10 जुलाई 2026 का पंचांग: योगिनी एकादशी पर बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा. इस दिन धृति योग (सुबह 7:15 बजे तक) रहेगा. इसके बाद व्यतिपात योग में रहेगा. शुक्रवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से दोपहर 12:58 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है.
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हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है.
10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि सुबह 8:16 बजे तक है; इसके बाद एकादशी तिथि (योगिनी एकादशी) लग जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत या वाहन या संपत्ति खरीदने के लिए बहुत उत्तम माना जाता है.
10 जुलाई 2026 का शुभ मुहूर्त
मान्यता है कि योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और व्यक्ति को बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है. शुक्रवार को अमृत काल सुबह 8:46 बजे पर शुरू होकर 10:15 बजे तक रहेगा जबकि सुबह 4:16 बजे से 5:04 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा.
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
इस दिन सुबह 5:52 बजे सूर्योदय और शाम 7:12 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 1:17 बजे चन्द्रोदय और दोपहर 3:08 बजे चन्द्रास्त होगा.
ग्रह-नक्षत्र और योग
पंचांग के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को सूर्य भरणी नक्षत्र (दोपहर 1:15 बजे) तक में स्थित रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेगा जबकि चंद्रमा भरणी नक्षत्र में (दोपहर 1:15 बजे) तक स्थित रहेगा. इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
वहीं, 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा. इस दिन धृति योग (सुबह 7:15 बजे तक) रहेगा. इसके बाद व्यतिपात योग में रहेगा. शुक्रवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से दोपहर 12:58 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है.
राहुकाल और अशुभ समय
वहीं, राहुकाल सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा, गुलिक काल सुबह 07:15 बजे से 08:59 बजे तक रहेगा. यमगंड काल सुबह 7:15 बजे से 8:59 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है.
राशि और दिशाशूल
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वहीं, 10 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे जबकि चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेगा. 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर यात्रा करना आवश्यक भी है, तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए.