इन आसान तरीकों से करेले की कड़वाहट को कहें अलविदा! अब सेहत के साथ साथ स्वाद भी
करेले में कुछ प्राकृतिक रसायन पाए जाते हैं, जिनकी वजह से उसका स्वाद कड़वा होता है। जब हम करेला खाते हैं, तो हमारी जीभ इन कड़वे तत्वों को तुरंत पहचान लेती है। लेकिन हमारी रसोई में ही कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं जिससे इसका कड़वापन कम हो सकता है। जैसे नमक, दही, प्याज, हल्दी और सरसों का तेल जैसे पदार्थ करके के कड़वाहट को कम करने में मदद करते हैं।
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सेहतमंद खाने की लिस्ट में जिन सब्जियों का नाम दिमाग में आता है उनमें करेला प्रमुख है। ये शरीर में शुगर को कंट्रोल करने, पेट को सही रखने और वजन कम करने में मदद करता है। हालाँकि, इसके ढेरों फायदों के बावजूद भी कई लोग इसके नाम से ही दूर भागते हैं। इसका अत्यधिक कड़वा स्वाद ज़्यादातर लोगों को पसंद नहीं आता। पर कुछ आसान घरेलू उपाय करके करेले की कड़वाहट को काफी कम किया जा सकता है। इससे इसका स्वाद भी अच्छा होता है।
क्यों होता है करेला कड़वा?
दरअसल, करेले में कुछ प्राकृतिक रसायन पाए जाते हैं, जिनकी वजह से उसका स्वाद कड़वा होता है। जब हम करेला खाते हैं, तो हमारी जीभ इन कड़वे तत्वों को तुरंत पहचान लेती है। लेकिन हमारी रसोई में ही कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं जिससे इसका कड़वापन कम हो सकता है। जैसे नमक, दही, प्याज, हल्दी और सरसों का तेल जैसे पदार्थ करके के कड़वाहट को कम करने में मदद करते हैं।
करेले का कड़वापन दूर करने के कुछ घरेलू उपाय
नमक - सबसे पहले बात नमक की करें, तो इसे करेले की कड़वाहट कम करने का सबसे असरदार तरीका माना जाता है। जब करेले पर नमक लगाया जाता है, तो वह उसके अंदर मौजूद पानी को बाहर निकालने लगता है। इसी पानी के साथ करेले के कड़वे तत्व भी धीरे-धीरे बाहर आने लगते हैं। कुछ देर बाद करेले का स्वाद पहले से हल्का लगने लगता है। बाद में जब इसे पानी से धोया जाता है, तो काफी कड़वाहट निकल चुकी होती है।
दही - दही भी करेले की कड़वाहट को दूर करने में काफी मदद करती है। दही में हल्की खटास होती है, जो जीभ पर कड़वे स्वाद को कम महसूस कराती है। दही का स्वाद हमारी जीभ को संतुलित महसूस होता है और इससे करेले की कड़वाहट दब जाती है। इसके अलावा, दही में मौजूद बैक्टीरिया और लैक्टिक एसिड करेले के ऊपरी हिस्से पर असर डालते हैं, जिससे उसका स्वाद थोड़ा नरम हो जाता है।
हल्दी - हल्दी का असर थोड़ा अलग तरीके से काम करता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि हल्दी में तेज खुशबू और खास तरह के प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो खाने के स्वाद को बदलने में मदद करते हैं। जब करेले पर हल्दी लगाई जाती है, तो उसकी खुशबू और हल्का तीखापन कड़वाहट को कम करने लगता है। इसके अलावा, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नाम का तत्व स्वाद को संतुलित करने में मदद कर सकता है।
प्याज - प्याज भी इस मामले में काफी असरदार माना जाता है। जब करेले को प्याज के साथ पकाया जाता है, तो प्याज का मीठापन कड़वाहट को संतुलित करने लगता है। वैज्ञानिक कहते हैं कि हमारी जीभ एक साथ कई स्वाद महसूस करती है। ऐसे में जब मीठा और कड़वा स्वाद साथ आता है, तो कड़वाहट कम महसूस होती है। यही कारण है कि प्याज के साथ बना करेला कई लोगों को ज्यादा स्वादिष्ट लगता है।
सरसों का तेल - वहीं सरसों के तेल भी इस काम में काफी मददगार है। सरसों के तेल में तेज खुशबू और तीखा स्वाद होता है। यह हमारे स्वाद महसूस करने के तरीके को थोड़ा बदल देता है। जब करेला सरसों के तेल में पकता है, तो तेल की खुशबू और उसका स्वाद कड़वाहट को दबाने लगता है। इसके अलावा, सरसों के तेल में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो खाने में स्वाद जोड़ते हैं।
इन तरीकों को आज़माकर आप इसकी कड़वाहट को नियंत्रित कर सकते हैं। करेले के कड़वे स्वाद की वजह से इसे अपनी डाइट से बाहर न रखें। इन आसान हैक्स से कड़वाहट को अलविदा कहें और सेहत के साथ-साथ स्वाद का भी भरपूर आनंद लें।
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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