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DAKSHIN–ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और IDE-JETRO के बीच ग्लोबल साउथ के विकास सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए LoA पर हस्ताक्षर
विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली के अंतर्गत स्थापित दक्षिण–ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपिंग इकोनॉमीज़ और जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन ने बुधवार को जापान के चीबा में लेटर ऑफ एसोसिएशन पर हस्ताक्षर किए.
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ग्लोबल साउथ में सतत विकास को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (RIS) के अंतर्गत स्थापित दक्षिण (DAKSHIN) – ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपिंग इकोनॉमीज़ और जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (IDE-JETRO) ने बुधवार को जापान के चीबा में लेटर ऑफ एसोसिएशन पर हस्ताक्षर किए. इस LoA पर RIS के महानिदेशक प्रोफेसर सचिन कुमार शर्मा तथा आईडीई-जेट्रो (IDE-JETRO) के अध्यक्ष डॉक्टर फुकुनारी किमुरा ने हस्ताक्षर किए.
इनोवेटिव डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा
यह समझौता ग्लोबल साउथ के देशों के लिए साक्ष्य-आधारित नीति अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा इनोवेटिव डेवलपमेंट समाधानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दोनों संस्थानों के बीच एक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत का प्रतीक है. हस्ताक्षर समारोह में DAKSHIN/RIS की ओर से डॉक्टर राजन सुधेश रत्ना, समन्वयक, दक्षिण-ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस; प्रोफेसर डॉक्टर प्रबीर डे; डॉक्टर प्रियदर्शी दास, एसोसिएट प्रोफेसर; तथा डॉक्टर पंकज वशिष्ठ, एसोसिएट प्रोफेसर सहित वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
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ग्लोबल साउथ में संस्थागत सहयोग को मजबूत करने पर नजर
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यह साझेदारी संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे दोहराए जा सकने वाले, विस्तार योग्य तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास समाधान विकसित किए जाएंगे, जो विकासशील देशों के समक्ष मौजूद विविध चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत कर सकें. साथ ही, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और संस्थागत सहयोग के माध्यम से इन समाधानों के प्रभावी क्रियान्वयन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा. इस सहयोग का एक प्रमुख आधार क्षमता निर्माण होगा. इसके अंतर्गत संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों, ज्ञान-साझाकरण पहलों, सम्मेलनों, कार्यशालाओं तथा शैक्षणिक आदान-प्रदान के माध्यम से संस्थागत क्षमताओं को सुदृढ़ किया जाएगा. इन पहलों का उद्देश्य कौशल विकास को बढ़ावा देना, ज्ञान के प्रसार को सशक्त बनाना तथा विशेष रूप से विशेष विकासात्मक आवश्यकताओं वाले देशों सहित पूरे ग्लोबल साउथ में संस्थागत सहयोग को मजबूत करना है.
यह सहयोग DAKSHIN-ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा आईडीई-जेट्रो (IDE-JETRO) की उस साझा प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है, जिसके माध्यम से दक्षिण-नेतृत्व वाले तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करते हुए समावेशी, लचीले और सतत विकास को बढ़ावा दिया जाएगा. अनुसंधान उत्कृष्टता, नीति विशेषज्ञता तथा व्यावहारिक क्षमता निर्माण पहलों के समन्वय के माध्यम से दोनों संस्थान उभरती वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप इनोवेटिव विकास रणनीतियों के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में योगदान देंगे. DAKSHIN-ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बारे में DAKSHIN-ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, विकासशील देशों के लिए RIS में स्थापित एक समर्पित मंच है, जो ग्लोबल साउथ की विकास संबंधी प्राथमिकताओं पर अनुसंधान, नीति संवाद, क्षमता निर्माण तथा ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देता है. यह केंद्र सरकारों, थिंक टैंक्स, शिक्षाविदों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों तथा विकास सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर दक्षिण-दक्षिण सहयोग तथा त्रिकोणीय सहयोग को प्रोत्साहित करते हुए समावेशी एवं सतत विकास की दिशा में कार्य करता है.
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Research and Information System for Developing Countries-RIS, नई दिल्ली, भारत का एक अग्रणी नीति अनुसंधान संस्थान है, जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों, विकास सहयोग, व्यापार, प्रौद्योगिकी तथा ग्लोबल साउथ से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञता रखता है. आरआईएस साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, रणनीतिक नीति विश्लेषण तथा अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के माध्यम से नीति-निर्माण प्रक्रिया को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.