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ईरान पर बरसे अमेरिकी बम, रेलवे ब्रिज उड़ा, चाबहार में बिजली गुल, कई शहरों में मची तबाही

US-Iran War: अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद कई शहरों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. इस कार्यवाई के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और दुनिया की नजरें अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं.

Image Source: IANS/Xinhu
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US-Iran war: पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के कुछ ही समय बाद बुधवार की रात अमेरिका ने ईरान के कई इलाकों में सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है..बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद कई शहरों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. इस कार्यवाई के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और दुनिया की नजरें अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं. 

बंदर अब्बास, सीरिक और कई इलाकों में हुए धमाके

ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी हमलों का सबसे ज्यादा असर बंदर अब्बास और सीरिक में देखने को मिला. यहां जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई. इसके अलावा चाबहार, कोनारक, अबू मूसा द्वीप, बुशेहर और जास्क जैसे इलाकों में भी विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ जगहों पर एक के बाद एक कई धमाके हुए. चाबहार में एक अस्पताल के पास भी हमले का मलबा गिरने की बात कही गई है, जबकि वहां के बंदरगाह और समुद्री यातायात से जुड़े ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की खबर है. ईरानी मीडिया का दावा है कि इस हमले में दो मछुआरों की मौत हुई है, हालांकि नुकसान का पूरा आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है.

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ईरान का एयर डिफेंस हुआ सक्रिय

हमलों के बाद ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया. कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई. सरकारी मीडिया के मुताबिक चाबहार के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. वहीं, अक्काला इलाके में रेलवे पुल को भी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है.

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अमेरिका ने बताया हमले की वजह

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की गई है. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है. अमेरिका का आरोप है कि हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था. इसी के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी सख्त चेतावनी

हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर चाबहार में उठती आग की तस्वीर साझा की. इसके साथ उन्होंने लिखा कि यह ईरान की ओर से जहाजों पर किए गए हमलों का जवाब है. ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसी कोई कार्रवाई दोबारा हुई तो अमेरिका का जवाब इससे भी ज्यादा सख्त और बड़ा होगा.

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हमले से पहले ही दे चुके थे संकेत

इस सैन्य कार्रवाई से पहले ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा था कि अगर ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता, तो अमेरिका अब तक का सबसे बड़ा और सबसे विध्वंसक हमला कर सकता है. तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने संकेत दिए थे कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव बनाए रखेगा. इसी बीच नाटो ने भी अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन किया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि इस मुद्दे पर अमेरिका को अपने सहयोगी देशों का भी साथ मिल रहा है.

पूरी दुनिया की नजरें अगले कदम पर

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह टकराव सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं है. इसका असर पूरे पश्चिम एशिया, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और दुनिया इस बात का इंतजार कर रही है कि आने वाले दिनों में हालात शांत होंगे या यह संघर्ष और बड़ा रूप लेगा.

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