खरीददारों के लिए सुनहरा मौका, निवेशकों को झटका! भरभराकर गिरे गोल्ड रेट, चांदी भी पड़ी फीकी, जानें लेटेस्ट Price
सोने के दाम में उतार-चढ़ाव से निवेशकों को बड़ा झटका लगा है, लेकिन जो लोग लंबे समय से सोना खरीदने का मन बना रहे हैं उनके लिए बड़ी खुशखबरी भी है.
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Gold-Silver Latest Price: सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है. मिडिल ईस्ट में तनाव का असर वैश्विक बाजार पर साफ दिख रहा है. ऐसे में अगर आप सोना (Gold) खरीदने का मन बना रहे हैं तो ये आपके लिए बड़ी खुशखबरी है. सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 19 मार्च दोपहर को सोने के दामों में 6018 की गिरावट देखी गई. वहीं, चांदी में भी करीब 17,655 की कमी आई है.
क्या है सोने के लेटेस्ट भाव (Latest Gold Price)
कीमतों में गिरावट के बाद सोने के ताजा दाम 1,47,000 प्रति 10 ग्राम पर आ गए. 19 मार्च के दिन में गोल्ड ने 1,46,890 का निचला स्तर भी छुआ. वहीं, चांदी में भी गिरावट के बाद 2,30,539/किलो पर आ गई. हालांकि MCX पर रेसिस्टेंस 1,50,000 पर है, जबकि सपोर्ट 1,44,000–1,42,000 के बीच है, और शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर और अस्थिर बना हुआ है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 10:21 पर सोने का 2 अप्रैल 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.62 प्रतिशत या 953 रुपए की गिरावट के साथ 1,52,072 रुपए पर था.
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उथल पुथल जारी
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी में ज्यादा कमजोरी देखी जा रही है. खबर लिखे जाने तक,सोना 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,850 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.42 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75.735 डॉलर प्रति औंस पर थी. सोने में गिरावट की वजह अमेरिकी फेड के फैसले को माना जा रहा है. अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों को लगातार दूसरी बार यथावत रखा था.
मौजूदा समय में अमेरिका में ब्याज दरें 3.5 प्रतिशत से लेकर 3.75 प्रतिशत के बीच में है. इससे पहले अमेरिकी फेड ने सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर 2025 में ब्याज दरों में कटौती की थी.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
वीटी मार्केट्स में वरिष्ठ बाजार विश्लेषक - एपीएसी जस्टिन खू ने कहा कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय भू-राजनीतिक झटके और लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति से जूझ रही समिति को दर्शाता है.
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उन्होंने आगे कहा कि फेड चेयरमैन पॉवेल ने पुष्टि की कि कई अधिकारियों ने अपने पूर्वानुमानों को दो कटौती से घटाकर केवल एक कटौती पर कर दिया है. यह बदलाव मुद्रास्फीति के अनुमानों में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि के बाद हुआ है, जो मुख्य रूप से तीन सप्ताह से चल रहे ईरान युद्ध और वैश्विक तेल बाजार पर इसके प्रभाव के कारण है.
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