LPG Crisis: गैस की किल्लत के बीच बड़ा फैसला, इन लोगों के लिए आसान हुई बुकिंग, जानिए किसे मिली राहत और किसके लिए बढ़ी मुश्किल
LPG Cylinder: तेल कंपनियों ने बुकिंग के नियमों में जो बदलाव किए हैं, उनका मकसद साफ़ हैं, गैस की किल्लत को कम करना, कालाबाजारी रोकना और सही लोगों तक गैस पहुंचना, लेकिन इसका मतलब यह भी हैं कि अब आपको पहले से ज्यादा प्लानिंग के साथ गैस इस्तेमाल करनी होगी.
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LPG Booking New Update: रसोई गैस से जुड़ा यह नया बदलाव आम लोगों की रोजमर्या की जिंदगी पर सीधा असर डालने वाला है. हाल ही में तेल कंपनियों ने बुकिंग के नियमों में जो बदलाव किए हैं, उनका मकसद साफ़ हैं, गैस की किल्लत को कम करना, कालाबाजारी रोकना और सही लोगों तक गैस पहुंचना, लेकिन इसका मतलब यह भी हैं कि अब आपको पहले से ज्यादा प्लानिंग के साथ गैस इस्तेमाल करनी होगी.
अब पहले जैसी नहीं रहेगी गैस बुकिंग
पहले लोग जब चाहे गैस बुक कर लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. नई व्यवस्था के तहत हर तरह के उपभोक्ता के लिए अलग-अलग समय सीमा तय कर दी गई है. यानी अब सिस्टम खुद तय करेगा कि आप कब अगला सिलिंडर बुक कर सकते हैं.अगर तय समय से पहले बुकिंग करने की कोशिश करेंगे, तो सिस्टम उसे अपने आप ब्लॉक कर देगा. इसलिए अब जरूरत पड़ी तो बुक कर लेंगे वाली आदत बदलनी पड़ेगी.
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उज्ज्वला और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए अलग नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस लेने वालों के लिए नियम थोड़े सख्त कर दिए गए हैं.उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अब 14.2 किलो वाला सिलिंडर दोबारा बुक करने के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा. वहीं सामान्य उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 25 दिन रखी गई है. यानी अगर आप उज्ज्वला कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको गैस बहुत सोच-समझकर इस्तेमाल करनी होगी, ताकि बीच में परेशानी न हो.
डबल सिलिंडर वालों के लिए भी नया नियम
अगर आपके घर में दो सिलिंडर हैं, तो यह सोचकर निश्चिंत मत हो जाइए कि कभी भी बुक कर लेंगे. अब डबल सिलिंडर वाले उपभोक्ताओं को भी अगला सिलिंडर बुक करने के लिए कम से कम 35 दिन का इंतजार करना होगा.
वहीं, जिनके पास सिर्फ एक सिलिंडर है, उनके लिए 25 दिन का अंतराल तय किया गया है. इसका सीधा मतलब है कि अब हर घर को अपने इस्तेमाल का हिसाब रखना पड़ेगा.
छोटे सिलिंडर पर भी लागू हुए नए नियम
5 किलो वाले छोटे सिलिंडर (छोटू) के लिए भी समय सीमा तय कर दी गई है.
शहरी इलाकों में इसे 9 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 16 दिन बाद ही दोबारा बुक किया जा सकेगा.
इसी तरह 10 किलो के कंपोजिट सिलिंडर के लिए भी अलग-अलग अंतराल तय किया गया है , शहर में 18 दिन और गांव में 32 दिन.
कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती
इन नए नियमों के पीछे सबसे बड़ा कारण गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना है. कई जगहों पर घरेलू गैस का इस्तेमाल होटल और ढाबों में किया जा रहा था, जिससे असली जरूरतमंदों को दिक्कत हो रही थी.
अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कोई भी व्यक्ति या एजेंसी इस तरह की गड़बड़ी करते हुए पकड़ी गई, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
होटल और कमर्शियल यूज पर भी असर
कमर्शियल गैस सिलिंडर के मामले में भी सख्ती बढ़ाई गई है. अब होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को उनके पुराने इस्तेमाल के मुकाबले सिर्फ 10% तक ही गैस दी जाएगी.
वहीं अस्पताल, रेलवे और स्कूल जैसे जरूरी संस्थानों को थोड़ा राहत देते हुए 20% तक गैस देने का नियम बनाया गया है. इससे जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों, इसका ध्यान रखा गया है.
अब समझदारी से करना होगा गैस का इस्तेमाल
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ये बदलाव लोगों को थोड़ा परेशान जरूर कर सकते हैं, लेकिन इसका मकसद सिस्टम को बेहतर बनाना है. अब आपको अपनी रसोई की प्लानिंग पहले से करनी होगी, कितनी गैस बची है, कब खत्म हो सकती है और कब बुकिंग करनी है.
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