बारिश के बीच प्रेमानंद महाराज से मिलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, आश्रम में राधे-राधे से हुआ स्वागत, जानें क्या हुई बात
वृंदावन धाम में झमाझम बारिश के बीच सुबह करीब 7 बजे प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू आश्रम पहुंची. इस दौरान उनके साथ उनकी बेटी और दामाद और नातिन ने भी संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की.
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President Draupadi Murmu in Vrindavan: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. इस दौरान शुक्रवार 20 मार्च को महामहिम वृंदावन पहुंची. जहां उन्होंने श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की. कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच द्रौपदी मुर्मू और प्रेमानंद महाराज की मुलाकात हुई.
प्रेमानंद महाराज से मुलाकात में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की. वृंदावन धाम में बारिश के बीच सुबह करीब 7 बजे प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू आश्रम पहुंची. इस दौरान राष्ट्रपति के साथ उनकी बेटी और दामाद और नातिन ने भी संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की.
प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने किया भव्य स्वागत
श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचते ही प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों और शिष्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. प्रेमानंद महाराज ने राधे-राधे कहकर उनका अभिवादन स्वीकार किया. 19 मार्च को प्रेमानंद महाराज का 56वां जन्मदिन था, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुलाकात में उन्हें जन्मदिन की बधाई भी दी.
इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आश्रम में समय बिताते हुए संत प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया और उनके विचारों को समझा. प्रेसिडेंट मुर्मू ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक मार्गदर्शक समाज में सेवा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं. उनके साथ बातचीत में दोनों ने समाज की भलाई और लोगों के कल्याण पर भी चर्चा की.
अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति साध्वी ऋतंभरा की ओर से स्थापित संस्था वात्सल्य ग्राम के दौरे का भी प्लान है. यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए जानी जाती है और राष्ट्रपति वहां जाकर संस्थान के कामकाज की जानकारी लेंगी और बच्चों और बुजुर्गों से मिलेंगी.
गोवर्धन परिक्रमा करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
अपने तीन दिवसीय दौरे में 21 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गोवर्धन के दंगहाटी मंदिर में प्रार्थना और सात मील की पारंपरिक गोवर्धन परिक्रमा करेंगी. इसके बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी.
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इससे पहले, उन्होंने 19 मार्च को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की और वैदिक मंत्रों के साथ प्रार्थना की. यह यंत्र मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित किया गया है और इसे मंदिर निर्माण का अंतिम स्तर माना जाता है. इस स्थापना के साथ ही मंदिर का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हुआ माना जा रहा है. इसके बाद राष्ट्रपति गुरुवार शाम मथुरा पहुंचीं और वहां इस्कॉन मंदिर गईं. उन्होंने मंदिर में प्रार्थना की और शाम की आरती में भाग लिया. ये दूसरा मौका है जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मथुरा आई हैं. इससे पहले वह 25 सितंबर 2025 को मथुरा पहुंची थीं. उस समय उन्होंने बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए थे.
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