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वजन घटाने के लिए सुपरफूड है काला चना, अगर इस तरह से करेंगे सेवन, मिलेंगे कई फायदे

काला चना एक पौष्टिक और किफायती सुपरफूड है, जो इम्यूनिटी, पाचन, दिल की सेहत और वजन प्रबंधन में मददगार हो सकता है. जानिए इसके फायदे और नुकसान, एक्सपर्ट्स की सलाह और इससे जुड़ी पूरी जानकारी

Image Credits: Canva
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काला चना जो हर घर में आसानी से मिल जाता हैं, इसे पोषण का खजाना माना जाता है. लेकिन अक्सर लोग सिर्फ इसे टेस्ट के लिए खाते हैं, दरअसल यह एक पौष्टिक और किफायती सुपरफूड है. इसमें प्रोटीन, फाइबर और आयरन जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. जो शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकता है. हालांकि, हर व्यक्ति के लिए इसका सेवन सही नहीं होता. न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स से जानिए काला चना खाने के फायदे, सही मात्रा, सही तरीका और किन लोगों को इससे परहेज करना चाहिए.

क्यों कहते है काले चने को सुपरफूड?

चना (Black Chickpea) को सुपरफूड इसलिए माना जाता है क्योंकि यह कम कीमत में कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, जिंक, मैग्नीशियम, फोलेट, कैल्शियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. ये पोषक तत्व शरीर की कई महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं. जो कि इम्यूनिटी, पाचन, दिल की सेहत और वजन कम करने में मददगार हो सकता है. लेकिन गैस, किडनी की बीमारी या कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए.

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काले चने के क्या है फायदा?

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काला चना पोषक तत्वों से भरपूर एक ऐसा सुपरफूड है जिसका नियमित और संतुलित सेवन मांसपेशियों को मजबूत बनाने, पाचन तंत्र को बेहतर रखने, लंबे समय तक पेट भरा रखने और वजन नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. काला चना कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला खाद्य पदार्थ है, इसलिए यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने में मदद करता है. इसमें मौजूद फाइबर और मैग्नीशियम हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकते हैं.

आयरन और फोलेट हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करते हैं, जिससे एनीमिया का खतरा कम हो सकता है. वहीं, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने, त्वचा और बालों की सेहत को बेहतर रखने में योगदान देते हैं. 
इसके अलावा, काला चना शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करता है और कम कीमत में भरपूर पोषण उपलब्ध कराता है, इसलिए इसे संतुलित आहार का एक बेहतरीन हिस्सा माना जाता है.

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डाइट में कैसे करें शामिल?

काले चनों को अपनी डाइट में कई तरीकों से शामिल किया जा सकता हैं, सबसे आसान तरीका है रातभर भिगोए हुए चने सुबह नाश्ते में खाना. आप इन्हें उबालकर सलाद या चाट के रूप में प्याज, टमाटर, खीरा, हरी धनिया और नींबू के साथ खा सकते हैं. अंकुरित (स्प्राउटेड) काला चना भी एक हेल्दी ऑप्शन है, जिसे नाश्ते या स्नैक के रूप में लिया जा सकता है. इसके अलावा, काले चने की करी, सूखी सब्जी, पुलाव या सूप बनाकर भी खाया जा सकता है. आप इसे दाल, सब्जियों या मल्टीग्रेन आटे में मिलाकर भी अपने भोजन का हिस्सा बना सकते हैं. वर्कआउट के बाद या शाम को हेल्दी स्नैक के रूप में उबला हुआ काला चना भी अच्छा ऑप्शन है. बेहतर पाचन के लिए चने को 8–10 घंटे भिगोकर बनाएं और शुरुआत में कम मात्रा में सेवन करें.

किन लोगों के लिए है फायदेमंद?

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काला चना लगभग हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, बस इसे संतुलित मात्रा में और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार खाना चाहिए. जैसे बच्चों के लिए, महिलाओं के लिए, जिम जाने वाले खिलाड़ियों के लिए, गर्भवती महिलाओं के लिए, वजन कम कर रहे लोगों के लिए , डायबिटीज के मरीजों के लिए, एनीमिया के जोखिम वाले लोगों के लिए और बुजुर्गों के लिए इन सभी लोगों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है. 
 
किन लोगों बरतनी चाहिए सावधानी?

वैसे हर किसी के लिए काला चना फायदेमंद होता है लेकिन कुछ लोगों को इसका सेवन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. खास तौर पर जिन लोगों को गैस, पेट फूलने, गंभीर किडनी रोग या दालों से एलर्जी की समस्या है, उन्हें काला चना खाने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन की सलाह लेनी चाहिए।
 
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

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न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, काला चना एक पोषक तत्वों से भरपूर, किफायती और संतुलित आहार का बेहतरीन हिस्सा है. इसमें मौजूद प्रोटीन, फाइबर, आयरन, जिंक और मैग्नीशियम शरीर की कई जरूरी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं. हालांकि, इसे संतुलित मात्रा में और पर्याप्त पानी के साथ खाना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति को किडनी रोग, पाचन संबंधी गंभीर समस्या या किसी प्रकार की फूड एलर्जी है, तो सेवन से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर होता है.

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