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संत परंपरा, सेवा और रामभक्ति के प्रतीक हैं महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज: शान्तनु शुक्ल

देश संत परंपरा, सेवा और रामभक्ति के प्रतीक महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का 88वां जन्मदिवस मना रहा है. प्रभु श्रीराम और सनातन के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महंत जी ने बताया कि केवल पूजा-पाठ नहीं बल्कि मानवता की सेवा, करुणा, सद्भाव और राष्ट्रहित भी धर्म के अभिन्न अंग हैं.

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28 Jun 2026
( Updated: 28 Jun 2026
11:32 AM )
संत परंपरा, सेवा और रामभक्ति के प्रतीक हैं महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज: शान्तनु शुक्ल
महंत गोपाल दास महाराज (फाइल फोटो)/ तस्वीर: IANS
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देश आज महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज, अध्यक्ष श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास का 88  जन्मदिवस मना रहा है. इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी जी महाराज एवं श्री रामकृष्ण इंटरनेशनल के प्रचार प्रसार प्रभारी शांतनु शुक्ल ने कहा कि महंत नृत्य गोपाल दास भारतीय संत परंपरा के ऐसे प्रतिष्ठित संत हैं, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, संस्कृति, गौसेवा और समाजसेवा के लिए समर्पित किया.

वे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष है और श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. उनके व्यक्तित्व में संत की करुणा, गुरु की सरलता और धर्मरक्षक का दृढ़ संकल्प दिखाई देता है.

आध्यात्मिक साधना को समर्पित रहा महंत नृत्य गोपाल दास जी सारा जीवन

महंत नृत्य गोपाल दास जी का जीवन बचपन से ही आध्यात्मिक साधना की ओर उन्मुख रहा. उन्होंने वैदिक परंपरा, शास्त्रों और संत परंपरा का गहन अध्ययन किया तथा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया. बाद में वे अयोध्या की प्रसिद्ध मणिराम दास छावनी के महंत बने और संत समाज में एक सम्मानित स्थान प्राप्त किया.

धर्म क्या है, महंत नृत्य गोपाल दास जी ने खुद उस मार्ग पर चलकर बताया

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उन्होंने सदैव यह संदेश दिया कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता की सेवा, करुणा, सद्भाव और राष्ट्रहित भी धर्म के अभिन्न अंग हैं. उनके मार्गदर्शन में अनेक धार्मिक, सामाजिक और सेवा संबंधी कार्य संचालित हुए. गौसंरक्षण, शिक्षा, गरीबों की सहायता और धार्मिक आयोजनों में उनका विशेष योगदान रहा.

प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त महंत नृत्य गोपाल दास जी

रामभक्ति उनके जीवन का मूल आधार रही. श्रीराम के आदर्शों मर्यादा, सत्य, करुणा और न्याय—को उन्होंने अपने जीवन और संदेशों में प्रमुख स्थान दिया. वे संत समाज को संगठित करने और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत रहे. देशभर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों, कथा, प्रवचन और संत सम्मेलनों के माध्यम से उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया.

प्रेम, सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और राम भक्ति की प्रतिमूर्ति महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज

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महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का व्यक्तित्व सरल, विनम्र और स्नेहमयी रहा है. उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते रहे हैं. वे सदैव समाज में प्रेम, सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देते रहे.

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आज भी उनका जीवन संत परंपरा की तपस्या, त्याग और सेवा का प्रेरक उदाहरण माना जाता है. सनातन धर्म, श्रीराम के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और समाज के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी. महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का जीवन यह संदेश देता है कि सच्चा संत वही है जो अपने जीवन को लोककल्याण, धर्मरक्षा और मानव सेवा के लिए समर्पित कर दे.

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