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कहीं आपके बच्चे को तो नहीं हो रहा इस दवाई का overdose? अब स्मार्ट सेंसर से पता लगा सकते हैं आप
एसिटामिनोफेन के overdose का रिस्क इसलिए भी रहता है क्योंकि बच्चों को सीधे दवा देने के अलावा मां के दूध से भी दवा मिलने की आशंका बनी रहती है. ज़्यादा मात्रा में यह दवा मिलने से बच्चों में लिवर फेलियर हो सकता है और यह अमेरिका में लिवर ट्रांसप्लांट का सबसे आम कारण है.
13 May 2025
(
Updated:
05 Dec 2025
07:55 PM
)
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अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा एक स्मार्ट लैक्टेशन सेंसर विकसित किया गया है. यह नवजात बच्चों पर कॉमन पेन किलर एसिटामिनोफेन के हद से ज़्यादा इस्तेमाल को रोकने के लिए हैं. एसिटामिनोफेन को आमतौर पर प्रसव के बाद दर्द को मैनेज करने के लिए उपयोग में लाया जाता है. अक्सर शिशुओं के बुखार के इलाज के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है.
एसिटामिनोफेन के overdose से हो सकता है लिवर फेल
एसिटामिनोफेन के overdose का रिस्क इसलिए भी रहता है क्योंकि बच्चों को सीधे दवा देने के अलावा मां के दूध से भी दवा मिलने की आशंका बनी रहती है. ज़्यादा मात्रा में यह दवा मिलने से बच्चों में लिवर फेलियर हो सकता है और यह अमेरिका में लिवर ट्रांसप्लांट का सबसे आम कारण है.
इसी बात का पता लगाने के लिए अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित एसिटामिनोफेन सेंसर को एक साधारण नर्सिंग पैड में शामिल किया जाता है जो स्तन के दूध में एसिटामिनोफेन का पता लगाता है.
विश्वविद्यालय के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर मारल मौसवी ने कहा, "स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण संबंधी कमियों, स्तन-ऊतक संक्रमण - मास्टिटिस विकसित होने के जोखिम और उनके दूध के माध्यम से दवाओं और अन्य पदार्थों के संभावित हस्तांतरण सहित बहुत सारी स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है."
दूध में एसिटामिनोफेन के स्तर को मापने के लिए पहले से जो तरीके उपलब्ध हैं वह महंगे, जटिल और घर में नियमित उपयोग के लिए अनुपलब्ध हैं. इसीलिए टीम ने लैक्टेशन पैड पर ध्यान केंद्रित किया जो लीक होने वाले दूध को अवशोषित करने के लिए ब्रा के अंदर पहना जाता है.
कैसे काम करता है यह सेंसर?
शोधकर्ताओं ने एक साधारण लैक्टेशन पैड लिया और दूध को संवेदी क्षेत्र में ले जाने के लिए छोटे माइक्रोफ्लूडिक चैनल बनाए. पैड पूरे दिन लेट-डाउन रिफ्लेक्स के दौरान स्वाभाविक रूप से निकलने वाले दूध को इकट्ठा करते हैं. वहां, कम लागत वाले इलेक्ट्रोकेमिकल सेंसर काम करते हैं और दूध में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मार्करों का पता लगाते हैं और मापते हैं. इसके बाद सेंसर एक कॉम्पैक्ट, पोर्टेबल डिटेक्टर के माध्यम से उपयोगकर्ता के स्मार्टफोन पर वास्तविक समय की रीडिंग भेजता है, जो ग्लूकोमीटर की तरह ही काम करता है. यह एसिटामिनोफेन के स्तर को मापने के लिए विद्युत पल्स का उपयोग करता है.
इससे क्या फायदे मिलते हैं?
इस जानकारी के साथ पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए कुछ निर्णय ले सकते हैं - जैसे कि दूध में मौजूद दवा को पंप करना और फेंकना - अपने बच्चे के लिए सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करना.
शोधकर्ताओं ने एसिटामिनोफेन के विभिन्न स्तरों वाले मानव दूध के samples का इस्तेमाल लिया जिससे सेंसर की सटीकता का पता लग सके. उन्होंने यह भी verify किया कि सेंसर एंटीबायोटिक दवाओं की उपस्थिति के साथ-साथ स्तन के दूध की बदलती संरचना पर भी काम करता है.
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G
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