जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

धुरंधर से डरा मुनीर! चंद घंटे के अंदर इमरान खान को किया अस्पताल से जेल शिफ्ट, चप्पे-चप्पे पर जवान, फोन-फोटो भी बैन

इमरान खान से आसिम मुनीर इस कदर डरा हुआ कि उन्हें चंद घंटे के अंदर अस्पताल से जेल शिफ्ट कर दिया गया. पूरे रास्ते 1000+ जवानों की तैनाती की गई थी. इतना ही नहीं शिफा हॉस्पिटल में फोन-फोटो सब बैन कर दिया गया था.

Author
21 Aug 2026
( Updated: 21 Aug 2026
11:18 AM )
धुरंधर से डरा मुनीर! चंद घंटे के अंदर इमरान खान को किया अस्पताल से जेल शिफ्ट, चप्पे-चप्पे पर जवान, फोन-फोटो भी बैन
Image Source- IANS
Advertisement

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और आदेश के बाद अडियाला जेल से शीफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी जांच के बाद उन्हें फिर से जेल शिफ्ट कर दिया गया. इस दौरान सड़कों पर कर्फ्यू का आलम था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसिया धुरंधर फिल्म या धुरंधर स्टाइल किसी भी सुरक्षा थ्रेट से निपटने के लिए पूरे रास्ते सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की थी. जेल से अस्पताल और फिर अस्पताल से जेल जाते वक्त अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए थे.

बॉलीवुड मूवी धुंरधर से डरी पाक फौज!

रिपोर्ट्स के मुताबिक इमरान खान को अडियाला जेल में करीब 1,111 दिन बिताने के बाद, भारी सुरक्षा के बीच शिफा अस्पताल ले जाया गया. ख़बर के मुताबिक इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में उनके हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, एंग्जायटी और आंखों की जांच और इलाज की योजना है. हालांकि पाक फौज इतनी डरी हुई है कि खान को चंद घंटे के अंदर फिर से जेल शिफ्ट कर दिया गया.

इमरान खान के लिए छावनी में तब्दील कर दी गईं सड़कें

Advertisement

सूत्रों मुताबिक इस्लामाबाद पुलिस ने शिफा में इमारन खान के लिए वार्ड को सुरक्षित कर लिया और शिफा अस्पताल के सिक्योरिटी ज़ोन में स्टाफ के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल को सख्ती से बैन कर दिया गया. ऐसा इसलिए ताकि खान की एक भी तस्वीर बाहर ना जा सके और उनकी मौजूदा स्थिति की भनक उनके समर्थकों और आम अवाम को ना लग सके.

इतना ही नहीं पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल मिलाकर 830 से ज़्यादा फेडरल पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए. फोर्स की दो शिफ्ट में शाम 7:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक और सुबह 7:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक की ड्यूटी लगाई गई थी.

इमरान खान मामले में पाक सरकार को झटका

आपको बता दें कि इमरान खान की जांच के लिए ही उनकी पार्टी और वकीलों को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी. इसके बाद जाकर सुप्रीम कोर्ट ने खान को जेल से अस्पताल जाने की मोहलत दी गई. इसके बावजूद पाक सरकार ने कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाई थी.

Advertisement

हालांकि पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को गुरुवार को जोर का झटका दिया और पुनर्विचार याचिका लौटा दी. मालूम हो कि जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सुनाए फैसले के विरोध में सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने लौटा दिया. मामला इमरान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित करने का था. कोर्ट ने अपने 18 अगस्त के आदेश में सरकार को इसकी व्यवस्था करने को कहा था.

पाक सुप्रीम कोर्ट ने लौटा दी थी पुनर्विचार याचिका

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक डॉन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने अधूरे दस्तावेज और पेपर बुक होने का हवाला देते हुए याचिका वापस की. हालांकि, एक सूत्र के मुताबिक सरकार आवश्यक संशोधनों के साथ याचिका दोबारा दाखिल कर सकती है. इसके साथ ही रजिस्ट्रार की आपत्तियों के खिलाफ अपील भी की जा सकती है. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पीटीआई के महासचिव सलमान अकम रजा ने दावा किया कि अदालत की आपत्तियों के बाद सरकार ने अपनी पुनर्विचार याचिका वापस ले ली है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा, " सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त के आदेश का पालन न करने का कोई बहाना नहीं है और इमरान खान को तत्काल शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित किया जाना चाहिए." सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकार को निर्देश दिया था कि इमरान खान को दो दिनों के भीतर इस्लामाबाद स्थित शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए, जहां बहु-विषयक चिकित्सा बोर्ड उनकी जांच और उपचार करे.

तीन सदस्यीय पीठ ने यह अंतरिम आदेश जारी किया था. अदालत के समक्ष दायर याचिकाओं में इमरान को अस्पताल में भर्ती कराने, उनके निजी चिकित्सकों और परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति देने तथा उनके चिकित्सा रिकॉर्ड परिवार को उपलब्ध कराने की मांग की गई थी.

अदालत ने इमरान के निजी चिकित्सक और उनकी बहन को उनके इलाज से जुड़े रहने की अनुमति भी दी थी. साथ ही अधिकारियों को परिवार के साथ नियमित संपर्क सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.

हालांकि, सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए इस आदेश की समीक्षा और इसे वापस लेने की मांग की थी. सरकार ने तर्क दिया था कि आदेश जेल नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है तथा इमरान खान के मामले में भेदभावपूर्ण है.

इमरान खान को किस शर्त पर दी गई इलाज की छूट!

Advertisement

याचिका में कहा गया कि यदि अदालत ने इस कानूनी प्रावधान पर गौर किया होता तो पूर्व प्रधानमंत्री को अदियाला जेल से इस्लामाबाद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश पारित नहीं किया जाता. यह याचिका इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी के एडवोकेट जनरल नावेद हयात मलिक ने मुख्य आयुक्त की ओर से दायर की थी.

सूत्र ये भी बतातें हैं कि इमरान खान को इलाज के लिए एक ही शर्त पर पाक फौज की ओर से मोहलत दी गई कि वो मौजूदा पाक फौज और फील्ड मार्शल के लिए मुसीबत नहीं बनेंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि इमरान खान किसी कीमत पर समझौते के लिए तैयार नहीं हैं. वरना कब का उन्हें पाकिस्तान वापस ना आने की शर्त पर विदेश इलाज के लिए, निर्वासित जीवन के लिए जाने की डील दी गई थी. हालांकि अब जुल्फिकार बुखारी ने कहा है कि खान पाक फौज के लिए मुश्किलें खड़ी नहीं करेंगे.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान को भारत का एक और करारा जवाब... दिल्ली में हाई कमीशन के बाहर हटाई गई बैरिकेडिंग, जानें पूरा मामला

Advertisement

यह भी पढ़ें

आपको बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से अस्पताल शिफ्ट किए जाने के बीच उनके करीबी और  PTI के प्रवक्ता जुल्फी बुखारी ने किसी समझौते और खान-सेना के बीच नरमी के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि अगर इमरान खान जेल से बाहर आते हैं तो वह सेना या आर्मी चीफ आसिम मुनीर से सीधा टकराव नहीं करेंगे.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें