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स्वीडन में PM मोदी का जोरदार स्वागत, स्वीडिश लड़ाकू विमानों ने किया 'सलाम’, जानें दो दिन के दौरे में क्या-क्या होगा?

नीदरलैंड के बाद PM मोदी स्वीडन की यात्रा पर हैं. यहां पहुंचते ही एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत हुआ. एफ16 जेट विमान ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया.

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17 May 2026
( Updated: 17 May 2026
07:16 PM )
स्वीडन में PM मोदी का जोरदार स्वागत, स्वीडिश लड़ाकू विमानों ने किया 'सलाम’, जानें दो दिन के दौरे में क्या-क्या होगा?
Source- Screengrab/X/@narendramodi
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PM Modi Sweden Visit: नीदरलैंड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन दौरे पर हैं. यहां वे स्वीडन के गोथेनबर्ग हवाई अड्डे पर उतरे. जहां PM उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इससे पहले स्वीडन के एयर स्पेस में स्वीडन में प्रवेश करते समय स्वीडिश ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने PM मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया. 

दरअसल, PM मोदी पांच दिन के विदेश दौरे पर हैं. इसकी शुरुआत UAE यूएई की यात्रा के साथ हुई. इसके बाद नीदरलैंड और फिर तीसरे दिन स्वीडन पहुंचे. स्वीडन में PM मोदी का 17 और 18 मई दो दिन का दौरा है. स्वीडन के बाद वह नॉर्वे और इटली जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी का विमान जैसे ही स्वीडन की सीमा में पहुंचा, स्वीडिश वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उन्हें विशेष सुरक्षा मुहैया कराई. इससे पहले यूएई पहुंचने पर भी ऐसा ही नजारा दिखा था, जहां एफ16 जेट विमान ने पीएम मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया था.

PM मोदी के स्वीडन दौरे पर क्या-क्या होगा? 

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PM मोदी के इस दौरे से भारत और स्वीडन के बीच व्यापार, इनोवेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और उभरते क्षेत्रों में संबंधों के और गहरे होने की उम्मीद है. दोनों नेता भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और व्यापार, निवेश के साथ नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे. 

भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है. दोनों देशों के बीच पर्यावरण हितैषी तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उभरती प्रौद्योगिकियां, स्टार्टअप, लचीली सप्लाई चेन, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा. 

स्वीडन में भारत के राजदूत अनुराग भूषण के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वीडन दौरा दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने, सहयोग बढ़ाने और लोगों के बीच जुड़ाव को गहरा करने के लिए बहुत जरूरी है. 

IANS से बातचीत में भूषण ने कहा कि स्वीडन में रहने वाले भारतीय इस दौरे को लेकर बहुत उत्साहित हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक जुड़ाव और बढ़ने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री, स्वीडिश पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन के बुलावे पर आ रहे हैं, तो बेशक वे क्रिस्टर्सन और उनकी लीडरशिप टीम के साथ द्विपक्षीय कंसल्टेशन करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री स्वीडन की बिजनेस कम्युनिटी के साथ भी बातचीत करेंगे. वे यूरोपीय राउंडटेबल ऑफ इंडस्ट्री के सदस्यों को भी संबोधित करेंगे, जो यूरोप की टॉप कंपनियों का एक ग्रुप है.’

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इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, स्वीडन के प्रधानमंत्री और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे. यह मंच यूरोप की बड़ी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों का एक महत्वपूर्ण समूह माना जाता है. पीएम इससे पहले वर्ष 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए स्वीडन गए थे. 

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