वंदे भारत में खराब Amul दही मिलने पर रेलवे का कड़ा एक्शन, IRCTC और कैटरिंग कंपनी पर 50 लाख का जुर्माना, अमूल को नोटिस
Indian Railway: पटना - टाटानगर रूट की वंदे भारत में एक बड़ा मामला सामने आया. ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री ने बताया कि उन्हें परोसा गया अमूल दही ख़राब था. उन्होंने रेलवे से शिकायत की कि दही खाने योग्य नहीं था.
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Railway Strict Action: भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस हमेशा अपनी तेज रफ़्तार और शानदार सुविधाओं के लिए जानी जाती है. इसके खाने -पीने की चीजें भी यात्रियों की पसंद होती हैं. लेकिन हाल ही में पटना - टाटानगर रूट की वंदे भारत में एक बड़ा मामला सामने आया. ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री ने बताया कि उन्हें परोसा गया अमूल दही ख़राब था. उन्होंने रेलवे से शिकायत की कि दही खाने योग्य नहीं था.
रेलवे ने इसे बहुत गंभीर मुद्दा माना, क्योंकि वंदे भारत जैसी हाई - प्रोफाइल ट्रेन में खाने की गुणवत्ता खराब होना यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है. इस बात को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने तुरंत कार्यवाई की.
आईआरसीटीसी पर जुर्माना
रेलवे ने इस मामले में सीधे अपनी ही कंपनी आईआरसीटीसी को जिम्मेदार ठहराया. आईआरसीटीसी वही कंपनी है जो वंदे भारत में खान-पान की व्यवस्था करती है. रेलवे ने इस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया.
इसका मतलब साफ है कि रेलवे अब अपने नियमों और मानकों में कोई समझौता नहीं करेगी.
आईआरसीटीसी को इस घटना के लिए कड़ा संदेश दिया गया कि अगर भविष्य में ऐसी कोई लापरवाही हुई, तो केवल जुर्माना ही नहीं बल्कि और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.
15 मार्च 2026 को ट्रेन संख्या 21896 (पटना – टाटानगर वंदे भारत एक्स) में पाई गई अनियमितता के संबंध में यात्री द्वारा भोजन की गुणवत्ता पर की गई शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। कार्रवाई करते हुए IRCTC पर ₹10 लाख का दंड लगाया गया है, संबंधित service provider पर ₹50 लाख का…
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) March 25, 2026
कैटरिंग कंपनी पर सबसे बड़ा जुर्माना
इसके अलावा, रेलवे ने खाने की आपूर्ति करने वाली कैटरिंग कंपनी पर भी कड़ी कार्रवाई की. कंपनी ने जो दही रेलवे को सप्लाई की थी, वह खराब निकली. इसलिए रेलवे ने इस कंपनी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया.
सिर्फ इतना ही नहीं, कंपनी के कॉंट्रैक्ट को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उसे भविष्य में किसी भी रेलवे टेंडर में हिस्सा लेने से रोकने के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जा रहा है. इससे साफ संदेश जाता है कि रेलवे अपने यात्रियों की सेहत के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी.
अमूल को भी नोटिस
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चूंकि परोसा गया दही अमूल ब्रांड का था, इसलिए रेलवे ने कंपनी को भी नोटिस भेजा है. आईआरसीटीसी ने अमूल से जवाब मांगा है कि आखिर इतनी बड़ी ब्रांड होने के बावजूद दही की गुणवत्ता में चूक कैसे हुई. रेलवे को दही की शुद्धता और शेल्फ-लाइफ को लेकर गंभीर चिंता है.
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