जिसके कत्ल के आरोप में जेल की सजा काट रहा था पति, वो अचानक निकली जिंदा, सच्चाई जानकर पुलिस के भी उड़े होश
कौशांबी से एक बेहद चौंकाने वाला केस सामने आया है. जहां एक पति कुछ महीने पहले अचानक ग़ायब हो गई थी और उसका पति उसकी हत्या के आरोप में जेल काट रहा था. लेकिन अचानक वो पत्नी एक दिन जिंदा निकली. जिसे देख हर कोई दंग रह गया
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जरा सोचिए, एक शख्स अपनी पत्नी से बेपनाह मोहब्बत करता है. वो ही पत्नी अचानक गायब हो जाती है. शख्स पागलों की तरह अपनी पत्नी को ढूंढता है. दर-दर भटकता है, लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि वह उसी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल पहुंच जाता है. जबकि असल में पत्नी तो जिंदा है. UP के कौशांबी से यह हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जिसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए.
मामला कौशांबी के महेवाघाट का है, जहां एक महिला के गायब होने के बाद उसके पति को अरेस्ट कर लिया गया. आरोप लगा कि पति ने अपनी पत्नी को मारकर लाश को ठिकाने लगा दिया, लेकिन 3 महीने बाद वो ही महिला जिंदा मिली. पता चला कि पूरी साजिश पत्नी ने ही रची थी. प्रेम प्रसंग के चलते उसने यह कदम उठाया था. इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला समेत 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. जबकि आरोपी महिला और उसके आशिक को अरेस्ट कर लिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
अलवारा गांव के रहने वाले राजू तिवारी की शादी अंकिता से साल 2016 में हुई थी. शादी के कुछ सालों बाद वह दिल्ली अपने मौसेरे भाई के पास आ गई. बाद में पंचायत बैठी तो समझा बुझा कर उसे वापस लाया गया. इसके बाद अंकिता फिर जनवरी 2026 में मौसेरे भाई के साथ भाग गई. इसके बाद उसकी काफी तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला.
परिवार ने ससुराल पर लगाया हत्या का आरोप
अंकिता की गुमशुदगी के बाद उसके परिवार ने ससुराल वालों और पति राजू तिवारी पर हत्या का आरोप लगाते हए केस दर्ज करवाया. इसके सात दिन पति ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, लेकिन वह अंकिता की हत्या से साफ इंकार कर दिया. हालांकि वह तबसे जेल में ही रहा.
पुलिस ने कैसे सुलझाई गुत्थी?
चंद महीनों बाद कहानी में आया ऐसा ट्विस्ट आया जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया. महेवाघाट पुलिस जब इस केस की तहकीकात में गहराई से उतरी तो पता चला कि अंकिता अपने मौसेर भाई रामू के साथ हरियाणा के मानेसर में रह रही थी.
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22 मार्च को पुलिस ने रामू के ठिकाने पर छापा मारा, वहां का मंजर देखकर पुलिसकर्मियों की आंखें फटी की फटी रह गईं. जिस औरत की हत्या के जुर्म में राजू तिवारी जेल में था. वह अपने प्रेमी रामू के साथ बड़े आराम से गृहस्थी बसाकर रह रही थी. कौशांबी के एसपी राजेश कुमार ने इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए बताया कि साजिश रचने वाले ससुर और प्रेमी पर अब कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जबकि बेगुनाह राजू को रिहा कर दिया गया.
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