×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी! विपक्ष पर भड़के स्पीकर, जानिए क्या है पूरा मामला?

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को बम की धमकी मिलने की पुष्टि करते हुए सुरक्षा स्थिति स्पष्ट की और महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान विपक्ष की अनुपस्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन पर निशाना साधा.

Author
26 Mar 2026
( Updated: 26 Mar 2026
08:00 AM )
दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी! विपक्ष पर भड़के स्पीकर, जानिए क्या है पूरा मामला?
Social_Media
Advertisement

दिल्ली विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है. विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन में बताया कि स्पीकर कार्यालय को एक और धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें दोपहर 1:40 बजे विस्फोट की बात कही गई थी. उन्होंने बताया कि मेल में 16 आरडीएक्स आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया है. इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचना दे दी गई है. दिल्ली पुलिस का बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचा और पूरे परिसर की गहन जांच की गई.

मामले की हर एंगल से जांच होगी

अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले की हर एंगल से जांच होनी चाहिए, क्योंकि इसमें आतंकवादी और राष्ट्र विरोधी ताकतों के शामिल होने की आशंका जताई गई है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शक्तियों को कहीं न कहीं से समर्थन मिल रहा है, जिसका खुलासा होना जरूरी है.

विपक्ष की गैरहाजिरी पर भड़के स्पीकर

Advertisement

इसी दौरान उन्होंने विधानसभा सत्र से विपक्ष की गैरहाजिरी पर भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने विपक्ष के नेताओं और विधायकों से अपील की कि वे सदन से दूरी न बनाएं और अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करें. उन्होंने कहा कि सदन में अनुपस्थित रहकर ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है. सीएजी, पीएसी और अन्य रिपोर्ट्स के साथ-साथ बजट पर चर्चा से दूर रहना जनता की उम्मीदों के विपरीत है.

‘लोकतंत्र में दोनों पक्षों की समान जिम्मेदारी’

उन्होंने विपक्ष पर गैर-जिम्मेदार व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की समान जिम्मेदारी होती है, लेकिन विपक्ष इस भूमिका को ठीक से निभाता नजर नहीं आ रहा है. जनता सब देख रही है और इस तरह का रवैया भविष्य में विपक्ष की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है.

Advertisement

अध्यक्ष की अपील- विपक्ष चर्चा में शामिल हो

यह भी पढ़ें

अध्यक्ष ने विपक्ष से 27 मार्च को सदन में उपस्थित होकर चर्चा में भाग लेने की अपील की. साथ ही उन्होंने अपने विपक्ष में रहने के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि संख्या कम होने के बावजूद उन्होंने कभी सदन का बहिष्कार नहीं किया और लगातार जनता के मुद्दे उठाए.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें