जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

दिल्ली-NCR में बढ़ रहा H1N1 का खतरा, जानें स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के आसान तरीके

दिल्ली-NCR में H1N1 के मामले बढ़ रहे हैं. संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से वायरस फैल सकता है, इसलिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी जरूरी है.

दिल्ली-NCR में बढ़ रहा H1N1 का खतरा, जानें स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के आसान तरीके
Image Source: IANS
Advertisement

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में स्वाइन फ्लू  (Swine Flu) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. बारिश के मौसम में बदलते तापमान और वायरल संक्रमण के बीच Influenza A (H1N1) वायरस लोगों के लिए चिंता बढ़ा रहा है. कई लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं, ऐसे में अब थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है. आखिर बारिश के मौसम में स्वाइन फ्लू के मामले क्यों बढ़ते हैं और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, आइए जानते हैं.

क्यों बढ़ रहे हैं H1N1 के केस?

मानसून के दौरान मौसम में लगातार बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, जिसका असर वायरल संक्रमण पर भी पड़ सकता है. Influenza A (H1N1) वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके बेहद करीब रहने से सांस के जरिए फैल सकता है. यही वजह है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो जाता है. इसके साथ ही साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव की आदतें अपनाना भी मददगार हो सकता है.
--------------------
इसे बेहद कम शब्दों में दें ब्रीफ के लिए 

किन जगहों पर है ज्यादा खतरा?

स्वाइन फ्लू जैसे श्वसन संक्रमण का खतरा उन जगहों पर ज्यादा हो सकता है, जहां बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के करीब रहते हैं. मॉल, ऑफिस, बाजार, स्कूल, कॉलेज, मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में इन जगहों पर सावधानी बरतना और भीड़ के बीच जरूरी एहतियात रखना संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है.

यह भी पढ़े:  रोज घर का खाना खाते हैं फिर भी कोलेस्ट्रॉल है हाई? जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

इन बातों का रखें विशेष ध्यान 

स्वाइन फ्लू और दूसरे वायरल संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इसके लिए समय-समय पर हाथ धोते रहें और जरूरत पड़ने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें. गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह छूने से बचें. खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को ढकें, ताकि संक्रमण दूसरों तक न पहुंचे. अगर फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लें और इस दौरान बाहर के खाने से परहेज करते हुए घर का साफ और हल्का भोजन करें. साथ ही पर्याप्त आराम और सावधानी बरतना भी जरूरी है

H1N1 के क्या हैं लक्षण?

H1N1 फ्लू होने पर बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कुछ लोगों को ठंड लगने के साथ उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है. अगर ऐसे लक्षण नजर आएं तो इन्हें नजरअंदाज न करें और जल्द डॉक्टर से सलाह लें. इस दौरान दूसरों के संपर्क में आने से बचें और संभव हो तो घर पर रहकर आराम करें, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो.

यह भी पढ़े: बुढ़ापे में भी दिमाग चलेगा तेज़, अपनाएं 'ब्रेन एक्सरसाइज' के ये आसान तरीके

यह भी पढ़े: 

मास्क का करें इस्तेमाल

H1N1 जैसे श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है, खासकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर. सही फिटिंग वाला मास्क नाक और मुंह को ढककर संक्रमित कणों के संपर्क में आने की संभावना कम कर सकता है. दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने इस संक्रमण से बचाव के लिए N95 मास्क को बेहतर विकल्प बताया है, क्योंकि यह चेहरे पर अच्छी तरह फिट होता है और हवा में मौजूद छोटे कणों को फिल्टर करने में मदद करता है. इसलिए जरूरत के मुताबिक मास्क पहनना संक्रमण से बचाव की एक अहम सावधानी हो सकती है.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि H1N1 से बचाव के लिए थोड़ी सी सावधानी काफी अहम हो सकती है. साफ-सफाई का ध्यान रखें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहें और फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर समय रहते डॉक्टर की सलाह लें. सावधानी बरतकर खुद के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी संक्रमण से बचाया जा सकता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें