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सोने ने पकड़ी रफ्तार, चांदी भी 2.60 लाख के पार, वैश्विक संकट के बीच कीमती धातुओं में महा-विस्फोट

Gold-Silver Price 23 February: सोने और चांदी की कीमतों ने आज फिर से रफ्तार पकड़ी है. जानें क्या हैं आज के ताजा भाव.

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आज हफ्ते का पहला दिन है और जैसे ही सराफा बाजार खुला, वैसे ही सोने और चांदी की चमक भी बढ़ गई. हालांकि, पिछले कुछ दिनों से इनकी कीमतों में मामूली हेर-फेर ही देखा जा रहा है. 29 जनवरी को इनकी कीमतों में ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई थी. उसके बाद ग्राहकों को थोड़ी राहत मिलनी शुरू हुई. इसके अलावा, वैश्विक अस्थिरता बढ़ने और अमेरिकी टैरिफ पर आए अपडेट के चलते भी सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ी तेजी देखने को मिली.

MCX के मुताबिक सोने की कीमत 

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सुबह 10:30 बजे तक सोना का 2 अप्रैल 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.74 प्रतिशत या 2,724 रुपए की तेजी के साथ 1,59,504 रुपए था. अब के कारोबार में सोने ने 1,60,600 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है. वहीं, अगर चांदी की कीमत की बात की जाए, तो चांदी में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. चांदी के 05 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 12,531 रुपए या 4.95 प्रतिशत बढ़कर 2,65,475 रुपए थी. अब के कारोबार में चांदी ने 2,68,875 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है.

अंतर्राष्ट्रीय बाजार का हाल 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है. कॉमेक्स पर सोना 1.89 प्रतिशत बढ़कर 5,176 डॉलर प्रति औंस और चांदी 5.68 प्रतिशत बढ़कर 87.029 डॉलर प्रति औंस पर थी. सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को हटाने को माना जा रहा है.

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ हटाने से कीमतों में हुई है बढ़ोतरी

बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा था कि ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम, 1977 के तहत बिना कांग्रेस की अनुमति दिए व्यापक टैरिफ लगाए हैं, जो कि संविधान के खिलाफ है. टैरिफ लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं. इस कारण टैरिफ को रद्द किया जा रहा है.

ट्रंप ने उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुक्ल लगा दिया है

दूसरी तरफ ट्रंप ने सेक्शन 122 के विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए दुनिया के सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले उत्पादों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगा दिया था, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है. इसके अतिरिक्त, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के कारण भी वैश्विक अस्थिरता में इजाफा हुआ और इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखा जा रहा है.

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