ब्रह्मांड के रहस्यों को ढूंढने की दिशा में NASA का एक और नया कदम: Nancy Grace Roman Space Telescope किया लॉन्च
अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से NASA ने Nancy Grace Roman Space Telescope का सफल लॉन्च किया, जिसका कार्य डार्क मैटर, डार्क एनर्जी और एक्सोप्लैनेट का अध्ययन करना होगा.
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बीते रविवार कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से SpaceX के Falcon Heavy Rocket के जरिए नासा ने Nancy Grace Roman Space Telescope लॉन्च किया. अमेरिकी समय के अनुसार लॉन्च का समय रविवार सुबह 07 बजकर 26 मिनट था, वहीं भारतीय मानक समय के अनुसार लॉन्च का समय रविवार शाम 04 बजकर 57 मिनट था.
यह टेलीस्कोप धरती से 1.5 मिलियन किलोमीटर की दूरी तय करके, Sun-Earth Lagrange Point-2 (L2) पर स्थापित होगा.
क्या काम होगा इस टेलीस्कोप का?
NASA, Nancy Grace Roman Space Telescope के माध्यम से ब्रह्मांड के एक विशाल हिस्से का सर्वेक्षण करेगा, जिसमें ब्रह्मांड के छिपे रहस्यों जैसे कि डार्क मैटर, डार्क एनर्जी और एक्सोप्लैनेट का अध्ययन शामिल रहेगा.
प्रमुख मिशन और क्षमताएं
डार्क मैटर और डार्क एनर्जी की जाँच: यह टेलीस्कोप अरबों गैलेक्सियों का मानचित्र तैयार करेगा और ब्रह्मांड के फैलने की गति को मापेगा, ताकि यह समझा जा सके कि ब्रह्मांड का विस्तार इतनी तेज़ी से क्यों हो रहा है.
एक्सोप्लैनेट की खोज: अपनी ग्रेविटेशनल माइक्रोलेंसिंग तकनीक और वाइड फील्ड व्यू के द्वारा यह टेलीस्कोप हमारे सौर मंडल से बाहर के हजारों नए ग्रहों की खोज करेगा.
ग्रहों की सीधी तस्वीरें: धुंधले एक्सोप्लैनेट और उनके आसपास मौजूद डिस्क्स की प्रत्यक्ष तस्वीरें लेने के लिए यह टेलीस्कोप एक विशेष प्रकार के कोरोनाग्राफ का इस्तेमाल करेगा, जो तारों से आने वाली सीधी रोशनी को रोकने का काम करेगा.
अभूतपूर्व गति: यह टेलीस्कोप अपने वाइड फील्ड इंस्ट्रूमेंट से एक ही तस्वीर में अंतरिक्ष का बहुत बड़ा हिस्सा कैप्चर कर सकता है, इसलिए यह टेलीस्कोप अंतरिक्ष का अध्ययन हबल टेलीस्कोप से 100 गुना बड़े स्तर पर कर सकता है.
टेलीस्कोप की समय-सीमा
शुरुआती दौर में इस टेलीस्कोप के नियोजित प्राथमिक मिशन की अवधि 5 वर्ष रहेगी, लेकिन पर्याप्त ऑनबोर्ड संसाधनों (यानी पर्याप्त मात्रा में फ्यूल और हार्डवेयर) और बेहतर डिजाइन क्षमता होने के कारण यह टेलीस्कोप आगे 5 वर्ष और काम कर सकता है. इसलिए कुल मिलाकर यह टेलीस्कोप 10 वर्षों तक सफलतापूर्वक संचालित हो सकता है.
नैन्सी ग्रेस रोमन के नाम पर रखा गया टेलीस्कोप का नाम
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NASA की पहली मुख्य खगोलशास्त्री और पहली महिला एग्जीक्यूटिव ‘नैन्सी ग्रेस रोमन’ के सम्मान में इस टेलीस्कोप का नाम रखा गया. नैन्सी ग्रेस रोमन को ‘मदर ऑफ हबल’ भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने Hubble Space Telescope के विकास और उसे NASA के प्रमुख मिशन के रूप में आगे बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.