फोन, MSG, मेल...ऑपरेशन सिंदूर से खौफ में था PAK, 60 बार ट्रंप से लगाई जंग रुकवाने की गुहार, US रिपोर्ट में खुलासा
भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान PAK ने घबराकर अमेरिका से मदद की गुहार लगाई थी. उसे आशंका थी कि भारतीय सैन्य कार्रवाई केवल “स्थगित” की गई है. यह खुलासा US के ताज़ा दस्तावेज़ों से हुआ है. PAK ने चंद घंटों में आधा अरब डॉलर उड़ा डाले.
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान डर के साये में जी रहा था कि कहीं भारत उस पर हमला ना कर दे. हुआ भी ये ही, महज 14 दिन के अंदर भारतीय सेना ने पाक फौज की अक्ल ठिकाने लगा दी. इस बार एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक नहीं सीधे पाक के अंदर खुशकर उसकी पुस्तपनाही में खड़े हुए आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया. इसके बाद पाकिस्तान की पलटवार की नाकाम कोशिश के बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में उसकी फौज कि भद पिट गई. ना मिसाइल चले ना गोले, सब फुस्स. ना ही चाइनिज डिफेंस सिस्टम उसको बचा सका.
पाकिस्तान ने 60 बार लगाई जंग रुकवाने के लिए गुहार!
खैर अब एक बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान जबरदस्त सदमे में था. लाख भारत को गीदड़भभकी दे, लाख वो अपनी जीत के झूठे दावे करे, लेकिन सच छिपाए नहीं छिपती. उसके खौफ का आलम यह था कि वो अपने अमेरिकी आकाओं से बार-बार, लगातार जंग रुकवाने की गुहार लगा रहा था. खुलासा ये भी हुआ कि पाक अधिकारियों ने एक नहीं, दो नहीं बल्कि 60 बार अमेरिकी आकाओं के आगे गुहार लगाई कि जंग को रोक दें, वरना उसका बचना मुश्किल हो जाएगा.
लॉबिंग में अरबों डॉलर खर्च!
इतना ही नहीं पैसे की तंगी, आटे-दाल के लिए भी मोहताज पाकिस्तानी नेताओं ने इस काम के लिए, लॉबी के लिए चंद घंटों में लगभग आधा अरब रुपये उड़ा डाले. ये खुलासा अमेरिकी सरकार द्वारा कई दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के बाद हुआ है. इन दस्तावेज़ों से पाकिस्तान के दुष्प्रचार अभियान की पोल खुलती है और उसके इस दावे को भी झूठा साबित करती है कि भारत ने युद्धविराम की मांग की थी.
FARA दस्तावेज में क्या खुलासा हुआ है?
अमेरिकी विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (FARA) के तहत दाखिल एक दस्तावेज़ में, पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रही लॉबिंग फर्म स्क्वायर पैटन बॉग्स ने स्पष्ट रूप से कहा है, “हमें चिंता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई केवल रोकी है, और पाकिस्तान पर हमले फिर शुरू हो सकते हैं.”
क्या है FARA?
यह बयान भारतीय हमलों के बाद इस्लामाबाद की बेचैनी को उजागर करता है. FARA अमेरिका का वह कानून है जिसके तहत किसी विदेशी सरकार या संस्था के लिए काम करने वाले व्यक्तियों और संगठनों को अपने संबंधों, गतिविधियों और वित्तीय विवरणों का खुलासा न्याय विभाग के सामने करना होता है.
50 से ज्यादा उच्चस्तरीय बैठकें!
FARA दस्तावेज़ों से यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान ने वाशिंगटन में आक्रामक लॉबिंग की. एनडीटीवी की 6 जनवरी की रिपोर्ट के मुताबिक, पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी राजनयिकों और रक्षा अधिकारियों ने अमेरिकी सांसदों, प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया हस्तियों के साथ 50 से अधिक उच्च-स्तरीय बैठकें कीं.
ट्रंप के भी मध्यस्थता के दावों की खुली पोल!
वहीं, अलग-अलग दस्तावेज़ यह पुष्टि करते हैं कि भारत ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत में न तो मध्यस्थता मांगी और न ही युद्धविराम पर चर्चा की. इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार किए गए उस दावे की भी पोल खुलती है, जिसमें उन्होंने युद्धविराम की मध्यस्थता का श्रेय लिया था.
ट्रंप के बॉडीगार्ड से पाक ने लगाई गुहार!
वहीं भारत की कार्रवाई से घबराया पाकिस्तान ट्रंप के बॉडीगार्ड तक जा पहुंचा. पाकिस्तान ने इस दौरान सीडेन लॉ एलएलपी और जेवलिन एडवाइजर्स जैसी फर्मों को हायर किया है. इन फर्मों में जॉर्ज सोरियल शामिल हैं, जो ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के पूर्व एग्जीक्यूटिव रह चुके हैं, और कीथ शिलर भी इसमें शामिल हैं, जो डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व बॉडीगार्ड हैं.
कीथ शिलर एक अमेरिकी पूर्व पुलिस अधिकारी, सिक्योरिटी एक्सपर्ट और राजनीतिक सलाहकार हैं. वे मूल रूप से न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट के डिटेक्टिव थे, जहां उन्होंने कई साल सेवा की. इससे पहले उन्होंने यूएस नेवी में भी ड्यूटी की थी.
कीथ 1999 में डोनाल्ड ट्रंप के पर्सनल बॉडीगार्ड के तौर पर जुड़े थे और धीरे-धीरे ट्रंप ऑर्गनाइजेशन में डायरेक्टर ऑफ सिक्योरिटी बन गए. इस पद पर उन्होंने करीब 13 सालों ( 2004 से 2017) तक काम किया. ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कीथ शिलर व्हाइट हाउस में डिप्टी असिस्टेंट टू द प्रेसिडेंट और डायरेक्टर ऑफ ओवल ऑफिस ऑपरेशन्स के रूप में भी कार्यरत रहे, जहां वे ट्रंप के बेहद करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे.
Javelin Advisors LLC लॉबिंग और गवर्नमेंट रिलेशंस फर्म से जुड़े हैं कीथ!
कीथ शिलर फिलहाल Javelin Advisors LLC नाम की लॉबिंग और गवर्नमेंट रिलेशंस फर्म से जुड़े हुए हैं, जहां वे मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. यह फर्म 2024 के अंत में लॉन्च की गई थी और ट्रंप के पूर्व सहयोगियों द्वारा फाउंड की गई है. यह फर्म फॉरेन एजेंट्स के रूप में रजिस्टर्ड है.
पाकिस्तान ने किस-किस के सामने लॉबिंग की?
FARA फाइलिंग से सामने आया है कि पाकिस्तानी प्रतिनिधियों और लॉबिस्टों ने अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों और उनके चीफ ऑफ स्टाफ, पेंटागन, विदेश विभाग, व्हाइट हाउस सिस्टम के अधिकारियों के साथ-साथ वॉल स्ट्रीट जर्नल और न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे मीडिया संस्थानों से भी संपर्क किया. FARA फाइलिंग में पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर की अमेरिका यात्रा का जिक्र भी किया गया है.
फोन-मैसेज, मेल, मुलाकात...60 बार पाक की गुहार!
इन दस्तावेजों से आसिम मुनीर की वॉशिंगटन यात्रा और लॉबिस्टों द्वारा करवाई गई बैठकों की पुष्टि होती है. इतना ही नहीं कभी फोन, कभी मेल, कभी मैसेज तो कभी व्वाइस कॉल, इस तरहा करीब 60 बार अमेरिकी प्रशासन से युद्धविराम करवाने, भारत की कार्रवाई को रोकने के लिए संपर्क किया गया. FARA फाइलिंग ने ना सिर्फ पाकिस्तान की औकात से ज्यादा किए जा रहे दावें की बल्कि ट्रंप के बड़बोले बयान की भी पोल खोल दी है. इसने बता दिया है कि कैसे पाकिस्तान सदमे और खौफ में था और इस कारण वो लगातार फोन-मैसेज, पर्सनल मुलाकात कर रहा था ताकि भारत पर कार्रवाई को रोकने का दबाव डाला जाए.
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ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को शुरू किया गया था. यह 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की निर्णायक कार्रवाई थी, जिसमें आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में 26 निर्दोष नागरिकों, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे, की निर्मम हत्या कर दी थी. इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों और एयरबेस पर सटीक हमले किए, जिनमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. इसके बाद चार दिन तक चले सीमित लेकिन तीव्र संघर्ष का अंत 10 मई को युद्धविराम के साथ हुआ.
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