्होंने बताया कि उनके समूह का एक सदस्य भी बाढ़ में फंस गया है. उन्होंने कहा कि आव्रजन कार्यालय में मौजूद लोगों के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है. उनके स्वयंसेवक और सहायता दल अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. सद्गुरु ने यह भी कहा कि वह खुद बचाव अभियान में शामिल होने के लिए तैयार हैं और लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव मदद करने की कोशिश की जा रही है.
तिब्बत - चीन के ग्यिरोंग में आई अचानक और भीषण बाढ़ की चपेट में हमारी कैलाश यात्रा का एक दल आ गया है। लौटते समय, जब यह त्रासदी हुई, वे सभी इमिग्रेशन ऑफिस में थे। ऐसा अंदेशा है कि उस इमारत और शहर का एक बड़ा हिस्सा इस बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
हम सभी, हमारे वॉलंटियर्स… pic.twitter.com/EIz1AAdw2S— Sadhguru Hindi (@SJV_Hindi) August 26, 2026Advertisement
वीडियो मे दिखी बाढ़ की भयावह तस्वीर
सद्गुरु द्वारा साझा किए गए वीडियो में तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट इलाके में बाढ़ की भयावह तस्वीर दिखाई देती है. वीडियो में पानी की एक विशाल लहर आव्रजन कार्यालय की ओर बढ़ती नजर आती है. इसके बाद बाढ़ का पानी नेपाल के रसुवा इलाके और भोटे कोशी नदी के आसपास भी तबाही मचाता हुआ दिखाई देता है. सद्गुरु के अनुसार, उनके कैलाश यात्रा के 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं. वहीं 743 लोग तिब्बत और 148 लोग नेपाल में हैं.
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कोलकाता का 32 सदस्यीय दल भी लापता
इस आपदा में कोलकाता से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल भी संपर्क से बाहर है. इसमें 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल हैं. यह समूह 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और 22 अगस्त को नेपाल पहुंचा था.
बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे जब दल रसुवागढ़ी के आव्रजन कार्यालय में था, तभी बाढ़ आ गई. इसके बाद से किसी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है. आखिरी बार सुबह करीब 8 बजे परिवारों से बातचीत हुई थी. यात्रा आयोजित करने वाली एजेंसी ने प्रभावित इलाके में हेलीकॉप्टर भेजकर यात्रियों की तलाश और मदद की कोशिश शुरू की है.
परिवारों में बढ़ी चिंता
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बाढ़ के बाद लापता यात्रियों के परिवार बेहद चिंतित हैं.पश्चिम बंगाल सरकार ने भारतीय दूतावास और नेपाली अधिकारियों के साथ संपर्क कर राहत और बचाव कार्य में सहयोग की बात कही है. यात्रियों की जानकारी जुटाने के लिए भवानी भवन स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में हेल्पलाइन (033) 24793311 और 9147890181 भी सक्रिय की गई हैं. फिलहाल सभी की नजर राहत और बचाव अभियान पर है. परिवारों को उम्मीद है कि बचाव दल जल्द प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचेंगे और बाढ़ में लापता लोगो को सुरक्षित बाहर निकाल पाएंगे.