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थायरॉइड की समस्या से हैं परेशान? तो उज्जायी प्राणायाम से मिलेगा समाधान!

कई बार हमें स्वस्थ रहने के लिए दवाइयों की नहीं बल्कि सही योग की आवश्यकता होती है. योग न सिर्फ शरीर की बीमारियों को दूर करने बल्कि तनाव मुक्त जीवन प्रदान करने में भी सक्षम है. ऐसे में अगर आप अपने आपको स्वस्थ और खुश रखना चाहते हैं तो आप भी उज्जायी प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं.

थायरॉइड की समस्या से हैं परेशान? तो उज्जायी प्राणायाम से मिलेगा समाधान!
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भारतीय योग पद्धति के पास हर शारीरिक और मानसिक समस्या का समाधान है. ऐसा ही एक समाधान उज्जायी प्राणायाम के रूप में है, जो मानसिक स्वास्थ्य और थायरॉइड की समस्याओं के लिए अचूक उपाय है.

उज्जायी प्राणायाम शरीर के लिए कितना जरूरी है?

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय उज्जायी प्राणायाम के बारे में विस्तार से जानकारी देता है. इस प्राणायाम के अभ्यास से साँस को नियंत्रित किया जाता है, जिससे दिमाग में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ती है और मानसिक स्पष्टता, एकाग्रता में सुधार होता है. एक्सपर्ट के अनुसार, रोज़ाना 10-15 मिनट अभ्यास करने से तनाव, चिंता, बेचैनी और नींद न आने की शिकायत दूर हो जाती है. यह खासकर छात्रों, नौकरीपेशा और तनावग्रस्त व्यक्तियों के लिए फायदेमंद है.

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थायरॉइड को कम करने में कितना कारगर है उज्जायी प्राणायाम?

उज्जायी प्राणायाम थायरॉइड की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी बेहद लाभदायी है. यह थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय और संतुलित रखता है. गले की माँसपेशियों पर हल्का दबाव डालकर हार्मोनल असंतुलन को ठीक करता है. हाइपोथायरॉइडिज़्म या हाइपरथायरॉइडिज़्म से पीड़ित लोगों को धीरे-धीरे राहत मिलती है. आयुष मंत्रालय इसे बेहद फायदेमंद बताता है.

कैसे करें उज्जायी प्राणायाम?

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एक्सपर्ट के अनुसार, उज्जायी प्राणायाम के जितने लाभ हैं, इसका अभ्यास भी उतना ही सरल है. इसके लिए सबसे पहले शांत जगह पर सुखासन मुद्रा में बैठें, रीढ़ सीधी रखें. मुँह बंद कर नाक से गहरी साँस लें, गले से हल्की आवाज़ निकालते हुए साँस छोड़ें. इसे 5 से 10 बार दोहराएँ. इस प्राणायाम का अभ्यास सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा माना जाता है.

किस उम्र के लोगों को करना चाहिए उज्जायी प्राणायाम?

एक्सपर्ट उज्जायी प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं. यह सुरक्षित और हर उम्र के लिए उपयुक्त है. इसका अभ्यास सही तरीके से किया जाए तो यह न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को शांति और दिमाग को ताकत भी देता है.

उज्जायी प्राणायाम करते समय किन सावधानियों को बरतना चाहिए?

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हालांकि, कुछ सावधानियाँ बरतनी ज़रूरी हैं. जैसे गंभीर हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए. वहीं, गर्भवती महिलाओं और हाल में सर्जरी हुए मरीजों को विशेषज्ञों की देखरेख में ही करना चाहिए. गले में दर्द या साँस लेने में तकलीफ हो तो इसे नज़रअंदाज़ करना चाहिए. अभ्यास के समय साँस को जबरदस्ती न रोकें और शुरुआत में योग प्रशिक्षक से सीखें.

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