कहाँ है भारत का सबसे ऊंचा डाकघर? एक ऐसा सफर जहाँ वक़्त ठहर जाता है
भारत के एक कोने में बसे इस डाकघर तक पहुँचने के लिए आपको पहाड़ों की ऊँचाइयों को छूना पड़ता है। समुद्र तल से लगभग 4,440 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह डाकघर हिक्किम गाँव की पहचान है। हिमाचल प्रदेश की Spiti Valley में स्थित इस डाकघर ने साल 1983 से गाँव के लोगों को बाहर की दुनिया से जोड़ कर रखा है। यहाँ ऑक्सीजन का स्तर कम है और मौसम की स्थिति अप्रत्याशित है लेकिन फिर भी यह जगह अपनी स्थापना के बाद से ही इस क्षेत्र और बाहरी दुनिया के बीच एक सेतु का काम कर रहा है।
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भारत भ्रमण पर निकलेंगे तो आपको एक से बढ़कर एक नई नई चीज़ें देखने को मिलेंगी, नए नए experiences होंगे। हर मोड़ पर एक नई कहानी और एक नया रोमांच। लेकिन कुछ ऐसी जगहें है जो luxury या एडवेंचर के लिए नहीं, बल्कि अपनी शांति और सादगी के लिए जानी जाती हैं। ऐसी ही एक जगह हिमालय की चोटियों के बीच छिपी है जो आज दुनिया भर के मुसाफिरों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह जगह है हिक्किम गाँव जहाँ है भारत का सबसे ऊंचा डाकघर।
भारत के एक कोने में बसे इस डाकघर तक पहुँचने के लिए आपको पहाड़ों की ऊँचाइयों को छूना पड़ता है। समुद्र तल से लगभग 4,440 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह डाकघर हिक्किम गाँव की पहचान है। हिमाचल प्रदेश की Spiti Valley में स्थित इस डाकघर ने साल 1983 से गाँव के लोगों को बाहर की दुनिया से जोड़ कर रखा है। यहाँ ऑक्सीजन का स्तर कम है और मौसम की स्थिति अप्रत्याशित है लेकिन फिर भी यह जगह अपनी स्थापना के बाद से ही इस क्षेत्र और बाहरी दुनिया के बीच एक सेतु का काम कर रहा है।
हिक्किम एक ऐसा गाँव है जहाँ इतनी कड़ी परिस्थितियों में भी साल भर आबादी रहती है। यह जगह बंजर पहाड़, बौद्ध मठों और इतनी ऊंचाई पर स्थित दूसरी बस्तियां जैसे कॉमिक और लांग्ज़ा से घिरी है। यह पूरा क्षेत्र अपनी खूबसूरती और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। इस डाकघर का पिनकोड 172114 है जो यहाँ आने वाले हर यात्री की यादों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है।
कैसे पहुंचे भारत के सबसे ऊंचे डाकघर तक?
अगर आप भी इस डाकघर से अपने प्रियजनों को पोस्टकार्ड भेजना चाहते हैं तो सफर की शुरुआत करें काज़ा से। यह स्पीति घाटी का मुख्य शहर है। काज़ा से हिक्किम की दूरी मात्र 15 किलोमीटर है और यहाँ से आप टैक्सी, मोटरसाइकिल या गर्मियों के मौसम में लोकल ट्रांसपोर्ट की सुविधा से यात्रा कर सकते हैं। यहाँ सड़क की स्थिति मौसम पर निर्भर करती है इसीलिए आपको ऊबड़-खाबड़ रास्तों का सामना करना पड़ सकता है। मई से सितंबर तक हिक्किम की यात्रा करना सबसे अनुकूल माना जाता है। इस दौरान सड़कें खुली होती हैं और मौसम सुहावना रहता है।
सर्दियों के मौसम में भारी बर्फबारी के कारण इस जगह का संपर्क बाकी दुनिया से कट जाता है। इस दौरान यहाँ पहुँचना लगभग असंभव होता है और डाक सेवाएँ भी कुछ समय के लिए बंद कर दी जाती हैं।
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