सामने Indian NAVY, हाथ में तिरंगा, साथ में LPG...खाड़ी से सुरक्षित निकलते ही भारतीय नाविकों ने लगाया भारत माता की जय का नारा
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच 94,000 मीट्रिक टन LPG लेकर दो और कार्गो भारत पहुंचने वाला है. इन्हें खाड़ी से सुरक्षित इंडियन नेवी निकाला और एस्कॉर्ट किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
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खाड़ी में जंग के बीच भारत में तेल और गैस को लेकर पैदा हुए हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होते दिख रहे हैं. ईरान की तरफ से भारत सहित पांच देशों को होर्मुज को सुरक्षित पास करने देने के ऐलान के बीच दो भारतीय एलपीजी कैरियर-BW TYR और BW ELM ने खाड़ी क्षेत्र को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है और अब वे भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं. इनमें लगभग 94,000 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लदा है. ख़बर के मुताबिक इसे भारतीय नौसेना ( Indian Navy) एस्कॉर्ट कर रही है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
भारत आ रहे दो और LPG के जहाज!
बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार BW TYR मुंबई की ओर बढ़ रहा है और इसके 31 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है, जबकि BW ELM न्यू मैंगलोर के रास्ते में है और इसके 1 अप्रैल को पहुंचने की उम्मीद है.
आपको बता दें कि खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं. बयान में कहा गया है कि इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि इंडियन नेवी के कैरियर और डेस्ट्रायर कार्गो टैंकर और जहाजों के आगे-पीछे एक मानक दूरी पर चल रहे हैं. इस दौरान दोनों टैंकर्स पर मौजूद क्रू मेंबर्स हाथ में तिरंगा लिए 'भारत माता की जय' के नारे लगा रहे हैं.
फिलहाल पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में कुल 18 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर 485 भारतीय नाविक सवार हैं. जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है.
Two LPG carriers, BW Tyr and BW Elm, carrying a combined LPG cargo of about 94,000 MT, have safely transited the region and are moving towards India shores. BW Tyr is proceeding towards Mumbai with an expected time of arrival on 31 March 2026 & BW Elm is en route to New Mangalore… pic.twitter.com/XCLv28H5XE
— ANI (@ANI) March 29, 2026
अब तक 942 से अधिक सेलर्स निकाले गए सुरक्षित!
डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम सातों दिन 24 घंटे चालू रहता है और शुरू होने के बाद से अब तक इसने 4523 कॉल और 8,985 ईमेल हैंडल किए हैं. विभाग को पिछले 24 घंटों में, 92 कॉल और 120 ईमेल प्राप्त हुए हैं. डीजी शिपिंग ने अब तक 942 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वतन वापसी में मदद की है, जिसमें पिछले 24 घंटों में लौटे चार नाविक भी शामिल हैं.
तमाम एजेंसिया, कोस्ट गार्ड, मंत्रालय 24 घंटे एक्टिव!
पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है, और कहीं भी भीड़भाड़ की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के राज्य समुद्री बोर्डों ने कामकाज के सुचारू रूप से चलने की पुष्टि की है. बंदरगाह और नौवहन मंत्रालय, नाविकों के कल्याण और समुद्री संचालन में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय मिशन और पोस्ट इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं; इसके साथ ही, उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए उन्हें लगातार सहायता प्रदान की जा रही है और समय-समय पर एडवाइजरी भी जारी की जा रही हैं.
मिडिल ईस्ट में हालात पर सरकार की पैनी नजर
मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है, जिसमें भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम लगातार काम कर रहा है, और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित रूप से समन्वय बनाए रखा जा रहा है.
केरोसिन की आपूर्ति में तेजी के लिए नियमों में ढील
दूसरी तरफ ईरान युद्ध के कारण रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच सरकार ने केरोसिन की तेज आपूर्ति के लिए पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी है. यह कदम घरों तक केरोसिन की उपलब्धता जल्दी और आसान बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि खाना पकाने के ईंधन की कमी से राहत मिल सके.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक अधिसूचना में बताया कि नए कदमों से 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घरों तक केरोसिन की आपूर्ति आसान और तेज हो सकेगी, ताकि लोग खाना पकाने और रोशनी के लिए इसका उपयोग कर सकें.
पेट्रोल पंप पर केरोसिन स्टोर करने और बेचने की दी गई अनुमति
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के चुनिंदा पेट्रोल पंपों को केरोसिन स्टोर करने और घरों को बेचने की अनुमति दी है. हर चयनित पेट्रोल पंप पर अधिकतम 5,000 लीटर केरोसिन रखा जा सकेगा और हर जिले में ऐसे दो पंप तय किए जा सकते हैं. यह व्यवस्था दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई है, खासकर उन इलाकों में जहां पहले 'केरोसिन-फ्री' स्थिति थी.
60 दिनों के लिए दी गई नियमों में ढील!
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह अस्थायी व्यवस्था 60 दिनों के लिए लागू रहेगी, ताकि तुरंत ईंधन की कमी को दूर किया जा सके. पेट्रोल पंपों के अलावा, राशन दुकानों के जरिए भी केरोसिन वितरित किया जाएगा और राज्यों से ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता देने को कहा गया है.
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पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे एलएनजी की कमी और एलपीजी की संभावित कमी की स्थिति बनी है. इसी को देखते हुए सरकार ने राज्यों को नियमित आपूर्ति के अलावा 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है.
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