सत्ता संभालते ही मुजतबा ने भरी 'हुंकार', बोले- खाड़ी देशों पर न रुकेंगे हमले, न खुलेगा होर्मुज का रास्ता
ईरान का सर्वोच्च नेता बनते ही मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों पर हमले जारी रखने और होर्मुज जलडमरुमध्य को बंद रखने का ऐलान कर दिया है.
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश गुरुवार को सरकारी टेलीविजन पर पढ़कर सुनाया गया. इस संदेश में उनके तल्ख तेवर साफ दिखे. इसमें स्पष्ट कहा गया है कि अमेरिकी हवाई अड्डों पर हमला ईरान नहीं बंद करेगा, वहीं पड़ोसी देशों के साथ मित्रता भी बनाए रखेगा. अपनी सेना की हिम्मत को सलाम करते हुए, उन्होंने ईरान से कहा कि देश शहीदों के खून का बदला जरूर लेगा.
मोजतबा खामेनेई ने देश की सेना का शुक्रिया अदा किया
अपनी सेना की हिम्मत की प्रशंसा करते हुए खामेनेई ने कहा, देश की मिलिट्री का शुक्रिया जिसने ईरान को बंटने से रोका और जंग जैसे हालात के बीच किसी को खुद पर हावी नहीं होने दिया. उन्होंने कहा, “मैं उन बहादुर लड़ाकों को धन्यवाद देना चाहता हूं जो ऐसे समय में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं जब हमारा देश दबाव में है और उस पर हमला हो रहा है”.
खाड़ी देशों पर हमला नहीं रुकेगा
उन्होंने कहा कि ईरान जवाबी हमला जारी रखेगा. मोजतबा ने पड़ोसी देशों से रिश्ता बेहतर करने पर भी बल दिया. कहा, हमें अपने पड़ोसियों से संबंध बेहतर करने होंगे. नए ईरानी सुप्रीम लीडर ने दावा किया कि यमन और इराक के हथियारबंद लड़ाके भी उनकी मदद को तैयार हैं. खामेनेई ने कहा कि यमन भी हमारे साथ है और इराक में हथियारबंद ग्रुप भी इस्लामिक क्रांति में "मदद करने को तैयार हैं”.
मोजतबा ने US बेस बंद करने की दी धमकी
पहले संदेश में मोजतबा खामेनेई ने देश से एकजुट होने की अपील करते हुए दावा किया कि ईरान के दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा. ईरान पड़ोसियों से दोस्ती में विश्वास करता है और सिर्फ यूएस बेस को निशाने पर ले रहा है और ऐसा करना वो जारी रखेगा. मित्र देशों को चेतावनी दी कि इलाके में सभी यूएस बेस तुरंत बंद कर दें, "नहीं तो उन पर हमला किया जाएगा”.
नियुक्ति के बाद मोजतबा का पहला बयान
नियुक्ति की घोषणा के बाद से मुजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए. साइप्रस में ईरान के राजदूत अलीरेजा सालारियन ने बुधवार को गार्जियन अखबार से कहा था कि खामेनेई उसी हवाई हमले में घायल हुए थे, जिसमें उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे.
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