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मध्य प्रदेश में तीसरे साल शुरू हुआ 139 दिन का जल गंगा संवर्धन अभियान, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया शुभारंभ

मध्य प्रदेश में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार तीसरे वर्ष गुड़ी पड़वा से राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत हुई. इस बार यह अभियान 139 दिन तक चलेगा और गंगा दशहरा तक प्रदेशभर में जल संचय और संरक्षण की गतिविधियां संचालित होंगी.

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मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए लगातार तीसरे साल गुड़ी पड़वा पर जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत हुई. इस बार यह अभियान 139 दिन गंगा दशहरा तक चलेगा.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर के इस्कॉन मंदिर में आयोजित तीसरे राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारी सनातन संस्कृति की सबसे पवित्र धारा का अभियान है. जल की महत्ता ऐसी है कि इसके बिना कोई जीवित नहीं रह सकता है. शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना है. ये सभी तत्व कभी अकेले नहीं रह सकते हैं. पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है.

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अभियान की प्रमुख बातें

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उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, जहां से 250 से अधिक नदियां निकलती हैं. मां नर्मदा के पवित्र जल से मध्यप्रदेश के साथ गुजरात में भी आनंद की धारा बह रही है. हमारी नदी जोड़ो परियोजनाओं का लाभ पड़ोसी राज्य राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है. जल संचय के अभियान में देशभर के जल स्त्रोतों के विकास कार्य करने का निर्णय लिया गया है. प्रदेश के तीसरे जल गंगा संवर्धन अभियान में 3 महीने तक लगातार जल संचय की गतिविधियां संचालित होंगी, जिसमें 2500 करोड़ की राशि से सभी विधानसभा, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचय के कार्य किए जाएंगे. सरकार ने पहले वर्ष में 30 दिन, दूसरे वर्ष में 120 दिन चलाया और मौजूदा तीसरे वर्ष में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक 139 दिनों तक प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है.

अमृत 2.0 परियोजना में विकास कार्यों की सौगात

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मुख्यमंत्री यादव ने इंदौर में अमृत 2.0 परियोजना में सिंगल क्लिक से 12.72 करोड़ की लागत से बिलावली तालाब, 4.89 करोड़ की लागत से लिम्बोदी तालाब और 3.82 करोड़ की लागत से छोटा सिरपुर तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों के भूमि-पूजन सहित 22 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी.

जनता की भागीदारी पर जोर

मुख्यमंत्री यादव ने कार्यक्रम में जल के अपव्यय को रोकने और एक-एक बूंद संग्रहण के लिए शपथ दिलाते हुए कहा कि 'जल ही जीवन है, जल है तो कल है' के मूल मंत्र के साथ जागरूकता फैलाना है. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है. मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान इसी का हिस्सा है. पिछले वर्षों में प्रदेश में लाखों जल संरचनाओं पर कार्य किया गया है.

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इंदौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के पहले वर्ष में इंदौर नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में पुरानी बावड़ियों और तालाबों के गहरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य किया गया. साथ ही सैकड़ों कुओं का भी जीर्णोद्धार किया गया है. उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान केवल सरकारी नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन होना चाहिए.

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