दिल्ली-NCR में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा! दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने जारी की एडवाइजरी
DMA ने स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए उपाय बताए हैं और कहा कि खांसते या छींकते समय अपना मुंह और नाक रूमाल या टिश्यू से ढकें। साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं या अल्कोहल-बेस्ड हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें। बिना धुले हाथों से अपनी आँखों, नाक और मुंह को छूने से बचें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, खासकर तब जब इन्फ्लूएंजा का असर ज्यादा हो।
Follow Us:
दिल्ली NCR में बदलते मौसम के साथ बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) ने यहाँ स्वाइन फ्लू (H1N1) के लगातार बढ़ते मामलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। आंकड़ों की बात करें तो राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अब तक स्वाइन फ्लू के 2,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। जिसके बाद से चिकित्सा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
DMA इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और इस संक्रमण से होने वाली बीमारी और मौतों की निगरानी कर रही है। इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए DMA ने आम जनता से घबराने के बजाय सतर्कता बरतने की अपील की है। एसोसिएशन ने लोगों को सलाह दी है कि वे सांस से जुड़ी स्वच्छता का ध्यान रखें, साफ-सफाई बनाए रखें, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और इन्फ्लूएंजा के लक्षण दिखने पर समय रहते डॉक्टर की सलाह लें।
संक्रमण से बचने के लिए क्या करें
DMA ने स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए उपाय बताए हैं और कहा कि खांसते या छींकते समय अपना मुंह और नाक रूमाल या टिश्यू से ढकें। साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं या अल्कोहल-बेस्ड हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें। बिना धुले हाथों से अपनी आँखों, नाक और मुंह को छूने से बचें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, खासकर तब जब इन्फ्लूएंजा का असर ज्यादा हो।
एच1एन1 या इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी से पीड़ित लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इसके अलावा, पर्याप्त आराम करें और अच्छी नींद लें और खूब तरल पदार्थ पिएं और पौष्टिक भोजन करें। दोबारा इस्तेमाल होने वाले रूमाल को ठीक से साफ़ करें और इस्तेमाल किए गए टिश्यू को सुरक्षित रूप से फेंक दें। सार्वजनिक जगहों पर थूकने से बचें। फ्लू के लक्षण होने पर वायरस को फैलने से रोकने के लिए N95 मास्क पहनें। हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को खुद को और मरीज़ों को बचाने के लिए क्लीनिक, अस्पतालों और ओपीडी में मास्क जरूर पहनना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक्स ना लें
DMA ने कहा कि दूसरों से मिलते समय हाथ मिलाने या गले मिलने से बचें, खासकर तब जब फ्लू जैसे लक्षण हों। किसी योग्य डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं, खासकर एंटीबायोटिक्स या एंटीवायरल दवाएं न लें। अगर आपको फ्लू जैसे लक्षण हैं, तो संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रिश्तेदारों, दोस्तों या अन्य लोगों से मिलने से बचें।
DMA ने इन्फ्लूएंजा के असर वाले इलाकों से लौटने वाले लोगों को सलाह दी है कि वे कम से कम 10 दिनों तक अपनी सेहत पर नजर रखें और अगर उन्हें फ्लू जैसे लक्षण दिखें तो नज़दीकी हेल्थ सेंटर पर रिपोर्ट करें। भीड़-भाड़ वाली जगहों, बाज़ारों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में फेस मास्क का इस्तेमाल करें।
अस्पतालों में भी ज़रूरी सुविधा उपलब्ध
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार, दिल्ली सरकार ने इन्फ्लूएंजा के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी से निपटने के लिए अस्पतालों को तैयार करने के कदम उठाए हैं, जिसमें पर्याप्त बेड, डॉक्टर, दवाइयाँ और ज़रूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (एसएआरआई) के मामलों की स्क्रीनिंग, रिपोर्टिंग और निगरानी के संबंध में चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसर, डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर और अस्पतालों को भी निर्देश जारी किए गए हैं।
मरीजों के वर्गीकरण, इलाज के प्रोटोकॉल, वेंटिलेटर मैनेजमेंट, मास्क के इस्तेमाल और घर पर देखभाल के उपायों से जुड़ी टेक्निकल गाइडलाइंस पहले ही जारी की जा चुकी हैं। हेल्थकेयर वर्करों को भी लक्षणों की पहचान, इलाज और फ़ॉलो-अप प्रोटोकॉल के बारे में जागरूक और प्रशिक्षित किया जा रहा है।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधान और ज़िम्मेदार रहें। बचाव के आसान उपाय, समय पर मेडिकल सलाह और जिम्मेदार रेस्पिरेटरी हाइजीन इन्फ्लूएंजा के फैलाव को रोकने में काफी मदद कर सकते हैं। एसोसिएशन एच1एन1 से निपटने की सभी कोशिशों में दिल्ली सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है।
यह भी पढ़ें
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.