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अमेरिका में कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया गिरफ्तार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से है दुश्मनी; अब भारत लाने की तैयारी
अमेरिकी एजेंसी FBI ने भारत में हत्या, रंगदारी और अपहरण समेत कई मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को गिरफ्तार किया है. अब भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया पर काम कर सकती हैं.
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भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से चुनौती बना गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने उसे गिरफ्तार किया है. हिमांशु पर भारत में हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े कई मामलों में उसका नाम सामने आया है. दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में उसके नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियां लंबे समय से सतर्क रही हैं. हिमांशु के साथ एक और गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भी गिरफ़्तार किया गया है. नीरज पर पंजाब, दिल्ली-हरियाणा में हत्या, रंगदारी जैसे संगीन मामलों के 25 से ज्यादा मुक़दमे दर्ज हैं. अब उसकी गिरफ्तारी के बाद भारतीय एजेंसियों की नजर उसे भारत लाने की प्रक्रिया पर है, ताकि यहां दर्ज मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके.
17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में रखा कदम
हिमांशु भाऊ का संबंध हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव से बताया जाता है. उसे हिमांशु रिटोली के नाम से भी जाना जाता है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसने महज 17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा था. कम उम्र में ही उसका नाम गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आने लगा था. समय के साथ उसका कथित नेटवर्क रोहतक और झज्जर से आगे बढ़कर दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच गया. उसके खिलाफ हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में कई मामले दर्ज होने की बात कही गई है. हालांकि, अलग-अलग मामलों में आरोपों की स्थिति और न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकती है. बता दें कि हिमांशु के खिलाफ साल 2023 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था.
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जेल से फरारी के बाद भी चर्चा में आया नाम
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हिमांशु भाऊ की अपराध से जुड़ी कहानी में जेल से फरार होने की घटनाओं का भी जिक्र मिलता है. दी गई जानकारी के मुताबिक, वह अक्टूबर 2020 में हिसार की बोस्टल जेल से फरार हो गया था. इससे पहले भी उसके बाल सुधार गृह से फरार होने की बात सामने आई थी. इन घटनाओं के बाद उसकी तलाश और आपराधिक गतिविधियों को लेकर एजेंसियों की चिंता बढ़ी. वर्ष 2019 में रिटोली गांव से जुड़े एक मामले में उसका नाम सामने आया. इसके बाद न्यू मॉडल टाउन यूनियन के प्रधान संजय पुनिया से कथित रंगदारी मांगने के मामले में भी वह आरोपी बताया गया. जमानत पर बाहर आने के बाद वर्ष 2020 और 2021 के कुछ फायरिंग मामलों में भी उसका नाम जुड़ा. वर्ष 2022 में हंसराज हत्याकांड में भी उसे आरोपी बताया गया था.
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कई गैंगों से संबंध और पुरानी दुश्मनी
हिमांशु भाऊ के कथित संबंध नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से बताए जाते हैं. वहीं, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े गैंगों के साथ उसकी दुश्मनी की चर्चा भी रही है. वर्ष 2022 में हरियाणा में 24 घंटे के भीतर हुई तीन हत्याओं और अभिनेता एल्विश यादव के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में भी उसके नाम और कथित जिम्मेदारी को लेकर चर्चा हुई थी. इन मामलों में उसकी भूमिका की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर ही की जानी चाहिए.
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बताते चलें कि हिमांशु भाऊ के पहले पुर्तगाल में होने की जानकारी सामने आई थी. बाद में उसके अमेरिका में होने की बात कही गई. वर्ष 2023 में उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किए जाने का भी उल्लेख है. अब अमेरिकी गिरफ्तारी की खबर के बाद भारतीय एजेंसियों के सामने प्रत्यर्पण या अन्य लागू कानूनी प्रक्रिया के जरिए उसे भारत लाने की चुनौती होगी. गिरफ्तारी के बाद भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है. भारत लाए जाने की स्थिति में संबंधित अदालतों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई और आगे की कार्रवाई हो सकेगी. फिलहाल, उसकी गिरफ्तारी से जुड़े आधिकारिक विवरण और भारत प्रत्यर्पण की स्थिति की पुष्टि संबंधित एजेंसियों के बयानों से होना बाकी है.