×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

70 साल का इंतजार खत्म... CM योगी के हाथों बांग्लादेश से आए 331 परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए और 213 परियोजनाओं का शिलान्यास किया. साथ ही आवास योजना के तहत घरों की चाबियां भी दी गईं.

70 साल का इंतजार खत्म... CM योगी के हाथों बांग्लादेश से आए 331 परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक
Source: X/ @myogiadityanath
Advertisement

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से शनिवार को एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने दशकों से अपने अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय और असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए. इस मौके पर 213 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया गया. साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां भी सौंपी गईं.

दशकों का इंतजार हुआ खत्म

यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक पल था, जो आजादी के बाद से ही जमीन के मालिकाना हक के लिए संघर्ष कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में साफ कहा कि इन परिवारों को अब तक सिर्फ बसाया गया, लेकिन उन्हें कानूनी अधिकार नहीं दिए गए. अब पहली बार सरकार ने उनके अधिकार को सुनिश्चित किया है.

Advertisement

गांव का नाम बदलने का बड़ा ऐलान

कार्यक्रम के दौरान एक और बड़ा ऐलान किया गया. लखीमपुर खीरी के मियांपुर गांव, जहां बांग्लादेश से आए लोग बसे हैं, उसका नाम बदलकर अब रविंदर नगर रखा जाएगा. यह फैसला स्थानीय पहचान और सम्मान को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है. मुख्यमंत्री ने थारू समाज का भी विशेष उल्लेख किया और कहा कि उन्हें भी पहली बार जमीन का मालिकाना हक दिया गया है. थारू समुदाय खुद को महाराणा प्रताप का वंशज मानता है और उनकी जयंती से पहले यह कदम उनके सम्मान का प्रतीक है.

पूर्व सरकारों पर निशाना

मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने इन परिवारों को बसाया जरूर, लेकिन अधिकार देने में असफल रहे. उन्होंने यह भी बताया कि स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े परिवारों को भी जमीन का हक दिया जा रहा है. 1947 और 1971 के दौरान विस्थापित हुए करीब 1000 परिवारों को भी भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है, जिसे उनका अधिकार बताया गया.

Advertisement

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का भी जिक्र

राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में हुए अत्याचारों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वहां से आए लोगों ने वर्षों तक कठिनाइयों का सामना किया और उनकी पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे किए गए. ऐसे में भारत में उन्हें सम्मानजनक जीवन देना सरकार की जिम्मेदारी है. इस फैसले के पीछे एक बड़ा कानूनी बदलाव भी है. उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हाल ही में ‘उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) 2026’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत 2006 की संहिता में बदलाव किए गए हैं. इस संशोधन के जरिए धारा 76(1) में नए प्रावधान जोड़कर इन परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने का रास्ता साफ किया गया है.

कितने परिवारों को मिलेगा लाभ

Advertisement

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, इस फैसले से राज्य के चार जिलों – लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बिजनौर और रामपुर – में बसे 12,380 परिवारों को लाभ मिलेगा. इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 के तहत भारतीय नागरिकता के पात्र हैं, साथ ही अनुसूचित जनजाति और पुनर्वासित परिवार भी इस योजना के दायरे में आते हैं.

70 साल की समस्याओं से मिलेगी राहत

अगर जिलावार आंकड़ों की बात करें तो लखीमपुर खीरी में 2,350 परिवार, पीलीभीत में 4,000, बिजनौर में 3,856 और रामपुर में 2,174 परिवार इस फैसले से प्रभावित होंगे. ये सभी परिवार करीब 70 वर्षों से राज्य में रह रहे हैं, लेकिन जमीन का मालिकाना हक न होने के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था. बैंक से कर्ज लेने में दिक्कत, सरकारी खरीद केंद्रों पर उपज बेचने में बाधाएं और सामाजिक असुरक्षा जैसी समस्याएं इनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थीं.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि अब सरकार के इस फैसले से न सिर्फ इन परिवारों को कानूनी अधिकार मिला है, बल्कि उनके जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास भी आया है. यह कदम सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदनाओं का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है, जो आने वाले समय में हजारों परिवारों की जिंदगी बदल सकता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें