आग लगी ईरान में, जलने लगा पाकिस्तान, 35 से ज्यादा की मौत...अवाम अमेरिका-ट्रंप से गुस्सा, मुनीर को आया प्यार!

ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में आग लग गई है. एक ओर जहां पाकिस्तानी अवाम अमेरिका और इजरायल के खिलाफ है, उनके दूतावासों, कार्यालयों पर आग लड़ा रही है तो आसिम मुनीर ट्रंप और यूएस के साथ हैं. हालिया प्रदर्शन में 35 से ज्यादा की मौत हो गई है.

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02 Mar 2026
( Updated: 02 Mar 2026
03:14 PM )
आग लगी ईरान में, जलने लगा पाकिस्तान, 35 से ज्यादा की मौत...अवाम अमेरिका-ट्रंप से गुस्सा, मुनीर को आया प्यार!
Protest in Pakistan / Asim Munir / X

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की इजरायली-अमेरिकी हमले में मौत के बाद पाकिस्तान में आग लग गई है. कराची, स्कार्दु, लाहौर, इस्लामाबाद सहित कई शहरों में जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं. कराची में बीते दिन शुरू हुआ प्रदर्शन आज भी जारी है. बीते दिन कराची में शिया संगठनों द्वारा अमेरिकी कॉन्सुलेट में तोड़फोड़ और आगजनी की कोशिश के बाद गोली चली, जिसमें अब तक करीब 35 लोगों की मौत हो गई है. आपको बता दें कि अधिकतर मौतें पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ झड़प में हुई हैं. इतना ही नहीं, अब अवाम का गुस्सा अपनी ही आर्मी और सरकार के खिलाफ सातवें आसमान पर पहुंच गया है. कहा जा रहा है कि एक ओर जहां अवाम ईरान के साथ है, वहीं आर्मी अमेरिका के साथ खड़ी है.

अवाम ईरान के साथ, मुनीर किसके साथ?

बीते दिन कराची में दूतावास के अंदर मौजूद यूएस मिलिट्री के जवानों ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी थी. इसके अलावा प्रदर्शनकारी और पुलिस की सुल्तानाबाद से माई कोलाची होते हुए कॉन्सुलेट की ओर बढ़ने के दौरान भिड़ंत हो गई, जहां भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए. प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की. इस हिंसा में मारे जाने वाले पाकिस्तानियों का आंकड़ा अब 16 तक पहुंच गया है. वहीं अन्य इलाकों, मसलन स्कार्दु और लाहौर में भी खामेनेई की मौत को लेकर प्रदर्शन हुए.

अमेरिका और इजरायल के खिलाफ आगबबूला भीड़ ने स्कार्दु में अमेरिकी कार्यालय में आग लगा दी थी. इस दौरान 7 लोगों की मौत हो गई. वहीं इस्लामाबाद में 6 और गिलगिट में भी 7 लोगों की जान चली गई. इस तरह मरने वालों का आंकड़ा 35 के पार चला गया है.

पाकिस्तानी अवाम में मातम

आपको बता दें कि पाकिस्तान में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद जबरदस्त बवाल मचा हुआ है. इस मुद्दे पर पाकिस्तान दो धड़ों में बंटता दिख रहा है. एक तरफ अवाम है तो दूसरी ओर आर्मी और सियासतदान. इतना ही नहीं, पाकिस्तानी पत्रकार और सेलेब्स भी शोक में हैं और मातम मना रहे हैं. पाकिस्तान की फेमस टीवी होस्ट राबिया अनम तो कई फीमेल एंकर लाइव शो में ही फूट-फूटकर रोने लगीं. वहीं पाकिस्तानी एक्ट्रेस युमना जैदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि खामेनेई की मौत से उन्हें गहरा सदमा लगा है.

अमेरिका के इशारे पर नाच रहे मुनीर

मालूम हो कि पाकिस्तान की अवाम जहां खुलकर ईरान के समर्थन में उतर आई है और खामेनेई की मौत के बाद विरोध-प्रदर्शन कर रही है, वहीं अपने ही देश में आग भी लगा रही है. उसी वक्त पाकिस्तान की असली मालिक फौज किसी और के खेमे में खड़ी दिखाई दे रही है. पाकिस्तान में दशकों से ऐसा होता रहा है कि सरकार और आर्मी अपनी ही अवाम को धोखा देकर पैसे के लालच में अमेरिका के इशारों पर नाचती रही है.

मुनीर-शहबाज को क्यों आया ट्रंप पर प्यार!

इससे पहले आपने देखा होगा कि कैसे पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ईरान पर हमले के दौरान व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ पींगे बढ़ा रहे थे. इतना ही नहीं, मुनीर और शहबाज शरीफ ने एक नहीं बल्कि कई बार ट्रंप को नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया था. शहबाज शरीफ ने ट्रंप की चापलूसी में हर सीमा रेखा पार कर दी थी. यहां तक कि आसिम मुनीर ने भारत को नीचा दिखाने और चिढ़ाने के लिए पूरे मुल्क को गिरवी रख दिया. क्रिप्टो डील की, रेअर अर्थ मिनरल्स सहित एक से एक नजराने पेश किए. कहा जा रहा है कि जहां अवाम अमेरिका के विरोध में है, वहीं सरकार और सेना अमेरिका के समर्थन में खड़ी है.

ईरान पर हमले के बाद क्या बोले शहबाज शरीफ!

ऐसे वक्त में जब मुस्लिम देशों पर ईरान पर हमला हुआ है, पाकिस्तान ने चुप्पी साध ली है. उसे डर है कि कहीं अमेरिका नाराज न हो जाए. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खामेनेई की मौत के बाद अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का हवाला देकर चिंता जरूर जताई, लेकिन इससे ज्यादा एक शब्द नहीं कहा. पाकिस्तानी पीएम ने यह जरूर कहा कि युद्ध के दौरान भी राष्ट्र प्रमुखों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. हालांकि, शहबाज शरीफ ने अमेरिका या अमेरिकी कार्रवाई की निंदा करने, यहां तक कि नाम लेने से भी परहेज किया.

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बताते चलें कि ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से कई जगहों पर शोक का माहौल है. कराची में मस्जिदों और इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत का मातम मनाने के लिए शोक सभाएं आयोजित की गईं. वहीं ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फहान में भी खामेनेई समर्थक सड़कों पर उतरे और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

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