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'जो अपने लोगों का नहीं हुआ, वो...', UNSC में 1971 के नरसंहार की याद दिलाकर भारत ने खोला पाकिस्तान का कच्चा चिट्ठा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई. भारतीय प्रतिनिधि हरीश पर्वतानेनी ने जम्मू-कश्मीर मुद्दा उठाने पर पाकिस्तान को उसके आतंकवाद और नरसंहार वाले इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि ऐसे देश को भारत के आंतरिक मामलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है.

'जो अपने लोगों का नहीं हुआ, वो...', UNSC में 1971 के नरसंहार की याद दिलाकर भारत ने खोला पाकिस्तान का कच्चा चिट्ठा
Image Source:Harish Parvataneni- Permanent Representative (File Photo: IANS)
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को उसके आतंकवाद और हिंसा से जुड़े रिकॉर्ड पर जमकर फटकारा है. भारत ने साफ शब्दों में कहा कि जो देश खुद आतंक और नरसंहार के दाग से घिरा हुआ हो, उसे भारत के आंतरिक मामलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है. दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहस के दौरान पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की, जिसके बाद भारत ने करारा जवाब देकर उसकी बोलती बंद कर दी.

भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतानेनी (Harish Parvathaneni) ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि पूरी दुनिया पाकिस्तान की असलियत अच्छी तरह जानती है. उन्होंने कहा कि जिस देश का इतिहास नरसंहार, आतंकवाद और मासूम लोगों पर हमलों से भरा पड़ा हो, उसका मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून की बात करना एक भद्दा मजाक लगता है.

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अफगानिस्तान हमले का भारत ने उठाया मुद्दा

भारत ने इस दौरान पाकिस्तान के हालिया हमलों का भी जिक्र किया. भारतीय अधिकारी ने कहा कि दुनिया अभी तक इस साल मार्च में अफगानिस्तान पर किए गए पाकिस्तान के हवाई हमलों को भूली नहीं है. उन्होंने बताया कि रमजान जैसे पवित्र महीने में पाकिस्तान ने काबुल स्थित ‘ओमिद नशामुक्ति उपचार अस्पताल’ पर बर्बर हवाई हमला किया था. इस हमले में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत हुई थी. संयुक्त राष्ट्र मिशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भारत ने कहा कि हमले में 269 नागरिकों की जान गई थी, जबकि 122 लोग घायल हुए थे. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हमला उस समय किया गया, जब लोग नमाज पढ़कर मस्जिद से बाहर निकल रहे थे.

पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय कानून के पाखंड का आरोप

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भारत ने कहा कि पाकिस्तान लगातार मासूम नागरिकों को निशाना बनाता रहा है और फिर अंतरराष्ट्रीय कानून की दुहाई देता है. भारतीय प्रतिनिधि ने यह भी बताया कि पाकिस्तान की कार्रवाइयों के कारण अब तक 94 हजार से ज्यादा अफगान नागरिकों को अपना घर छोड़ना पड़ा है. इससे साफ पता चलता है कि पाकिस्तान की नीतियों का असर सिर्फ उसके पड़ोसी देशों पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की शांति पर पड़ रहा है.

1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट की दिलाई याद

भारत ने ऑपरेशन सर्चलाइट (Operation Searchlight) का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को उसके अतीत की भी याद दिलाई. भारत ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान की सेना ने अपने ही नागरिकों पर अत्याचार किए थे और लाखों लोगों की जिंदगी तबाह कर दी थी. महिलाओं के साथ बर्बरता और बड़े पैमाने पर हिंसा आज भी इतिहास के सबसे काले अध्यायों में गिनी जाती है.

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बताते चलें कि भारत ने अंत में दोटूक कहा कि पाकिस्तान वर्षों से अपनी घरेलू नाकामियों को छिपाने के लिए आतंकवाद और झूठे प्रोपेगेंडा का सहारा लेता आया है. लेकिन अब दुनिया उसकी सच्चाई समझ चुकी है. भारत के इस कड़े बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है.

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