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मोदी का नाम लेकर पुतिन ने भारत का दिया साथ, दंग रह गए ट्रंप !
ट्रंप के टैरिफ़ हमले के बीच भारत को दोस्त रूस का साथ मिला है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को निवेश के लिए सबसे अच्छी जगह बताया है। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश को लाभायक और स्थिर कहा
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भारत समेत 180 देशों पर 10 से 49 फ़ीसदी तक टैरिफ़ लगाकर ट्रंप ने एक नई टैरिफ़ वॉर को तो जन्म दे ही दिया। लेकिन भारत के साथ और पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती से इंकार नहीं किया ।ट्रंप ने साफ़ कहा कि भारत बहुत सख्त है। मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। इस बयान को देकर ट्रंप ने भारत पर 26 फ़ीसदी टैरिफ़ का ऐलान कर दिया। यानी अब अमेरिका में भारत के सामान महंगे हो जाएंगे। इन सामानों में डायमंड और ज्वेलरी, कार और कारों की एसेसरीज़, रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद, रेडीमेड गारमेंट्स जैंसे अन्य सामान अमेरिका में महंगे होंगे जिससे भारत के इन सेक्टरों को झटका लगा है। हालांकि फार्मास्युटिकल्स, तांबा, सेमीकंडक्टर, लकड़ी के सामान, ऊर्जा उत्पाद, महत्वपूर्ण खनिज इस टैरिफ़ से बच गए हैं। लेकिन जो भी हो ट्रंप इस टैरिफ़ वॉर में भारत को फंसाने की कितनी भी कोशिश कर रहे हो असल में फंस वो ही गए हैं। ऐसा पुतिन के एक ऐलान के बाद कहा जा रहा है। दरअसल, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ट्रंप के टैरिफ़ ठोकने के बाद अपने दोस्त भारत का साथ दिया है।और बड़ा ऐलान कर दिया है। पुतिन ने भारत को इंवेस्ट करने कि लिए शानदार जगह बताया। ये सबकुछ उन्होंने बक़ायदा पीएम मोदी का नाम लेकर कहा। एक कार्यक्रम में पुतिन ने बोलते हुए कहा
"प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है. उनकी पहल 'मेक इन इंडिया' के बारे में सभी जानते हैं' रूस भारत में खुद उत्पादन करने के लिए तैयार है 'मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि हाल ही में हमारी कंपनी रोसनेफ्ट ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा 20 अरब डॉलर का निवेश किया है प्रधानमंत्री मोदी की सरकार निवेश के लिए विश्वसनीय और स्थिर माहौल बना रही है। भारतीय नेतृत्व, अर्थव्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में देश को प्राथमिकता देने वाली नीतियों का पालन कर रहा है।
अब राष्ट्रपति पुतिन का ये बयान ट्रंप के टैरिफ़ ऐलान और अपनी भारत की यात्रा से ठीक पहले आया। एक तरफ पुतिन है जिन्हें भारत में निवेश करना और लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और गहरी करना सकारात्मक लग रहा है। और दूसरी तरफ़ ट्रंप हैं जो बातें तो बड़ी बड़ी कर रहे हैं लेकिन टैरिफ़ वॉर में भारत को फंसाकर खेल करना चाहते हैं। वाइट हाउस के रोज गार्डन में दिए गए भाषण के दौरान ट्रंप ने एक चार्ट दिखाया जिसमें उन्होंने अलग - अलग देशों पर ठोके गए टैरिफ की लिस्ट दिखाई। चार्ट में यह भी बताया गया था कि ये देश अमेरिकी सामानों पर कितना टैरिफ लगाते हैं और अब अमेरिका उनके खिलाफ कितना 'रेसिप्रोकल टैरिफ' लगाएगा। इस फ़ैसले का ऐलान करते हुए ट्रंप ने इसे "मुक्ति दिवस" यानी का नाम दिया। अब ये टैरिफ 9 अप्रैल को लागू हो भी जाएंगे।
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