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खामेनेई को मारने का प्लान था तैयार, लेकिन मौका नहीं मिला... इजरायली रक्षा मंत्री का सनसनीखेज खुलासा

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज़ ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि यदि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई इजरायल की रेंज में होते, तो उन्हें खत्म कर दिया जाता. उन्होंने कहा हमारी मंशा स्पष्ट थी, लेकिन ऐसा कोई ऑपरेशनल मौका नहीं मिला. यह बयान इजरायल-ईरान तनाव के बीच आया है और इससे पश्चिम एशिया में स्थिति और ज्यादा संवेदनशील हो सकती है.

भले ही ईरान और इजरायल के बीच सीधा सैन्य संघर्ष अभी थमा हुआ हो, लेकिन दोनों देशों के बीच बयानबाजी ने क्षेत्र में तनाव को कम नहीं होने दिया है. इसी क्रम में इजरायल के रक्षा मंत्री  इजरायल कैट्ज़ ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने खुलासा किया है कि इजरायल ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन उसे अंजाम देने का कोई अवसर नहीं मिला.

इजरायली टीवी चैनल 13 को दिए गए एक इंटरव्यू में कैट्ज़ ने कहा, “अगर वह हमारी रेंज में होते, तो हम उन्हें खत्म कर देते. हमारी मंशा स्पष्ट थी, लेकिन ऐसा कोई ऑपरेशनल मौका नहीं मिला.” जब उनसे पूछा गया कि क्या इस तरह की कार्रवाई के लिए इज़राइल ने अमेरिका से अनुमति मांगी थी, तो कैट्ज़ ने साफ तौर पर कहा, “ऐसे मामलों में हमें किसी की अनुमति की ज़रूरत नहीं है.” हालिया टकराव और जवाबी हमलों के बाद भले ही सैन्य कार्रवाई पर विराम लगा हो, लेकिन नेताओं के तीखे बयानों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है.

खामेनेई आधुनिक हिटलर: इजरायली मंत्री
रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज़ के बाद अब इजरायल के एक और मंत्री योआव गैलंट ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को लेकर तीखा बयान दिया है. गैलंट ने खामेनेई की तुलना जर्मन तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से करते हुए उन्हें "आधुनिक हिटलर" करार दिया. उन्होंने कहा, “इजरायली सेना को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि युद्ध के लक्ष्य तभी पूरे माने जाएंगे जब खामेनेई अब जीवित न रहें.” इस बयान को इजरायल की ईरान को लेकर आक्रामक रणनीति का संकेत माना जा रहा है. इस बीच सूत्रों का दावा है कि अयातुल्ला खामेनेई ने इजरायली हवाई हमलों के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. बताया जा रहा है कि वे अपने परिवार सहित तेहरान स्थित एक भूमिगत बंकर में शरण लिए हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई के साथ उनके बेटे मोजतबा खामेनेई भी उसी बंकर में मौजूद हैं. यह कदम 13 जून से शुरू हुए इज़रायली हवाई हमलों के बाद उठाया गया माना जा रहा है. 

सीजफायर के बाद खामेनेई का पहला संदेश
इजरायल के साथ युद्धविराम के ऐलान के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने देशवासियों को संबोधित करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया है. यह संदेश सरकारी टेलीविजन चैनल पर प्रसारित हुआ, जिसमें उन्होंने करीब 10 मिनट तक जोशीले अंदाज़ में अमेरिका और इज़राइल दोनों पर तीखा हमला बोला. अपने संबोधन में खामेनेई ने कहा, “इस्लामी गणराज्य विजयी रहा और हमने अमेरिका के चेहरे पर तमाचा मारा है.” उन्होंने इस युद्ध को ईरान के लिए एक रणनीतिक जीत बताया और कहा कि देश ने अपनी ताक़त और एकता का प्रदर्शन किया है. खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी हमले ने "ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह तबाह कर दिया है." खामेनेई ने इसे "झूठा प्रचार" करार दिया और कहा कि ईरान की रक्षा और परमाणु क्षमता अभी भी पूरी तरह सुरक्षित और सक्रिय है. बता दें कि खामेनेई 13 जून के बाद से सार्वजनिक रूप से कहीं दिखाई नहीं दिए थे. हालांकि, युद्ध के दौरान 19 जून को भी उनका एक वीडियो संदेश सामने आया था, लेकिन इस बार का संबोधन अधिक आक्रामक और राजनीतिक रूप से तीखा माना जा रहा है.

गौरतलब है कि 13 जून से शुरू हुए इस संघर्ष में इजरायल ने कई शीर्ष ईरानी कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया था. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका केराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों ने संकेत दिया था कि खामेनेई भी इजरायली हमलों के निशाने पर हैं. इसके बाद बीते मंगलवार को अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ और दोनों देशों के बीच टकराव फिलहाल थम गया है.

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