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भारत की इन खूबसूरत जगहों पर बिना परमिट इंडियंस की भी एंट्री है बैन! जानिए क्यों

ILP की ज़रुरत उन जगहों के लिए होती है जो आमतौर पर भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब स्थित होते हैं, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ILP का अनिवार्य होना सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं है बल्कि सुरक्षा के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण और लोकल संस्कृति को बचाए रखने के लिए भी ये ज़रूरी हो जाता है। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसी जगहों के बारे में जहाँ घूमने जाने के लिए आपको इस परमिट की ज़रुरत पड़ेगी।

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भारत में घूमने के लिए कई खूबसूरत और adventurous जगहें हैं। इन्हीं में से कुछ जगहें ऐसी हैं जहाँ जाने के लिए सामान्य पहचान पत्रों के अलावा स्पेशल परमिट लेने की ज़रुरत पड़ती है। इसे इनर लाइन परमिट (ILP) कहा जाता है। ये एक official travel document है जिसे भारत सरकार द्वारा जारी किया जाता है। इस परमिट का एक टाइम लिमिट होता है जिसके बीच आप उस जगह पर जा सकते हैं या घूम सकते हैं। 

ILP की ज़रुरत उन जगहों के लिए होती है जो आमतौर पर भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब स्थित होते हैं, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ILP का अनिवार्य होना सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं है बल्कि सुरक्षा के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण और लोकल संस्कृति को बचाए रखने के लिए भी ये ज़रूरी हो जाता है। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसी जगहों के बारे में जहाँ घूमने जाने के लिए आपको इस परमिट की ज़रुरत पड़ेगी।

अरुणाचल प्रदेश

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अगर आप अरुणाचल प्रदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपको यहाँ के लिए परमिट लेने की ज़रुरत है। ये राज्य तीन देशों की सीमाओं पर स्थित है - म्यांमार, भूटान और चीन। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे होने के कारण ये सेंसिटिव एरिया हो जाता है। इसीलिए यहाँ लोगों के प्रवेश और आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए परमिट की आवश्यकता है।

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नागालैंड

नागालैंड अपनी अनोखी जनजाति और परंपराओं के लिए और म्यांमार के साथ साझा होने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। इसीलिए सुरक्षा की दृष्टि से और यहाँ की संस्कृति और पहचान को बनाए रखने के लिए इनर लाइन परमिट लेना आवश्यक है।

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मिजोरम

मिजोरम में भी ILP सिस्टम लागू है क्योंकि ये म्यांमार और बांग्लादेश के साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं साझा करता है। साथ ही यहाँ मौजूद कई स्वदेशी जनजाति पर परेशानी न आए इसके लिए भी परमिट का नियम लागू किया गया है। टूरिस्ट्स मिजोरम सरकार के Liaison Officer से ये परमिट प्राप्त कर सकते हैं। भारत के प्रमुख शहरों जैसे नई दिल्ली, कोलकाता, गुवाहाटी, शिलचर और शिलांग से ये परमिट प्राप्त किया जा सकता है। लेंगपुई हवाई अड्डे, अइज़ोल से आने वाले यात्रियों के लिए एक विशेष पास की सुविधा उपलब्ध है।

लक्षद्वीप

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लक्षद्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इन द्वीपों पर पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए सभी यात्रियों के लिए परमिट लेना अनिवार्य है। यहाँ के कुछ द्वीप ऐसे हैं जहां जाना पूरी तरह बैन है, जैसे नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड। वहां के आदिवासी समुदाय और उनकी जीवनशैली पर बाहरी दुनिया का प्रभाव न पड़े इसीलिए ऐसा किया गया है। 

 

 

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