×
जिस पर देशकरता है भरोसा

'शौर्य को सलाम, सैनिकों का सम्मान एक ही ध्येय...', सीएम धामी ने रचा इतिहास, शहीद जवानों और उनके परिवारों के लिए ताबड़तोड़ फैसले लेकर देश को दिखाई नई राह

उत्तराखंड की धामी सरकार ने बीते चार वर्षों में सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को प्राथमिकता में रखते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं. सैनिकों के सम्मान और सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने न केवल नीतिगत फैसले लिए, बल्कि धरातल पर उतरते हुए कई योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की हैं.

Author
26 Jul 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:15 AM )
'शौर्य को सलाम, सैनिकों का सम्मान एक ही ध्येय...', सीएम धामी ने रचा इतिहास, शहीद जवानों और उनके परिवारों के लिए ताबड़तोड़ फैसले लेकर देश को दिखाई नई राह
Image: Pushkar Singh Dhami / IANS
Advertisement

देश भर में कारगिल विजय दिवस की वर्षगांठ को गर्व और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है. पूरा भारत भारतीय सेना के पराक्रम, बल, अद्भत शौर्य को याद कर रहा है. इसी बीच 26 जुलाई को 26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित चीडबाग के शौर्य स्थल पर एक भव्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया. उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) ने वीरगति प्राप्त सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

इस दौरान राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा, “राष्ट्र सदैव वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है.” उन्होंने युवाओं से राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित होने का आह्वान किया और कारगिल के वीरों की भावना को आत्मसात करने की बात कही.

श्रद्धांजलि और शौर्य को याद करने से इतर उत्तराखंड की धामी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान देश के वीर जवानों के सम्मान, सुविधा और शौर्य के गौरव को बढ़ाने के दिशा में कई प्रावधान किए हैं, कई कार्य किए हैं.

Advertisement

उत्तराखंड की धामी सरकार ने बीते चार वर्षों में सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को प्राथमिकता में रखते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं. सैनिकों के सम्मान और सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने न केवल नीतिगत फैसले लिए, बल्कि धरातल पर उतरते हुए कई योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की हैं.

राष्ट्रीय श्रद्धा का प्रतीक बना देहरादून का शौर्य स्थल

देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानियों की स्मृति में देहरादून में एक भव्य सैन्य धाम (शौर्य स्थल) का निर्माण किया गया है. इस धाम में प्रदेश की 28 नदियों का जल और शहीदों के घरों की मिट्टी एकत्र कर समर्पित की गई है, जो इसे राष्ट्रीय श्रद्धा का प्रतीक बनाती है.

Advertisement

शहीदों के नाम पर किए जा रहे महत्वपूर्ण स्थलों के नामकरण

साथ ही, राज्य भर में शहीद स्मारकों का निर्माण, स्कूल और सड़कों का नामकरण शहीदों के नाम पर कर उनका सम्मान सुनिश्चित किया जा रहा है. खटीमा में सैनिक मिलन केंद्र और सीएसडी कैंटीन तथा टनकपुर में आधुनिक सैनिक विश्राम गृह का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

बढ़ी शहीद के परिवार को मिलने वाली अनुग्रह राशि 
धामी सरकार ने शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए कर दी है. साथ ही, शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी अथवा पूर्व सैनिकों जैसी छूट का प्रावधान किया गया है. सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की समयसीमा को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष किया गया है.

Advertisement

पूर्व सैनिक वीरांगनाओं और पुत्रियों का भी रखा जा रहा पूरा ख्याल
पूर्व सैनिक वीरांगनाओं और पुत्रियों को ड्रोन दीदी योजना के तहत रोजगारपरक ड्रोन प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बदरीनाथ धाम की निःशुल्क यात्रा का लाभ भी अब 60 वर्ष से अधिक उम्र के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और वीरांगनाओं को मिल रहा है.

उत्तराखंड रोडवेज में मुफ्त यात्रा की सुविधा 

वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को उत्तराखंड रोडवेज में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है. साथ ही, 25 लाख रुपए तक की संपत्ति खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट का प्रावधान भी किया गया है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें