Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

चीन-PAK की खैर नहीं! ड्रोन्स, घातक गन और हेलिकॉप्टर्स...सेना को मिला ₹2.12 लाख करोड़ का 'ब्रह्मास्त्र'

तीनों सेनाओं को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है. रक्षा मंत्रालय ने ₹2.12 लाख करोड़ के रक्षा प्रस्तावों और सौदौं को मंजूरी दे दी है. इससे सेनाओं की मारक क्षमता तो बढ़ेगी ही, डिफेंस फ्रंट और सीमा पर निगरानी तंत्र को भी धार मिलेगी.

Image Source-IANS
Loading Ad...

सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 2.12 लाख करोड़ रुपए की रक्षा खरीद के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. इन प्रस्तावों में सेना के लिए आधुनिक तोप प्रणाली, हल्के हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणाली और लंबी दूरी तक मारने करने वाले ड्रोन शामिल हैं. वहीं, नौसेना के लिए मिसाइलों से बचाव की क्षमता बढ़ाने वाली प्रणाली और आधुनिक युद्धपोतों सहित प्रमुख नौसैनिक प्लेटफॉर्म की खरीद को मंजूरी दी गई. 

वायु सेना के लिए हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणाली, हथियार और मौसम की निगरानी करने वाले रडार खरीदे जाएंगे. सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया. रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इन प्रस्तावों को स्वीकृति दी है. यह रक्षा खरीद की प्रक्रिया में शुरुआती मंजूरी है. खास बात यह है कि कुल स्वीकृत प्रस्तावों में से लगभग 82 प्रतिशत खरीद भारतीय उद्योग से की जाएगी. इससे देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ सशस्त्र बलों को आधुनिक उपकरणों से लैस करने में मदद मिलेगी.

जल, थल व वायुसेना के लिए 2.12 लाख करोड़ रुपए के रक्षा सौदों को मंजूरी

Loading Ad...

इसके तहत थल सेना को आधुनिक हथियार और निगरानी प्रणालियां मिलेंगी. भारतीय थल सेना के लिए कई तरह के आधुनिक सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है. इनमें उच्च गतिशीलता वाले वाहन, स्वचालित तोप प्रणाली, तोप के गोले दागे जाने का पता लगाने वाली प्रणाली, हल्के बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर और बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली शामिल हैं. इसके अलावा, मानवरहित हवाई प्रणालियों से निपटने वाली प्रणाली, लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले मानवरहित विमान, एकीकृत निगरानी एवं प्रहार प्रणाली और लंबी दूरी तक हमला करने वाले आत्मघाती ड्रोन की खरीद भी प्रस्तावित है.

Loading Ad...

स्वदेशी कंपनियों से होगी ज्यादातर खरीद!

उच्च गतिशीलता वाले ये वाहन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेना की आवाजाही, रसद पहुंचाने और अभियान चलाने की क्षमता बढ़ाएंगे. स्वचालित तोप प्रणाली मशीनीकृत सैन्य टुकड़ियों के साथ बेहतर तालमेल बनाते हुए समान गति से आगे बढ़ने और प्रभावी मारक क्षमता प्रदान करने में मदद करेगी. तोप के गोले दागे जाने का पता लगाने वाली प्रणाली सेना को वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी देगी. इससे युद्ध क्षेत्र में दुश्मन की गतिविधियों को समझने और तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.

Loading Ad...

हल्के बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल थल सेना और वायु सेना दोनों करेंगी. इनसे दुश्मन की टोह लेने, निगरानी करने, लड़ाकू अभियानों, सैनिकों की खोज एवं बचाव तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे कार्यों में मदद मिलेगी. वहीं, बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली नई पीढ़ी के छोटे हवाई खतरों से निपटने में सक्षम होगी. मानवरहित हवाई प्रणालियों को निष्क्रिय करने वाली प्रणाली आधुनिक युद्ध क्षेत्र में टैंकों की सुरक्षा और उनके बचे रहने की क्षमता बढ़ाएगी. निगरानी और ड्रोन प्रणालियों से सेना की दुश्मन पर नजर रखने तथा सटीक निशाना साधने की क्षमता मजबूत होगी.

ये भी पढ़ें: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में दो दशक बाद होंगे छात्र संघ चुनाव, यूनिवर्सिटी ने मानीं मांगें, छात्रों का निलंबन नोटिस भी रद्द

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी मजबूती!

Loading Ad...

भारतीय नौसेना के लिए एक्टिव ऑफबोर्ड डिकॉय सिस्टम सहित अन्य प्रमुख नौसैनिक प्लेटफॉर्म की खरीद को मंजूरी दी गई है. एक्टिव ऑफबोर्ड डिकॉय सिस्टम दुश्मन की जहाज रोधी मिसाइलों को भ्रमित कर उनसे बचाव में मदद करेगी. इससे विशेष रूप से आधुनिक जहाज रोधी मिसाइलों के खिलाफ नौसेना की मिसाइल रक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता बढ़ेगी. स्वदेश में डिजाइन और निर्मित किए जाने वाले प्रमुख नौसैनिक प्लेटफॉर्म आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप होंगे. इनसे नौसेना की युद्धक क्षमता को मजबूती मिलेगी और समुद्री मोर्चे पर उसकी परिचालन क्षमता बढ़ेगी.

वहीं, भारतीय वायु सेना के लिए हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणालियों और हथियारों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही विशेष उपयोग वाले हेलीकॉप्टरों और मोबाइल एक्स-बैंड डॉप्लर मौसम रडार प्रणाली की खरीद का रास्ता साफ हुआ है. विशेष उपयोग वाले हेलीकॉप्टर वायु सेना की महत्वपूर्ण हवाई परिवहन जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे. वहीं, एक्स-बैंड डॉप्लर मौसम रडार अग्रिम क्षेत्रों में स्थानीय मौसम की उच्च-स्तरीय और विस्तृत निगरानी उपलब्ध कराएगा. इससे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी.

ये भी पढ़ें: नाबालिग बेटे ने मर्सिडीज से कुचलकर शख्स को मारा, अब जज पिता पर चलेगा केस, केरल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Loading Ad...

₹2.12 लाख करोड़ के इस मेगा रक्षा सौदे 3 पॉइंट्स में समझें!

1. सेना को क्या मिलने जा रहा है?

सशस्त्र बलों का महा-अपग्रेड: भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना को आधुनिक हथियारों और सुरक्षा प्रणालियों से लैस करने का एक बड़ा सरकारी फैसला है.

Loading Ad...

मेगा डिफेंस प्रोजेक्ट: रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में कुल ₹2,11,830 करोड़ के प्रस्तावों (Acceptance of Necessity - AoN) को मंजूरी दी गई है.

स्वदेशी मास्टरस्ट्रोक: इस पूरे बजट का 82% हिस्सा भारतीय कंपनियों (घरेलू रक्षा उद्योग) को जाएगा, जो 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देगा.

2. कैसे होगी सेना मजबूत?

Loading Ad...

आधुनिक हथियारों की एंट्री: सेना को खतरनाक कामिकेज़ ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, नए यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, एडवांस तोपें (Self-Propelled Guns) और बख्तरबंद गाड़ियां मिलेंगी.

बॉर्डर पर अभेद्य सुरक्षा: चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर भारतीय सेना की मारक क्षमता (Firepower) और निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.

मेक इन इंडिया को बूस्ट: टाटा, एलएंडटी, BEL और DRDO जैसी भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को बड़े ऑर्डर मिलेंगे, जिससे देश में रोजगार और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी.

Loading Ad...

3. क्या है इनकी खासियत?

 सुसाइड ड्रोन्स की ताकत: सेना को मिलने वाले कामिकेज़ ड्रोन दुश्मन के इलाके में घुसकर खुद को ब्लास्ट कर देंगे, जिससे बिना किसी मानवीय नुकसान के सटीक हमला संभव होगा.

मिसाइलों को भटकाने वाला कवच: नौसेना के जहाजों के लिए मंजूर किया गया 'डिकॉय सिस्टम' दुश्मन की तरफ से आने वाली खतरनाक एंटी-शिप मिसाइलों के रडार को हवा में ही भटका देगा.

Loading Ad...

स्मार्ट गनशॉट डिटेक्शन: नया गन शॉट रिस्पॉन्स सिस्टम (GSRS) युद्ध के मैदान में दुश्मन की गोली चलते ही उसकी सटीक लोकेशन स्क्रीन पर दिखा देगा, जिससे तुरंत जवाबी हमला किया जा सकेगा.

यह भी पढ़ें

क्या आप इनमें से किसी खास हथियार की रेंज और ताकत के बारे में जानना चाहते हैं, या यह समझना चाहते हैं कि भारतीय कंपनियों को इससे कितना फायदा होगा?

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...