ईरान में इंटरनेट बैन के बाद प्रदर्शन बेकाबू, महिलाओं ने बुर्के में लगाई आग, सिगरेट से जलाई खामेनेई की तस्वीर
ईरानी महिलाओं ने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बुर्काधारी महिलाएं न सिर्फ खामेनेई शासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं, बल्कि सार्वजनिक रूप से बुर्का और हिजाब उतारकर आग के हवाले कर रही हैं.
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ईरान में विरोध प्रदर्शन चरम पर पहुंच चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. देश का दुनिया से संपर्क लगभग टूट गया है. तेहरान समेत कई बड़े शहरों की सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा है. बीते 12 दिनों से लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हुए हैं. विरोध इतना उग्र हो गया कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निर्देश के बाद देश में अशांति रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई शहरों की सड़कों पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान इमारतों और गाड़ियों में आग लगी हुई दिखाई दी.
खामेनेई शासन के खिलाफ सड़कों पर अवाम!
ईरान खामेनेई के नेतृत्व वाली इस्लामिक सरकार के खिलाफ सड़कों पर है. यह विरोध बढ़ती महंगाई, बदहाल अर्थव्यवस्था और सुरक्षा बलों की दमनकारी कार्रवाइयों के खिलाफ किया जा रहा है. इसी बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने गुरुवार और शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसके बाद विरोध ने और तेज रफ्तार पकड़ ली.
ईरानी महिलाओं ने उतार फेंका हिजाब!
इन सबके बीच ईरान में विरोध का एक नया और बेहद साहसी स्वरूप देखने को मिल रहा है. नए साल में ईरानी महिलाओं ने जिस तरह का विरोध दर्ज कराया है, उसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि बुर्काधारी महिलाएं न सिर्फ खामेनेई शासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं, बल्कि सार्वजनिक रूप से बुर्का और हिजाब उतारकर आग के हवाले कर रही हैं. महिलाएं अपने गुस्से और आजादी की चाह को खुले तौर पर जाहिर कर रही हैं.
सिगरेट से फूंक डाली खामेनेई की तस्वीर
इसी क्रम में एक बेहद प्रभावशाली तस्वीर और वीडियो सामने आए हैं, जो यह संकेत दे रहे हैं कि ईरान में कट्टर इस्लामी शासन को गंभीर चुनौती मिल रही है. वायरल हो रही तस्वीरों में ईरानी महिलाएं अपने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर को आग लगाती हैं और उसी आग से सिगरेट जलाती हुई दिखाई देती हैं. यह कोई साधारण तस्वीर या वीडियो नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा और साहसिक संदेश छिपा हुआ है.
गौरतलब है कि ईरान जैसे देश में सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना एक गंभीर अपराध माना जाता है. इसके साथ ही महिलाओं का बिना बुर्के या हिजाब के सार्वजनिक रूप से सामने आना और धूम्रपान करना भी प्रतिबंधित और दंडनीय है. इसके बावजूद महिलाएं यह कदम बेहद शांत, सोच-समझकर और खामेनेई शासन को सीधी चुनौती देने के अंदाज में उठा रही हैं, भले ही इसके चलते उनकी जान को खतरा हो सकता है या उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है.
ईरानी महिलाओं का अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल
माना जा रहा है कि इन दोनों कामों को एक साथ करके ईरानी महिलाएं न सिर्फ खामेनेई की सत्ता को, बल्कि इस्लामिक नियंत्रण और कठोर सामाजिक बंदिशों को भी एक ही झटके में खारिज कर रही हैं. यह विरोध तेजी से X, इंस्टाग्राम, रेडिट और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल रहा है. खामेनेई शासन की सख्त सेंसरशिप और निगरानी के बावजूद ये वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं. हालांकि NMF News इन वायरल वीडियोज की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.
क्यों हो रहा ईरान में विरोध प्रदर्शन?
यह विरोध ऐसे समय में उभर रहा है, जब ईरान गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है. देश में महंगाई आसमान छू रही है, मुद्रा का मूल्य लगातार गिर रहा है, खाने-पीने की चीजें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं और जनता का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. इससे पहले 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद भी देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें बेरहमी से कुचल दिया गया था. अब विरोध का तरीका बदल चुका है—सड़कों पर बड़े जुलूसों की जगह ऐसे प्रतीकात्मक कदम सामने आ रहे हैं, जो पलक झपकते ही पूरी दुनिया में फैल जाते हैं और जिन्हें दबाना आसान नहीं है.
ईरान में इंटरनेट बैन के बाद प्रदर्शन और तेज!
8 जनवरी की रात ईरान में विरोध प्रदर्शनों ने और रफ्तार पकड़ी, जिसके चलते राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली सरकार ने देश में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कॉल सेवाएं बंद कर दीं. देश की न्यायपालिका और सुरक्षा बलों के प्रमुखों ने आजादी-आजादी के नारों के बीच कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. अब तक इन प्रदर्शनों में 40 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आ चुकी है.
खामेनेई ने खाई पीछे ना हटने की कसम!
इस बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक टेलीविजन संबोधन में पीछे न हटने की कसम खाई. उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर प्रवासी विपक्षी गुटों और अमेरिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया. खामेनेई ने लोगों को दूसरे देशों के हाथों न खेलने की सलाह दी और कहा कि जो लोग विदेशी ताकतों के लिए काम कर रहे हैं, वे देश और इस्लामिक व्यवस्था दोनों के लिए अस्वीकार्य हैं.
प्रदर्शन को लेकर क्या बोले खामेनेई?
खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे “दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं.” उनका इशारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर माना जा रहा है. ट्रंप ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि अगर ईरानी शासन प्रदर्शन कर रहे लोगों को निशाना बनाता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा.
कुल मिलाकर, ईरान इस वक्त खामेनेई के नेतृत्व वाली इस्लामिक सरकार के खिलाफ व्यापक जनआक्रोश का सामना कर रहा है. बढ़ती महंगाई, बदहाल अर्थव्यवस्था, दमनकारी सुरक्षा कार्रवाइयों और कठोर सामाजिक नियमों के खिलाफ यह विरोध अब एक नए, प्रतीकात्मक और वैश्विक रूप में सामने आ चुका है, जिसने ईरानी शासन की चिंताएं और बढ़ा दी हैं.
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