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‘USA इसे याद रखेगा…’ ईरान से जंग के बीच UK और फ्रांस पर क्यों भड़के ट्रंप, दे दी कड़ी चेतावनी, जानें खीझ की असल वजह
दरअसल, NATO देश ट्रंप की हठधर्मिता में पहले ही उनका साथ छोड़ चुके हैं. फ्रांस, UK के अलावा इटली, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने किसी भी तरह के साथ से इंकार कर दिया. जिसके बाद ट्रंप बौखलाए हुए हैं.
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इजरायल के साथ मिलकर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जंग तो छेड़ दी, लेकिन अपने ही सहयोगियों ने उसे अलग-थलग कर दिया. होर्मुज पर NATO देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का साथ देने से साफ इंकार कर दिया था, अब ट्रंप इस असहयोग को लेकर फ्रांस और ब्रिटेन पर बुरी तरह भड़के हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने यूनाइटेड किंगडम (UK) और फ्रांस पर अपना गुस्सा निकाला है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दोनों देशों से चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘अब आपको अपने लिए खुद लड़ना सीखना होगा.’
ट्रंप ने गुस्से में ब्रिटेन से क्या कहा?
ब्रिटेन को लेकर ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिखा, अब आपको अपने लिए खुद लड़ना सीखना होगा. U.S.A. अब आपकी मदद के लिए वहां मौजूद नहीं रहेगा, ठीक वैसे ही, जैसे आप हमारे लिए मौजूद नहीं थे.’
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा- वे सभी देश जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट की वजह से जेट फ्यूल नहीं मिल पा रहा है- जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, उनके लिए मेरे पास सुझाव है. नंबर 1 ये कि U.S. से खरीदें, हमारे पास इसकी कोई कमी नहीं है. नंबर 2 ये कि थोड़ी हिम्मत जुटाएं, उस जलडमरूमध्य तक जाएं, और बस उसे 'ले लें'.
ट्रंप ने आगे लिखा, असल में, ईरान पूरी तरह से तबाह हो चुका है. मुश्किल काम हो चुका है. अब जाएं और अपना तेल खुद हासिल करें! ट्रंप ने अपने इसी पोस्ट में यह भी लिखा कि जिसने यूनाइटेंड किंगडम ने ईरान को कमज़ोर करने की मुहिम में शामिल होने से इनकार कर दिया था.
इस पोस्ट में ट्रंप की बौखलाहट और हताशा एक साथ नजर आई. जिस साथ की ट्रंप को उम्मीद थी, दरकार थी, उसी साथी ने जंग के समय अपना मसला खुद सुलझाने वाला फॉर्मुला अपनाते हुए ट्रंप से किनारा कर लिया.
फ्रांस के लिए ट्रंप ने क्या लिखा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस पर भी अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने फ्रांस के लिए लिखा, ईरान के मामले में फ्रांस का रवैया बेहद असहयोगी रहा है. U.S.A. इसे याद रखेगा. उन्होंने लिखा, फ्रांस ने इजरायल जा रहे उन विमानों को अपने क्षेत्र के ऊपर से उड़ने की अनुमति नहीं दी, जो सैन्य साजो-सामान से लदे हुए थे. ‘ईरान के कसाई’ के मामले में फ्रांस का रवैया बेहद असहयोगी रहा है, जिसे सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है. U.S.A. इसे याद रखेगा.’
फ्रांस और ब्रिटेन पर क्यों फूटा ट्रंप का गुस्सा?
दरअसल, NATO देश ट्रंप की हठधर्मिता में पहले ही उनका साथ छोड़ चुके हैं. द गार्जियन की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि NATO देशों ने ट्रंप को दो टूक जवाब दे दिया कि वह होर्मुज के
रास्ते को खुलवाने में US की कोई मदद नहीं कर सकते. वह अपना वॉरशिप नहीं भेजेंगे. इसी कड़ी में फ्रांस ने इजरायल जा रहे विमानों को अपना एयर स्पेस यूज नहीं करने दिया था. क्योंकि फ्रांस ट्रंप के ‘लड़ाकू’ रवैये से इत्तेफाक नहीं रखता. फ्रांस का मानना है ईरान और US के बीच तनाव में जंग की जरुरत नहीं थी, इस मुद्दे को शांति से निपटाया जा सकता था.
दूसरी ओर UK ने भी अमेरिका का साथ देने से इंकार कर दिया था. UK, फ्रांस के अलावा, इटली, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने भी ट्रंप को झटका देते हुए अपने सैनिक देने से साफ इंकार कर दिया था. यूरोपीय देशों ने सैन्य कार्रवाई की जगह कूटनीति अपनाने पर जोर दिया.
यह भी पढ़ें- ‘ये हमारी लड़ाई नहीं…’ NATO देशों की ट्रंप को दो टूक, ईरान से जंग में अकेले पड़े, होर्मुज पर किया किनारा
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्गों में से एक है, जिससे होकर विश्व के 20 प्रतिशत तेल और गैस निर्यात का आवागमन होता है, लेकिन ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है. ऐसे में ट्रंप इस जंग में अकेले पड़ गए हैं. जिसकी खीझ उनके बयानों में साफ नजर आ रही है.
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