‘बच्चे नहीं हैं, जानबूझकर किया…’ गंगा में हड्डी फेंकने वालों की जमानत अर्जी दूसरी बार खारिज, कोर्ट ने क्या कहा?
रमजान पर गंगा में इफ्तार पार्टी करने वालों की बेल याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट ने 6 पेज का आदेश सुनाते हुए सभी 14 आरोपियों को कड़ी फटकार लगाई है.
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Varanasi: रमजान के दौरान गंगा नदी के बीच इफ्तार पार्टी करने और गंगा नदी में हड्डी फेंकने के आरोपियों की मुसीबत और बढ़ गई है. कोर्ट ने सभी 14 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. ये दूसरी बार है जब आरोपियों को कोर्ट से झटका लगा है.
दरअसल, रमजान में कुछ मुस्लिम लड़कों ने बनारस के गंगा घाट पर इफ्तारी की थी. कुल 14 लड़कों ने नाव में सवार होकर इफ्तारी की और जमकर नॉनवेज खाया. इन लड़कों ने नॉनवेज खाने के बाद हड्डियां नदी में फेंक दी. इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद सभी को अरेस्ट कर लिया गया.
कोर्ट ने जमानत खारिज करते हुए क्या कहा?
आरोपियों की जमानत पर सुनवाई के लिए उन्हें जिला जज की कोर्ट में पेश किया गया. जहां एक अप्रैल सुबह 11.30 बजे बहस शुरू हुई. इसके बाद एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (ADJ) आलोक कुमार ने आदेश सुनाया. इस 6 पन्नों के आदेश में उन्होंने कहा,
‘ये काम जान-बूझकर किया गया था. ये लोग कोई बच्चे नहीं हैं. सबसे बड़ी बात तो ये है कि जिस घाट पर उन लोगों ने इफ्तार किया, वो पछंगा घाट था और वो गंगा आरती का समय था. जगह-जगह पूजा चल रही थी. ऐसे में बीच धारा में इस तरह का कृत्य करना गंभीर अपराध है.’
कोर्ट के आदेश से साफ है कि युवकों ने जानबूझकर हिंदुओं की भावनाओं को भड़काया था. साथ ही साथ उनका मकसद धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ना भी था.
Video वायरल होने के बाद कसा था शिकंजा
गंगा के बीच नॉनवेज पार्टी कर मुस्लिम युवकों ने वीडियो भी बनाकर पोस्ट किया था. जिसके बाद हिंदू संगठन भड़क गए और युवकों की गिफ्तारी की मांग की. BJP युवा मोर्चा ने उनके खिलाफ थाने में केस दर्ज करवाया.
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मुस्लिम युवकों की इस हरकत के बाद वाराणसी की गलियों में आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा. हिंदू संगठन बुरी तरह भड़क उठे, सड़कों पर उतरकर बवाल काटा गया और पुलिस प्रशासन से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की गई. वायरल वीडियो में देखा गया कि ये लोग न केवल नॉनवेज का सेवन कर रहे थे, बल्कि खाकर हड्डियां और जूठन सीधे पवित्र गंगा में प्रवाहित कर रहे थे. ये सिर्फ एक पार्टी नहीं थी, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं पर किया गया एक सीधा प्रहार था, लेकिन इसके बाद पुलिस ने इन पर ऐसा शिकंजा कसा कि अभी तक जेल की सलाखों में हैं.
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