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‘भारत विरोधी’ फैसले पर घिरे बालेन शाह की बढ़ीं मुसीबतें, करप्शन पर एक्शन के बीच होम मिनिस्टर ने ही फंसा दिया
भ्रष्ट्राचार को ढूंढ-ढूंढकर एक्शन लेने का दावा करने वाले बालेन शाह को उनके ही करीबी ने फंसा दिया. जेन जी आंदोलन में करप्शन के खिलाफ प्रमुख चेहरा बनकर उभरे गृह मंत्री गुरुंग ने इस्तीफा दे दिया है.
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Nepal Home Minister Sudan Gurung Resigns: बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद नेपाल करप्शन पर वार के लिए चर्चा में आ गया था. बालेन शाह सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में भी शुमार हुए, लेकिन अब यहां नई सरकार के गृह मंत्री ही विवादों में फंस गए हैं. सरकार गठन के एक महीने के अंदर गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने इस्तीफा दे दिया.
गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने इस्तीफा ऐसे समय में दिया है, जब उन पर निवेश और वित्तीय लेनदेन को लेकर उठे. उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी और कारोबारी दीपक भट्ट से कनेक्शन का भी आरोप है. इसके चलते गुरुंग भी जांच की आंच में फंस गए थे. उन्होंने बुधवार 22 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
इस्तीफे पर नेपाल के गृह मंत्री गुरुंग ने क्या कहा?
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नेपाल के अखबार कांतिपुर में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुंग का कहना है कि उन्होंने निष्पक्ष जांच में सहयोग और हितों के टकराव से बचने के लिए पद छोड़ने की बात कही. गुरुंग का कहना है कि उन्होंने नैतिकता के चलते पद छोड़ा है. गुरुंग ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘मैंने अपने खिलाफ उठे सवालों को गंभीरता से लिया है. मेरे लिए नैतिकता किसी भी पद से बड़ी है और जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है.’
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एक महीने में दूसरे मंत्री पर गिरी गाज
इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को हटाया गया था. उन पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे.
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गुरुंग पर क्या आरोप लगे?
नेपाल मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुदन गुरुंग और कारोबारी दीपक भट्ट के करीबी रिश्ते हैं. जब दीपक भट्ट को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है तो गुरुंग की वित्तीय गतिविधियों, निवेश और शेयर को लेकर भी सवाल उठे. मीडिया में उनके ट्रांजैक्शन डिटेल और कनेक्शन को लेकर कई रिपोर्ट्स आईं.
कांतिपुर अखबार ने गुरुंग के निजी खाते का रिकॉर्ड दिखाया. जिसमें दावा किया गया कि गुरुंग की उनकी संस्था ‘हामी नेपाल’ और कंपनियों के बीच बड़े पैमाने पर लेनदेन हुए.
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कौन हैं सुदन गुरुंग?
36 साल के सुदन गुरुंग सितंबर 2025 में हुए Gen Z आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे. उनकी उम्र 36 साल है. हालांकि उनको लेकर यह सवाल भी उठा कि वह जेन जी तो नहीं है फिर उनके आंदोलन का हिस्सा क्यों बने?
जब 27 मार्च को बालेन शाह प्रधानमंत्री बने तो गुरुंग को गृह मंत्री बनाया गया. बताया जा रहा है गुरुंग ने ही नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे. राजनीति में आने से पहले सुदन गुरुंग काठमांडू के मशहूर इवेंट मैनेजर और नाइट क्लब में डीजे थे. राजनीति में उनकी एंट्री Gen Z आंदोलन के बाद ही हुई.
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‘भारत विरोधी’ फैसले को लेकर घिरे बालेन शाह
नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इन दिनों नेपाल की जनता के निशाने पर है. वजह है एक फैसला, जो भारतीय सामानों से जुड़ा है. दरअसल, बालेन शाह सरकार ने भारतीय सामानों को लेकर ऐसा कदम उठाया है. जिसकी तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ से होने लगी है. भड़के लोगों ने PM बालेन शाह के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन भी किया. क्योंकि नेपाल में अब भारत से लाए जाने वाले 100 नेपाली रुपये से ज्यादा कीमत के सामान पर कस्टम ड्यूटी सख्ती से लागू करने का फैसला लिया गया है.
बालेन शाह सरकार ने यह फैसला भंसार नीति यानी कस्टम ड्यूटी के तहत लिया है. जिसे सख्ती से लागू भी कर दिया गया है. भारत से लाए जाने वाले सामान पर टैक्स के इस फैसले ले लोगों में रोष है. उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.
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दरअसल बीरगंज इलाके में भारत नेपाल की सीमा से दोनों देशों के लोग आवाजाही करते हैं. इस दौरान सीमा पार से सामानों की भी आवाजाही होती है, लेकिन अब सरकार ने राजस्व वसूली का नाम देते हुए 100 रुपए से ज्यादा कीमत वाले भारतीय सामानों पर टैक्स का बोझ लाद रही है, जो लोगों की जेब पर भी बड़ा असर डालेगा.
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