होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकला जहाज, 15 लाख सिलेंडर का हो गया इंतजाम, LPG सप्लाई में आएगी तेजी
LPG Crisis: भारत में पिछले करीब डेढ़ महीने से एलपीजी सिलेंडर को लेकर लोगों को थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है. कई जगहों पर लोगों को लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है.
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LPG: हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत बेनतीजा रही , जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. इस तनाव का असर सिर्फ इन दोनों देशों तक सिमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहा है. खासकर भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में तेल और गैस आयात करते है , उनके लिए यह सिचुएशन चिंता का कारण बन जाती है.
भारत में एलपीजी को लेकर स्थिति
भारत में पिछले करीब डेढ़ महीने से एलपीजी सिलेंडर को लेकर लोगों को थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है. कई जगहों पर लोगों को लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है. हालांकि सरकार बार-बार कह रही है कि देश में किसी तरह की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
फिर भी, आम आदमी के अनुभव कुछ और ही कहानी बताते हैं, जहां रोजमर्रा की जरूरत के लिए गैस सिलेंडर पाने में इंतजार करना पड़ रहा है. ऐसे समय में कोई भी अच्छी खबर लोगों को राहत देती है.
‘जग विक्रम’ का आगमन
इसी बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है. भारतीय झंडे वाला जहाज जग विक्रम 20,400 टन एलपीजी लेकर 15 अप्रैल 2026 को कांडला पोर्ट पहुंचने वाला है.
इस जहाज पर 24 नाविक सवार हैं और खास बात यह है कि यह 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर चुका है. यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और गैस गुजरती है और जहां हाल के तनाव के कारण खतरा बना हुआ था.इस जहाज में जितनी एलपीजी आई है, उससे करीब 14.57 लाख घरेलू गैस सिलेंडर भरे जा सकते हैं. यानी लाखों परिवारों को इससे सीधा फायदा मिलेगा.
सरकार का बड़ा फैसला, समय पर हर घर तक पहुंचेगी LPG गैस, बुकिंग से डिलीवरी तक बदले नियम
होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. खाड़ी देशों से निकलने वाला ज्यादातर तेल और गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है.
जब भी इस इलाके में तनाव बढ़ता है, तो पूरी दुनिया में ऊर्जा सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ता है. यही वजह है कि ‘जग विक्रम’ का सुरक्षित इस रास्ते को पार करना बहुत बड़ी बात मानी जा रही है.
बुकिंग और डिलीवरी में क्या बदला है?
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ जरूरी बदलाव किए हैं कि हर व्यक्ति तक बराबरी से गैस पहुंचे. अब शहरों में गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. वहीं गांवों में यह समय 45 दिन कर दिया गया है. इसका मतलब है कि हर उपभोक्ता को सही समय पर गैस मिले और कहीं भी कमी जैसी स्थिति न बने.
रिकॉर्ड सप्लाई से भरोसा बढ़ा
सरकार ने 7 अप्रैल 2026 को एक दिन में 53.5 लाख घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई की, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है. इससे यह साफ होता है कि सिस्टम मजबूत है और बढ़ती मांग को आसानी से पूरा कर सकता है.
भारत की ऊर्जा जरूरत और निर्भरता
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भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है.
लगभग 88% कच्चा तेल बाहर से आता है
50% प्राकृतिक गैस आयात होती है
और करीब 60% एलपीजी भी विदेशों से आती है
इनमें से ज्यादातर सप्लाई खाड़ी देशों से होती है, इसलिए वहां की स्थिति भारत के लिए बेहद अहम हो जाती है.
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