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‘Kantara Chapter 1 :सबसे बड़े युद्ध सीन की शूटिंग के लिए तैयार हैं ऋषभ शेट्टी
सूत्र ने बताया, “'कांतारा: चैप्टर 1' में अब तक फिल्माए गए सबसे महत्वाकांक्षी युद्ध सीन में से एक की शूटिंग सीमित सुविधाओं के साथ एक बीहड़ स्थान पर की जा रही है, जिससे चुनौतियों और प्रामाणिकता के साथ और भी भव्यता जुड़ चुकी है। शेट्टी समेत फिल्म की टीम ने इस सीन की गहनता को कैद करने के लिए एक महीने तक सुनसान इलाके में रहकर काम किया।“
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निर्माता-निर्देशक और अभिनेता ऋषभ शेट्टी पैन-इंडिया फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1" में सबसे बड़े युद्ध सीन की शूटिंग करने के लिए तैयार हैं। सीन की शूटिंग कर्नाटक के बीहड़ पहाड़ी क्षेत्रों में होगी।
निर्माण से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, कर्नाटक के बीहड़ पहाड़ी क्षेत्र में 45 से 50 दिनों तक एक्शन से भरपूर सीन की शूटिंग की जाएगी। इस भव्य सीन की शूटिंग के लिए ऋषभ काफी समय से अभ्यास कर रहे हैं।
सूत्र ने बताया, “'कांतारा: चैप्टर 1' में अब तक फिल्माए गए सबसे महत्वाकांक्षी युद्ध सीन में से एक की शूटिंग सीमित सुविधाओं के साथ एक बीहड़ स्थान पर की जा रही है, जिससे चुनौतियों और प्रामाणिकता के साथ और भी भव्यता जुड़ चुकी है। शेट्टी समेत फिल्म की टीम ने इस सीन की गहनता को कैद करने के लिए एक महीने तक सुनसान इलाके में रहकर काम किया।“
सूत्र की माने तो, "होम्बले फिल्म्स की 'कांतारा: चैप्टर 1' के लिए ऋषभ शेट्टी कर्नाटक के पहाड़ी क्षेत्र में 45-50 दिन तक रहेंगे, ताकि एक शानदार और मनोरंजक सिनेमाई अनुभव सुनिश्चित हो सके।
इससे पहले जानकारी सामने आई थी कि कांतारा चैप्टर 1: युद्ध सीन के लिए निर्माताओं ने 500 से अधिक कुशल लड़ाकों को जुटाया है।
एक्शन कोरियोग्राफी के विशेषज्ञ एक ऐसे युद्ध सीन को तैयार कर रहे हैं, जो आश्चर्यजनक और शानदार होगा।
सूत्र के अनुसार, प्रोडक्शन बैनर होम्बले फिल्म्स ऋषभ शेट्टी स्टारर फिल्म की शूटिंग में व्यस्त है। सूत्र ने बताया, "होम्बले फिल्म्स 'कांतारा: चैप्टर 1' को शानदार टच देने में लगे हुए हैं, जिसमें 500 से अधिक कुशल लड़ाकों के साथ एक ऐसे युद्ध सीन को तैयार किया जाएगा, जैसा पहले कभी नहीं हुआ। एक्शन कोरियोग्राफी के विशेषज्ञों की अगुआई में 'कांतारा' का यह सीन तैयार होगा।“
'कांतारा: चैप्टर 1' कर्नाटक में कदंब युग पर आधारित है। कदंब वंश की गिनती भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण वंश के रूप में की जाती है। यह कर्नाटक के कुछ हिस्सों के महत्वपूर्ण शासक थे और उन्होंने इस क्षेत्र की वास्तुकला और संस्कृति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कदंब काल को भारतीय इतिहास में स्वर्ण युग माना जाता है, जो अपनी भव्यता और सुंदरता के लिए जाना जाता है।
Input: IANS
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