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अषाढ़ महीने का शुभारंभ: देवशयनी एकादशी का खास महत्व, इस माह पड़ती है गुप्त नवरात्रि

अषाढ़ के महीने में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है. इस महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को देश के सबसे प्राचीन और भव्य धार्मिक उत्सवों में से एक भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा मुख्य मंदिर से गुंडीचा मंदिर तक निकाली जाती है. इस वर्ष 16 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक रथ यात्रा का आयोजन रहेगा.

अषाढ़ महीने का शुभारंभ: देवशयनी एकादशी का खास महत्व, इस माह पड़ती है गुप्त नवरात्रि
Image Credits:Canva
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अषाढ़ महीने का शुभारंभ 30 जून (मंगलवार) से हो गया है, जो 29 जुलाई तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इसको चतुर्थ मास माना जाता है. ज्येष्ठ मास के समापन के तुरंत बाद ही अषाढ़ महीने की शुरुआत हो जाती है. यह महीना केवल ऋतु बदलने वाला ही नहीं है, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.

इस महीने को भक्ति और पुण्य का महीना कहा जाता है

अषाढ़ के महीने में भगवान विष्णु की पूजा, जप-तप, दान-पुण्य के लिए विशेष विधान है. इस महीने को भक्ति और पुण्य का महीना कहा जाता है. इसी महीने कई व्रत और पर्व आते हैं, जिनका शास्त्रों में काफी वर्णन मिलता है।

अषाढ़ के महीने में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है

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अषाढ़ के महीने में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है. इस महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को देश के सबसे प्राचीन और भव्य धार्मिक उत्सवों में से एक भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा मुख्य मंदिर से गुंडीचा मंदिर तक निकाली जाती है. इस वर्ष 16 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक रथ यात्रा का आयोजन रहेगा.

देवशयनी एकादशी कब है

अषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को (देवशयनी एकादशी) होती है. माना जाता है कि इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए क्षीर सागर में योग निद्रा में चले जाते हैं. इस दौरान विवाह, मुंडन, और गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए. इसी के साथ ही 'चतुर्मास' की शुरुआत होती है. इस वर्ष 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी है.

अषाढ़ के महीने में ही गुप्त नवरात्र पड़ते हैं

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अषाढ़ के महीने में ही गुप्त नवरात्र पड़ते हैं. शक्ति की उपासना और गुप्त साधना के लिए यह काफी महत्वपूर्ण पर्व होता है. इस दौरान गुप्त मंत्रों से मां दुर्गा की पूजा की जाती है. इस साधना से शत्रुओं का नाश और सिद्धियां प्राप्त की जाती हैं. इस दौरान सात्विक भाव, मौन, उपवास और ध्यान के माध्यम से एकाग्रता और आत्मबल को मजबूत किया जा सकता है. इस वर्ष गुप्त नवरात्र 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई को समाप्त होगी.

कब है गुरु पूर्णिमा

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अषाढ़ महीने में ही गुरु पूर्णिमा पड़ती है. अषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा के तौर पर मनाया जाता है. यह पर्व अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश देने वाले गुरुओं को समर्पित होता है. इस वर्ष 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है.

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