‘धुरंधर: द रिवेंज’ की सफलता के पीछे इस शख्स का बड़ा हाथ, आदित्य धर ने किया खुलासा, रणवीर सिंह को लगेगा झटका
आदित्य धर डायरेक्शन होने के साथ ही अपनी पूरी टीम को साथ लेकर चलते हैं और सबके साथ फिल्म की सक्सेस का श्रेय भी बांटते हैं. वो हिंदी सिनेमा के पहले निर्देशक और निर्माता हैं, जिन्होंने हर छोटे किरदार को फिल्म और फिल्म के बाहर भी सफलता का पूरा श्रेय दिया है.
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आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' वर्ल्डवाइड कलेक्शन में 1500 करोड़ रुपए का आंकड़ा पूरा कर चुकी है और बॉक्स ऑफिस पर राज कर रही है. फिल्म की सक्सेस का श्रेय आदित्य धर और रणवीर सिंह को दिया जा रहा है, लेकिन फिल्म का असली धुरंधर कोई और है. फिल्म रिलीज के 2 हफ्ते बाद आदित्य धर ने फिल्म के असली धुरंधर से मिलवाया है, जिसने फिल्म के हर सीन को जीवंत बनाने में अपनी जान डाल दी.
कौन है विकास नौलखा
आदित्य धर ने फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' के सिनेमैटोग्राफर विकास नौलखा से फैंस को मिलवाया. विकास नौलखा को फिल्म में शूटिंग शुरू होने से कुछ दिनों पहले ही शामिल किया गया था. विकास ने फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ते ही कह दिया था कि उन्होंने करियर के 30 वर्षों में ऐसी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी और वो इसके लिए अपनी पूरी जान लगा देंगे. आदित्य धर ने विकास के साथ शूटिंग के कुछ पलों को साझा किया है और उनके काम की दिल खोलकर तारीफ की है. उनका कहना है कि विकास नौलखा की आंखें सामान्य आंखें नहीं हैं, बल्कि वे पर्दे पर सीन को महसूस करने से लेकर उसे जीवंत करने की क्षमता रखती हैं.
‘ये समय बहुत महत्वपूर्ण था’
उन्होंने लिखा, "विकास नौलखा को सलाम, जिन्होंने धुरंधर के पीछे की दृष्टि, सहज ज्ञान और आत्मा का परिचय दिया. शूटिंग शुरू होने के ठीक कुछ दिन पहले और उनकी चयन प्रक्रिया को देखते हुए यह समय बहुत महत्वपूर्ण था. ऐसा लगा जैसे किसी सिनेमैटोग्राफर को शामिल करना नहीं, बल्कि नियति का सही समय पर चुपचाप हस्तक्षेप करना था.”
‘धुरंधर का हर फ्रेम जीवंत लगता है क्योंकि उन्होंने इसे बनाया’
उन्होंने आगे लिखा, "फिल्म का भार लगभग अपने कंधों पर उठाते हुए अमृतसर की चिलचिलाती गर्मी और लेह की कड़ाके की ठंड का सामना करते हुए, उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से भटकने नहीं दिया. विकास को वास्तव में दुर्लभ बनाने वाली बात केवल उसकी सहनशक्ति ही नहीं है, बल्कि बारीकियों पर उनकी पैनी नजर, कैमरे के पीछे उनकी भावनात्मक समझ, किसी दृश्य के सिर्फ दिखने ही नहीं बल्कि उसके एहसास को भी समझने की उनकी क्षमता, यही उनकी प्रतिभा का सार है. धुरंधर का हर फ्रेम जीवंत लगता है क्योंकि उन्होंने इसे बनाया.”
आदित्य धर पूरी टीम को साथ लेकर चलते हैं
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आदित्य धर डायरेक्शन होने के साथ ही अपनी पूरी टीम को साथ लेकर चलते हैं और सबके साथ फिल्म की सक्सेस का श्रेय भी बांटते हैं. वो हिंदी सिनेमा के पहले निर्देशक और निर्माता हैं, जिन्होंने हर छोटे किरदार को फिल्म और फिल्म के बाहर भी सफलता का पूरा श्रेय दिया है.
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